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कुर्रिया कलां में सात उर्वरक प्रतिष्ठानों के बिक्री लाइसेंस निलंबित
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खरीफ सीजन में उर्वरकों की कालाबाजारी और ओवररेटिंग रोकने के लिए डीएम इंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को जिले की सभी तहसीलों में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापे मारे। अधिकारिक टीमों ने कई दुकानों से जांच के लिए विभिन्न उर्वरकों के नमूने लिए। इस दौरान कुर्रिया कलां में कई दुकानदार दुकानें बंद करके भाग गए। वहां के ऐसे सात उर्वरक प्रतिष्ठानों के बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
फसली सीजन रबी का हो या फिर खरीफ का, कृषि प्रधान जिले में गेहूं, धान, गन्ना आदि मुख्य फसलों की बुआई का समय नजदीक आने के लिए उर्वरकों की मांग बढ़ने के साथ उनकी कालाबाजारी ओर अधिक मूल्य वसूले जाने की शिकायतें भी शुरू हो जाती हैं। दो साल पहले कई किसानों ने नकली उर्वरक से फसलें खराब होने की शिकायत भी की थी। इस बार जिले में खरीफ सीजन के लिए यूरिया, डीएपी, पोटाश आदि खादें प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके बावजूद डीएम ने अधिकारियों को उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा नहीं हो।
डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने तहसील सदर, जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिव शंकर गौतम ने पुवायां, अपर जिला कृषि अधिकारी एसपी श्रीवास्तव ने तिलहर और उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी आनंद त्रिपाठी ने कलान एवं जलालाबाद तहसीलों में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापे मारे। जिला कृषि अधिकारी डॉ. पाठक ने बताया कि कुल 61 दुकानों पर छापे मारे गए और संदेह के आधार पर उर्वरकों के 21 नमूने प्रयोगशाला जांच को सील कराए गए। सभी दुकानों पर रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड का परीक्षण कर गोदामों के स्टॉक से मिलान किया गया।
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डीएओ डॉ. पाठक के अनुसार निरीक्षण के लिए कुर्रिया कलां पहुंचे। यहां के कई उर्वरक विक्रेता अपनी दुकानें बंद कर भाग गए। इसे सरकारी कार्य में अवरोध डालने का प्रयास मानते हुए कुर्रिया कलां स्थित त्रिवेदी खाद भंडार, हरिओम खाद भंडार, वाजपेयी खाद भंडार, जय मां काली खाद भंडार, चौहान खाद भंडार, बालाजी ट्रेडर्स और मेसर्स शिव ट्रेडर्स के उर्वरक बिक्री लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। उन्होंने बताया कि जिन दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा जा रहा है।
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फसली सीजन रबी का हो या फिर खरीफ का, कृषि प्रधान जिले में गेहूं, धान, गन्ना आदि मुख्य फसलों की बुआई का समय नजदीक आने के लिए उर्वरकों की मांग बढ़ने के साथ उनकी कालाबाजारी ओर अधिक मूल्य वसूले जाने की शिकायतें भी शुरू हो जाती हैं। दो साल पहले कई किसानों ने नकली उर्वरक से फसलें खराब होने की शिकायत भी की थी। इस बार जिले में खरीफ सीजन के लिए यूरिया, डीएपी, पोटाश आदि खादें प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके बावजूद डीएम ने अधिकारियों को उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा नहीं हो।
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डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने तहसील सदर, जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिव शंकर गौतम ने पुवायां, अपर जिला कृषि अधिकारी एसपी श्रीवास्तव ने तिलहर और उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी आनंद त्रिपाठी ने कलान एवं जलालाबाद तहसीलों में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापे मारे। जिला कृषि अधिकारी डॉ. पाठक ने बताया कि कुल 61 दुकानों पर छापे मारे गए और संदेह के आधार पर उर्वरकों के 21 नमूने प्रयोगशाला जांच को सील कराए गए। सभी दुकानों पर रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड का परीक्षण कर गोदामों के स्टॉक से मिलान किया गया।
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डीएओ डॉ. पाठक के अनुसार निरीक्षण के लिए कुर्रिया कलां पहुंचे। यहां के कई उर्वरक विक्रेता अपनी दुकानें बंद कर भाग गए। इसे सरकारी कार्य में अवरोध डालने का प्रयास मानते हुए कुर्रिया कलां स्थित त्रिवेदी खाद भंडार, हरिओम खाद भंडार, वाजपेयी खाद भंडार, जय मां काली खाद भंडार, चौहान खाद भंडार, बालाजी ट्रेडर्स और मेसर्स शिव ट्रेडर्स के उर्वरक बिक्री लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। उन्होंने बताया कि जिन दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा जा रहा है।