{"_id":"15165dfb209b923f1772738a0dee3adb","slug":"out-of-fear-of-defected-bsp-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाला बदल की आशंका में बसपा ने किया बाहर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाला बदल की आशंका में बसपा ने किया बाहर
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 20 Jan 2016 11:55 PM IST
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सपा और भाजपा से अपने एमएलसी कुंवर जयेश प्रसाद की नजदीकियों से बसपा नेतृत्व खासा कुपित था और कई बार मौके देने के बाद भी जिला पंचायत चुनाव में साफ तौर पर पार्टी के पक्ष में इनकी बेरुखी ने निर्णय लेने को मजबूर कर दिया। आने वाले दिनों में इनके पाला बदल की आशंका गहराने लगी थी और इसी क्रम में पार्टी ने बुधवार को इन्हें बाहर का रास्ता दिखाया।
पुश्तैनी तौर पर कांग्रेसी विचारधारा वाले बाबा कोठी के बड़े बाबा कहे जाने वाले जितेंद्र प्रसाद के निधन के बाद कुंवर जयेश प्रसाद सियासत में आए और पारंपरिक पारिवारिक विचारधारा का चोला उतारकर सपा का दामन थामा। तभी से बाबा कोठी राजनीतिक रूप से दो खेमों में खुलकर बंटी। कुंवर जयेश प्रसाद सपा से एमएलसी बने और बाद में बसपा के टिकट पर विधान परिषद पहुंचे। बसपा सूत्रों के अनुसार, गत लोकसभा चुनाव के दौरान से ही पार्टी के प्रति इनकी उदासीनता को लेकर नेतृत्व नाराज था। बीते दिनों सुर्खियों में रहे पत्रकार जगेंद्र मौत प्रकरण में सपा के राज्यमंत्री के पक्ष में जिले से लेकर राज्य मुख्यालय तक लाबिंग करने में भी इनका नाम उछला था। हाल ही संपन्न हुए जिला पंचायत चुनाव में इनकी रहस्यमय भूमिका ने नेतृत्व के माथे पर बल डाल दिया था।
जिला पंचायत चुनाव में इनके छोटे भाई कुंवर जीवेश प्रसाद खुटार प्रथम वार्ड से नामांकन किया और उनकी जीत पक्की मानते हुए बसपा नेतृत्व ने शाहजहांपुर जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अपनी कड़ी दावेदारी प्रस्तुत करने की रणनीति बुनने लगा था। पार्टी सूत्रों की मानें तो जीवेश के जिपं मेंबरी जीतने के बाद कोठी पर दरबार लगने लगा था लेकिन वह बसपा के पक्ष में नहीं था। वह और उनके सात करीबियों ने खुलकर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी का साथ दिया। साथ ही एमएलसी के राजा भैया से नजदीकियां होने की बात भी सामने आई जिनके कि भाजपा में जाने की चर्चा शुरू है। ऐसे में नेतृत्व को ऐन मौके पर इनके कभी भी पाला बदलने की आशंका को बल मिला तो इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।
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1. पार्टी के उच्च निर्देशों के अनुसार कुंवर जयेश प्रसाद को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के चलते बसपा से निष्कासित कर दिया गया है। इससे अधिक कुछ बताने की स्थिति में नहीं हूं। -- उदयवीर सिंह, जिलाध्यक्ष, बसपा।
2. बसपा से निष्कासन की कोई जानकारी मुझे नहीं मिली है। जब मिलेगी तो खुद ही उस बारे में बताउंगा। अभी कुछ नहीं जानता तो क्या कहूं। -- कुंवर जयेश प्रसाद।
माफी मांगने गए पूर्व जिलाध्यक्ष लौटाए गए
शाहजहांपुर। बसपा के शाहजहांपुर जिला के पूर्व अध्यक्ष और दर्जा राज्यमंत्री अरुण सागर बुधवार बरेली के एक होटल में रुके राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी से माफी मांगने और संगठन की मुख्य धारा में मौका दिए जाने का अनुरोध करने पहुंचे थे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय महासचिव ने इन्हें समय ही नहीं दिया और होटल में अपने सूट के दरवाजे के बाहर से लौटा दिया।
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पुश्तैनी तौर पर कांग्रेसी विचारधारा वाले बाबा कोठी के बड़े बाबा कहे जाने वाले जितेंद्र प्रसाद के निधन के बाद कुंवर जयेश प्रसाद सियासत में आए और पारंपरिक पारिवारिक विचारधारा का चोला उतारकर सपा का दामन थामा। तभी से बाबा कोठी राजनीतिक रूप से दो खेमों में खुलकर बंटी। कुंवर जयेश प्रसाद सपा से एमएलसी बने और बाद में बसपा के टिकट पर विधान परिषद पहुंचे। बसपा सूत्रों के अनुसार, गत लोकसभा चुनाव के दौरान से ही पार्टी के प्रति इनकी उदासीनता को लेकर नेतृत्व नाराज था। बीते दिनों सुर्खियों में रहे पत्रकार जगेंद्र मौत प्रकरण में सपा के राज्यमंत्री के पक्ष में जिले से लेकर राज्य मुख्यालय तक लाबिंग करने में भी इनका नाम उछला था। हाल ही संपन्न हुए जिला पंचायत चुनाव में इनकी रहस्यमय भूमिका ने नेतृत्व के माथे पर बल डाल दिया था।
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जिला पंचायत चुनाव में इनके छोटे भाई कुंवर जीवेश प्रसाद खुटार प्रथम वार्ड से नामांकन किया और उनकी जीत पक्की मानते हुए बसपा नेतृत्व ने शाहजहांपुर जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अपनी कड़ी दावेदारी प्रस्तुत करने की रणनीति बुनने लगा था। पार्टी सूत्रों की मानें तो जीवेश के जिपं मेंबरी जीतने के बाद कोठी पर दरबार लगने लगा था लेकिन वह बसपा के पक्ष में नहीं था। वह और उनके सात करीबियों ने खुलकर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी का साथ दिया। साथ ही एमएलसी के राजा भैया से नजदीकियां होने की बात भी सामने आई जिनके कि भाजपा में जाने की चर्चा शुरू है। ऐसे में नेतृत्व को ऐन मौके पर इनके कभी भी पाला बदलने की आशंका को बल मिला तो इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।
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1. पार्टी के उच्च निर्देशों के अनुसार कुंवर जयेश प्रसाद को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के चलते बसपा से निष्कासित कर दिया गया है। इससे अधिक कुछ बताने की स्थिति में नहीं हूं। -- उदयवीर सिंह, जिलाध्यक्ष, बसपा।
2. बसपा से निष्कासन की कोई जानकारी मुझे नहीं मिली है। जब मिलेगी तो खुद ही उस बारे में बताउंगा। अभी कुछ नहीं जानता तो क्या कहूं। -- कुंवर जयेश प्रसाद।
माफी मांगने गए पूर्व जिलाध्यक्ष लौटाए गए
शाहजहांपुर। बसपा के शाहजहांपुर जिला के पूर्व अध्यक्ष और दर्जा राज्यमंत्री अरुण सागर बुधवार बरेली के एक होटल में रुके राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी से माफी मांगने और संगठन की मुख्य धारा में मौका दिए जाने का अनुरोध करने पहुंचे थे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय महासचिव ने इन्हें समय ही नहीं दिया और होटल में अपने सूट के दरवाजे के बाहर से लौटा दिया।