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Shahjahanpur News: सर्दी में पुरानी चोट ताजा, दोगुनी हो गई ओपीडी

Wed, 10 Jan 2024 12:33 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Wed, 10 Jan 2024 12:33 AM IST
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Old injury fresh in winter, OPD doubled
राजकीय मेडिकल कॉलेज के हड्डी विभाग में भर्ती मरीज। संवाद
शाहजहांपुर। सर्दी की वजह से राजकीय मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विभाग की ओपीडी दोगुनी हो गई है। यहां ज्यादातर ऐसे मरीज आ रहे हैं जिनकी पूर्व में लगी चोट का दर्द इस भीषण ठंड में ताजा हो गया है। वहीं, जोड़ों का दर्द और गठिया की समस्या से पीड़ित लोग पहुंच रहे हैं। डॉक्टर उपचार के साथ ठंड में क्या ऐहतियात बरतनी है, इसकी सलाह दे रहे हैं।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅ. संदीप कुमार ने बताया कि ओपीडी में रोजाना ही दो सौ मरीज आ रहे हैं। जबकि, पहले इसके आधे ही मरीज रहते थे। सर्दी बढ़ने के बाद कमर, घुटना और पुराने चोट के दर्द के मरीज बढ़ गए हैं। पूर्व में चोट या हादसे के कारण जख्मी हुए थे, उन्हें दवा के साथ फिजियोथैरेपी कराने का परामर्श दिया जाता है। वहीं, मौसम में बदलाव के कारण गठिया के मरीजों में भी इजाफा हुआ है। इस मौसम में अर्थराइटिस की समस्या बढ़ जाती है। इस वजह से जोड़ों में दर्द और सूजन हो जाती है।
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-शहर के तारीन जलालनगर के सुलेमान को दो साल पहले चोट लग गई थी। हड्डी में चोट लगने पर दवा लेकर ठीक हो गए। मौसम में बदलाव होने पर फिर से हड्डी की चोट दर्द करने लगी है। वह दोबारा से दवा ले रहे हैं।
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-सिंधौली कस्बे के सुनील चौहान को कमर में दर्द होने की शिकायत है। डॉक्टर ने शरीर के अंदर का तरल पदार्थ सूखने की जानकारी दी। वह दवा के साथ फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह भी ले रहे हैं।

-गर्मी से सर्दी की ओर बढ़ने पर शरीर की मांसपेशियों में जकड़न बढ़ने लगती है। डिहाइड्रेशन होने की वजह से शरीर के अंदर तरल पदार्थ सूखने से यह समस्या आती है। हल्के व्यायाम और थेरेपी से आराम मिल जाता है।

डॉ.अमित सिंह, फिजियोथेरेपिस्ट

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ये बरतें सावधानी
-मांसपेशियों में जकड़न से बचने के लिए व्यायाम करें।
-अधिक पानी पीयें, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो।
-ठंडी चीजों को खाने से बचें, ये नुकसान कर सकती है।
-सर्द हवाओं से बचें, शरीर को छिपाकर रखें।
-दर्द दबाने के लिए लंबे समय तक पेन किलर का सेवन न करें। समुचित इलाज कराएं।

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हृदयाघात और ब्रेन हेमरेज के पांच से छह मरीज रोजाना आ रहे
राजकीय मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग की ओपीडी में 50 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। इन्हें हाईब्लड प्रेशर, सीने में दर्द व हृदय से संबंधित अन्य बीमारियां हैं। आम दिन में तकरीबन 30 मरीज ही आते थे। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.केसी वर्मा बताते हैं कि हृदयाघात और ब्रेनहेमरेज के मरीज रोजाना ही पांच से छह आ रहे हैं। आमतौर पर सप्ताहभर में कभी-कभी ही एक या दो मरीज ही आते थे।
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हृदयाघात से बचने के लिए यह बरतें सावधानी
-डायबिटीज, ब्लड प्रेशर व डिप्रेशन आदि की दवा खाने में कोताही नहीं बरतें।
-सर्दी से बचे, सुबह या शाम की वॉक करते समय भी पर्याप्त कपड़ों को पहनें।
-रात में लघुशंका के लिए उठने पर अचानक से गरमी से ठंडक की ओर न जाएं।
-अल्कोहल, धूम्रपान, वसायुक्त खान-पान से बचे।
-ज्यादा व्यायाम से बचें। खासतौर पर कोरोना से ग्रस्त रहें हो भारी एक्सरसाइज से परहेज करें।
-डॉ.केसी वर्मा, हृदय रोग विशेषज्ञ

राजकीय मेडिकल कॉलेज के हड्डी विभाग में भर्ती मरीज। संवाद

राजकीय मेडिकल कॉलेज के हड्डी विभाग में भर्ती मरीज। संवाद

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