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सट्टा प्रदर्शन मेला अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ा
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तिलहर। किसान सहकारी चीनी मिल की ओर से समिति स्तरीय सर्वे सट्टा प्रदर्शन मेला एवं आपत्ति निस्तारण के चार दिवसीय शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। इस दौरान 478 शिकायतों में से 291 शिकायतों का निस्तारण किया गया। शुक्रवार को अंतिम दिन सट्टा मेला प्रदर्शन अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान गन्ना अधिकारी सहित कई गन्ना पर्यवेक्षक नदारद रहे जिसके कारण गन्ना किसान निस्तारण के लिए भटकते नजर आए।
चीनी मिल मैदान में चार दिवसीय सट्टा मेला प्रदर्शन एवं आपत्ति निस्तारण शिविर के अंतिम दिन शुक्रवार को सुबह बारिश होने के कारण मेले प्रदर्शन प्रभावित रहा। उसे समय बाद बारिश खुलने के बाद क्षेत्र के किसान ग्राउंड में पहुंच गए लेकिन चीनी मिल के गन्ना अधिकारी सहित कई क्षेत्रों के गन्ना पर्यवेक्षक नदारद रहे जिसके कारण गन्ना किसान अपनी समस्या को लेकर इधर-उधर भटकते रहे।
गांव डभौरा के गन्ना कृषक अरुण कुमार, नीरज कुमार सिंह, जोगपाल, बांकेलाल ने बताया कि हम लोग सुबह से ही यहां भटक रहे हैं लेकिन हमारे क्षेत्र के गन्ना पर्यवेक्षक मुकेश रस्तोगी यहां पर नहीं है आरोप लगाया कि कल गुरुवार को भी हम लोग इस मेले में आए थे लेकिन गन्ना पर्यवेक्षक कल भी नहीं मिले थ इस कारण मेरा गन्ना संशोधन नहीं हो पा रहा है कृषक जोगपाल ने बताया कि उसका 12 बीघा में गन्ना है लेकिन उसे एक पर्ची मिली है सट्टा ठीक करवाने के लिए दो दिन से चक्कर लगा रहा है लेकिन गन्ना पर्यवेक्षक नहीं हैं। गन्ना किसानों ने आरोप लगाया कि सट्टा मेला तो एक दिखावा है गन्ना पर्यवेक्षक बाद में घरों पर बैठकर ले देकर काम निपटा देते हैं इसलिए मेले में बैठने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
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उधर, जेष्ठ गन्ना निरीक्षक उमाकांत द्विवेदी ने बताया कि कुछ गन्ना पर्यवेक्षक ऑफिस में बैठकर कोड खोल रहे हैं ऑफिस का काम निपटाने के बाद वह किसानों की समस्याएं सुनेंगे। उन्होंने बताया कि चार दिनों के शिविर में 478 शिकायतें प्राप्त हुई है जिसमें इन 291 शिकायतों का निस्तारण अभी तक किया गया है।
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चीनी मिल मैदान में चार दिवसीय सट्टा मेला प्रदर्शन एवं आपत्ति निस्तारण शिविर के अंतिम दिन शुक्रवार को सुबह बारिश होने के कारण मेले प्रदर्शन प्रभावित रहा। उसे समय बाद बारिश खुलने के बाद क्षेत्र के किसान ग्राउंड में पहुंच गए लेकिन चीनी मिल के गन्ना अधिकारी सहित कई क्षेत्रों के गन्ना पर्यवेक्षक नदारद रहे जिसके कारण गन्ना किसान अपनी समस्या को लेकर इधर-उधर भटकते रहे।
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गांव डभौरा के गन्ना कृषक अरुण कुमार, नीरज कुमार सिंह, जोगपाल, बांकेलाल ने बताया कि हम लोग सुबह से ही यहां भटक रहे हैं लेकिन हमारे क्षेत्र के गन्ना पर्यवेक्षक मुकेश रस्तोगी यहां पर नहीं है आरोप लगाया कि कल गुरुवार को भी हम लोग इस मेले में आए थे लेकिन गन्ना पर्यवेक्षक कल भी नहीं मिले थ इस कारण मेरा गन्ना संशोधन नहीं हो पा रहा है कृषक जोगपाल ने बताया कि उसका 12 बीघा में गन्ना है लेकिन उसे एक पर्ची मिली है सट्टा ठीक करवाने के लिए दो दिन से चक्कर लगा रहा है लेकिन गन्ना पर्यवेक्षक नहीं हैं। गन्ना किसानों ने आरोप लगाया कि सट्टा मेला तो एक दिखावा है गन्ना पर्यवेक्षक बाद में घरों पर बैठकर ले देकर काम निपटा देते हैं इसलिए मेले में बैठने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
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उधर, जेष्ठ गन्ना निरीक्षक उमाकांत द्विवेदी ने बताया कि कुछ गन्ना पर्यवेक्षक ऑफिस में बैठकर कोड खोल रहे हैं ऑफिस का काम निपटाने के बाद वह किसानों की समस्याएं सुनेंगे। उन्होंने बताया कि चार दिनों के शिविर में 478 शिकायतें प्राप्त हुई है जिसमें इन 291 शिकायतों का निस्तारण अभी तक किया गया है।