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और महिला के हाथ से नोटों से भरा पर्स छीन पेड़ पर चढ़ा बंदर
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शाहजहांपुर। विकास भवन स्थित बड़ौदा ग्रामीण बैंक से वेतन निकालकर घर जा रही महिला के हाथ से एक बंदर रुपयों से भरा पर्स छीन ले गया। महिला के चिल्लाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। इतनी देर में बंदर छलांग मारकर पेड़ पर जा चढ़ा और पर्स खोलकर उसमें रखे रुपयों को एक-एक कर नीचे फेंकने लगा। बैग में 20 हजार रुपये थे, जिसमें छह सौ रुपये महिला को नहीं मिल सके।
शुक्रवार को बाडूजई मोहल्ले में रहने वाली पूनम अपनी बेटी रजनी के साथ विकास भवन स्थित बड़ौदा ग्रामीण बैंक से वेतन निकालने आईं थीं। बैंक से रुपये निकालने के बाद वह विकास भवन से निकलकर कलक्ट्रेट गेट के पास आईं तो एक बंदर ने उनके हाथ से रुपयों से भरा पर्स छीन लिया। वह जब तक कुछ समझ पातीं बंदर छलांग लगाकर सीधा पेड़ पर चढ़ गया। महिला और उसकी बेटी के चिल्लाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। कलक्ट्रेट गेट पर खड़े होमगार्डों ने महिला को तसल्ली दी और बंदर के हाथ से पर्स छुड़वाने का प्रयास किया, लेकिन बंदर पेड़ की ऊपरी डाल पर जाकर बैठ गया। इसके बाद बंदर ने पर्स को खोलकर उसमें रखे रुपयों को एक-एक कर नीचे फेंकना शुरू कर दिया। पेड़ से रुपये गिरते देख कुछ लोगों ने लपकने का प्रयास किया। जिन्हें होमगार्डों ने डपट दिया और महिला से अपने रुपये उठाने के लिए कहा। महिला पूनम ने बताया कि वह अपने पति की जगह पर हथौड़िया गांव में सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात हैं। वह अपनी तनख्वाह बैंक से निकालने आई थी। बैंक से रुपये निकालकर पर्स में रख लिए थे। कलक्ट्रेट के बाहर आकर बेटी को पर्स से कुछ रुपये निकालकर दे रही थी, तभी झप्पटा मारकर बंदर हाथ से पर्स छीन ले गया। वह बुरी तरह घबरा गईं। वह कुछ समझती इससे पहले ही बंदर पेड़ पर चढ़ गया। उनके पर्स में 20 हजार रुपये थे, जिसमें से उन्हें 19 हजार 400 रुपये मिल गए हैं। छह सौ रुपये नहीं मिल सके।
तमाशबीनों ने पैरों से रुपये दबाने का किया प्रयास
महिला से पर्स छीनने के बाद पेड़ पर चढ़े बंदर ने जब ऊपर से रुपये गिराना शुरू किया तो वहां खड़े तमाशबीनों ने रुपयों को अपने पैरों के नीचे दबा लिया। भला हो वहां खड़े होमगार्ड स्वाले हसन, राकेश शुक्ला और पीआरडी जवान अशोक कुमार का जिन्होंने आसपास खड़े लोगों को हटाकर महिला का एक-एक नोट उठवाकर उसे थमा दिए। जिसके लिए महिला ने तीनों को धन्यवाद दिया।
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शुक्रवार को बाडूजई मोहल्ले में रहने वाली पूनम अपनी बेटी रजनी के साथ विकास भवन स्थित बड़ौदा ग्रामीण बैंक से वेतन निकालने आईं थीं। बैंक से रुपये निकालने के बाद वह विकास भवन से निकलकर कलक्ट्रेट गेट के पास आईं तो एक बंदर ने उनके हाथ से रुपयों से भरा पर्स छीन लिया। वह जब तक कुछ समझ पातीं बंदर छलांग लगाकर सीधा पेड़ पर चढ़ गया। महिला और उसकी बेटी के चिल्लाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। कलक्ट्रेट गेट पर खड़े होमगार्डों ने महिला को तसल्ली दी और बंदर के हाथ से पर्स छुड़वाने का प्रयास किया, लेकिन बंदर पेड़ की ऊपरी डाल पर जाकर बैठ गया। इसके बाद बंदर ने पर्स को खोलकर उसमें रखे रुपयों को एक-एक कर नीचे फेंकना शुरू कर दिया। पेड़ से रुपये गिरते देख कुछ लोगों ने लपकने का प्रयास किया। जिन्हें होमगार्डों ने डपट दिया और महिला से अपने रुपये उठाने के लिए कहा। महिला पूनम ने बताया कि वह अपने पति की जगह पर हथौड़िया गांव में सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात हैं। वह अपनी तनख्वाह बैंक से निकालने आई थी। बैंक से रुपये निकालकर पर्स में रख लिए थे। कलक्ट्रेट के बाहर आकर बेटी को पर्स से कुछ रुपये निकालकर दे रही थी, तभी झप्पटा मारकर बंदर हाथ से पर्स छीन ले गया। वह बुरी तरह घबरा गईं। वह कुछ समझती इससे पहले ही बंदर पेड़ पर चढ़ गया। उनके पर्स में 20 हजार रुपये थे, जिसमें से उन्हें 19 हजार 400 रुपये मिल गए हैं। छह सौ रुपये नहीं मिल सके।
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तमाशबीनों ने पैरों से रुपये दबाने का किया प्रयास
महिला से पर्स छीनने के बाद पेड़ पर चढ़े बंदर ने जब ऊपर से रुपये गिराना शुरू किया तो वहां खड़े तमाशबीनों ने रुपयों को अपने पैरों के नीचे दबा लिया। भला हो वहां खड़े होमगार्ड स्वाले हसन, राकेश शुक्ला और पीआरडी जवान अशोक कुमार का जिन्होंने आसपास खड़े लोगों को हटाकर महिला का एक-एक नोट उठवाकर उसे थमा दिए। जिसके लिए महिला ने तीनों को धन्यवाद दिया।
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