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पांच कर्मचारियों के भरोसे जिले भर का बीएसएनएल नेटवर्क

Mon, 03 Feb 2020 01:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 03 Feb 2020 01:52 AM IST
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only five 5 people will lead bsnl network in shahjahanpur
शाहजहांपुर। भारत संचार निगम लिमिटेड के जिला प्रबंधक समेत 35 अधिकारियों-कर्मचारियों ने 31 दिसंबर को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है। अब जिले भर में बीएसएनएल का संचार नेटवर्क सामान्य बनाए रखने के लिए फील्ड स्टाफ के नाम पर सिर्फ पांच फोन मैकेनिक बचे हैं। ऐसे में तमाम सरकारी और निजी कार्यालयों में बीएसएनएल के लैंडलाइन एवं 2200 ब्राडबैंड कनेक्शन के अलावा 200 से ज्यादा बेस टर्मिनल स्टेशन (बीटीएस), तमाम बैंकों एवं फैक्टरियों की लीज लाइनों की समयबद्ध समस्या दूर करना बीएसएनएल के लिए एक कड़ी चुनौती होगी। अधिकारी भी यह मानते हैं कि मैन पॉवर बढ़ाने के लिए निगम प्रबंधन को स्पष्ट नीति बनानी होगी।
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इन अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया वीआरएस
जिला प्रबंधक पद पर नियुक्त रहे सौरभ मिश्रा, गांवों को इंटरनेट सेवा से जोड़ने के लिए भारत सरकार द्वारा लागू नोफन स्कीम के नोडल अधिकारी/मंडलीय अभियंता दूरसंचार रवींद्र कुमार, राजस्व लेखा अधिकारी एसपी सिंह यादव, कार्यालय अधीक्षक आरती रानी एवं एससी वर्मा (जलालाबाद) और 30 फोन मैकेनिक ने वीआरएस लिया है।
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हवाई पट्टी समेत तमाम कंपनियों में बीएसएनएल की लिंक लाइन
लखनऊ का अमौसी एयरपोर्ट बीएसएनएल की स्पेशल लाइन के जरिये जलालाबाद की हवाई पट्टी से जुड़ा है। एयर अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने उड़ान के दौरान एयर क्रॉफ्ट और पायलटों से संपर्क बनाए रखने के लिए जलालाबाद हवाई पट्टी के लिए स्पेशल कम्युनिकेशन लाइन ली है और उसे चलाए रखने की जिम्मेदारी भी बीएसएनएल पर है। इसके अलावा बिंदल एग्रो (अब कृभको), ओसीएफ, रिलायंस तापीय परियोजना ने भी स्पेशल लिंक लाइनें ले रखी हैं
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जिले में बीएसएनएल का नेटवर्क
कुल उपभोक्ता 110000
प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ता 80000
पोस्टपेड मोबाइल उपभोक्ता 22000
ब्रॉड बैंड कनेक्शन 2200
फिक्स फोन कनेक्शन 1100
बेस टर्मिनल स्टेशन (बीटीएस) 200
महानगर में बीटीएस (फोर जी) 29
भारत सरकार की नीति के अनुसार देश के सभी राज्यों मेें बीएसएनएल स्टाफ कम हो रहा है। एसडीओ, जेटीओ संवर्ग के अधिकारी विभाग से मिलते रहेंगे, लेकिन तकनीकी स्टाफ की व्यवस्था आउटसोर्सिंग से करने की योजना बनाई जा रही है। निजी क्षेत्र की कई टेलीकॉम कंपनियों का अस्तित्व मिटने वाला है और अब आने वाला समय बीएसएनएल का होगा।
- आरएन सिंह, जिला प्रबंधक (दूरसंचार), बीएसएनएल
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