शाहजहांपुर। कोलाघाट पुल पर यातायात शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहा धरना मंगलवार को स्थगित कर दिया गया। धरने पर बैठे लोगों ने 20 अक्तूबर तक का समय देते हुए कहा कि इस बीच आवागमन शुरू न किया गया तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। वहीं राज्य सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक ने सीएसआईआर को जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है। रिपोर्ट सकारात्मक मिलते ही यातायात शुरू कर दिया जाएगा।
29 नवंबर 2021 को कोलाघाट पुल टूटने के साथ ही खासतौर पर मिर्जापुर, कलान, जलालाबाद के लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है। कोलाघाट पुल पर दोबारा निर्माण पूरा होने के बाद भी उसे शुरू नहीं किया गया है। इससे आक्रोशित आम आदमी पार्टी की महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष तारा यादव ने सोमवार को नवैया घाट पर धरना शुरू कर दिया था। उनके समर्थन में भारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय जन विकास मंच, भारत परिषद और बार एसोसिएशन के सदस्य आ गए थे। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजेश चौधरी ने धरनास्थल पर आकर आंदोलनकारियों से वार्ता की। उन्होंने आश्वस्त किया कि 15 अक्तूबर तक पैंटून पुल तैयार करा दिया जाएगा। तहसीलदार कलान धरनास्थल पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों से हुई वार्ता का हवाला देते हुए धरना खत्म करने की अपील की। उदयवीर सिंह यादव, तारा यादव और विनोद यादव ने तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर कहा कि 20 अक्तूबर तक यातायात शुरू नहीं किया गया तो वे लोग फिर आंदोलन करेंगे। इसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया।
पत्र भेजकर बताई जरूरत
सेतु निगम के डीपीएम ब्रजेंद्र मौर्य ने सेतु अभियांत्रिकी एवं संरचनाएं (सीएसआईआर) के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक व प्रमुख को पत्र लिखा है। लिखा है कि सीएसआईआर ने कोलाघाट पुल की तकनीकी जांच की है। उनके द्वारा प्रस्ताव के स्कोप आफ वर्क के अनुसार रेन्डमली सेलेक्टेड वॉल्स की एडीक्वेसी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जानी थी। पूर्ण रिपोर्ट न उपलब्ध कराते हुए केवल सब-स्ट्रक्चर और सुपर स्ट्रक्चर की रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई। वेल फाउंडेशन जांच की रिपोर्ट नहीं दी गई है। डीपीएम ने सीएसआईआर से अंतिम रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया ताकि हल्के वाहनों के लिए सेतु को खोला जा सके।