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पुश्तैनी जमीन पर नाला बनाने के विरोध में दिया धरना
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तिलहर तहसील के खमरिया गांव में दबंगों ने सरकारी नाला पाटकर कब्जा कर लिया और अब पुलिस से मिलकर गांव के ही अजय द्विवेदी की जमीन पर नया नाला खोदकर उनकी जमीन कब्जाने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले मेें गढ़ियारंगीन थाना पुलिस और तिलहर के एसडीएम स्तर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर अजय ने परिवार सहित कलक्ट्रेट में धरना दिया और डीएम के नाम सिटी मजिस्ट्रेट वनिता सिंह को ज्ञापन देकर नाला पाटने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर न्याय दिलाने की गुहार की।
धरना पर पीड़ित परिवार के बुजुर्ग मुखिया राधेश्याम द्विवेदी से लेकर उनकी दो वर्षीय पौत्री सुनयना मौजूद रहे। धरना में संजीव कुमार, कांति देवी, दुलारी देवी, विजय कुमार, मयंक, अंकुर, शशांक, कीर्ति, श्रुति, पिंकी आदि शामिल रहे। अजय ने बताया कि उनके घर के सामने ग्राम समाज की जमीन पर कई दशक पुराना नाला है। करीब दो सौ परिवारों का इसी नाले से जल निकासी है। गांव के ही एक असरदार परिवार ने कुछ माह पहले सरकारी नाला पाटकर कब्जा कर लिया। विरोध करने पर गालीगलौज की, लेकिन सूचना देने पर भी पुलिस ने कोई मदद नहीं की।
बुजुर्ग राधेश्याम के अनुसार दूसरे पक्ष के लोगों ने पुलिस की मिलीभगत से ब्लॉक के अधिकारियों को गांव लाकर उनकी जमीन पर नाला खुदवाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। तिलहर के एसडीएम ने पाटा गया पुराना खुलवाने के निर्देश दिए, लेकिन पुलिस उनकी पुश्तैनी जगह पर नाला खुदवाने का आमादा है, जिससे पशुओं को बांधने की जगह भी नहीं बचेगी। ज्ञापन मेें नाला पाटने वालों के नामों का उल्लेख करते हुए बुजुर्ग राधेश्याम ने कहा कि उन्हें गांव से पलायन को मजबूर किया जा रहा है और जल्द उचित कार्रवाई नहीं होने पर आत्महत्या को मजबूर हो जाएंगे। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि पीड़ित परिवार को उचित कार्रवाई का आश्वासन देने के साथ उनका ज्ञापन तिलहर के एसडीएम को भेजा गया है।
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धरना पर पीड़ित परिवार के बुजुर्ग मुखिया राधेश्याम द्विवेदी से लेकर उनकी दो वर्षीय पौत्री सुनयना मौजूद रहे। धरना में संजीव कुमार, कांति देवी, दुलारी देवी, विजय कुमार, मयंक, अंकुर, शशांक, कीर्ति, श्रुति, पिंकी आदि शामिल रहे। अजय ने बताया कि उनके घर के सामने ग्राम समाज की जमीन पर कई दशक पुराना नाला है। करीब दो सौ परिवारों का इसी नाले से जल निकासी है। गांव के ही एक असरदार परिवार ने कुछ माह पहले सरकारी नाला पाटकर कब्जा कर लिया। विरोध करने पर गालीगलौज की, लेकिन सूचना देने पर भी पुलिस ने कोई मदद नहीं की।
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बुजुर्ग राधेश्याम के अनुसार दूसरे पक्ष के लोगों ने पुलिस की मिलीभगत से ब्लॉक के अधिकारियों को गांव लाकर उनकी जमीन पर नाला खुदवाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। तिलहर के एसडीएम ने पाटा गया पुराना खुलवाने के निर्देश दिए, लेकिन पुलिस उनकी पुश्तैनी जगह पर नाला खुदवाने का आमादा है, जिससे पशुओं को बांधने की जगह भी नहीं बचेगी। ज्ञापन मेें नाला पाटने वालों के नामों का उल्लेख करते हुए बुजुर्ग राधेश्याम ने कहा कि उन्हें गांव से पलायन को मजबूर किया जा रहा है और जल्द उचित कार्रवाई नहीं होने पर आत्महत्या को मजबूर हो जाएंगे। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि पीड़ित परिवार को उचित कार्रवाई का आश्वासन देने के साथ उनका ज्ञापन तिलहर के एसडीएम को भेजा गया है।
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