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Shahjahanpur News: अब परिवहन निगम को खटका ई-बसों का संचालन
Sun, 05 Mar 2023 12:41 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 05 Mar 2023 12:41 AM IST
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शाहजहांपुर। निजी बस संचालकों के बाद अब रोडवेज बस स्टाफ को भी नगर निगम की ओर से संचालित इलेक्ट्रिक बसें अखरने लगी हैं। रोडवेज बस अड्डे के सामने ई-बसों में यात्री बैठाए जाने पर परिवहन निगम के चालकों और परिचालकों ने राजस्व हानि का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कराई है। शनिवार को दोनों बसों के कर्मचारी आमने-सामने आ गए। जमकर नोकझोंक भी हो गई। वहीं रोडवेज बस स्टैंड के पास ही डग्गामार वाहन सवारी भरते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
शहर में अतिक्रमण और जाम के चलते ई-बसों का संचालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। ऐसे में बसों को पुवायां, बंडा, तिलहर, जलालाबाद और मोहम्मदी तक चलाया जा रहा। रोडवेज बस अड्डे के सामने से ही ई-बसें सवारियां भरतीं हैं। रोडवेज बस अड्डे से थोड़ी दूरी पर डग्गामार वाहन सवारियां बैठाकर परिवहन निगम को चूना लगाते हैं। इसके अलावा बरेली मोड़, हरदोई बाईपास पर भी डग्गामार वाहन सवारियां भरते हैं। यहां पर न परिवहन निगम आपत्ति जताता है और न ही पुलिस कार्रवाई करती है।
गर्मी में वातानुकूलित ई-बसें चलने से यात्रियों को लाभ मिलेगा लेकिन रोडवेज कर्मचारी बस अड्डे के पास से यात्रियों को लेने पर आपत्ति जता रहे हैं। सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ के शाखा मंत्री नृपेश सिंह और मंत्री अंजलि कुमार त्रिवेदी ने एआरएम से पत्राचार कर ई-बसों का रोडवेज बस अड्डे के सामने संचालन से राजस्व की हानि का मुद्दा उठाया है। पिछले शाहबाद में निजी बस ऑपरेटरों ने ई-बसों का विरोध किया था। तब ई-बस संचालक प्रभारी ने थाना प्रभारी को पत्र लिखकर सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की थी।
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कर्मचारियों से हुई नोकझोंक
रोडवेज बस अड्डे के सामने ई-बसों के भरे जाने का रोडवेज कर्मियों का विरोध शनिवार को सार्वजनिक हो गया। बस अड्डे पर रोडवेज के चालक और परिचालक व ई-बसों का स्टाफ आमने-सामने आ गया। जमकर नोकझोंक हुई। इस बीच अधिकारियों ने किसी तरह मामले को शांत किया। दावा है कि ई-बसों के स्टैंड के सामने खड़े होने से हर दिन एक लाख से ज्यादा का नुकसान हो रहा है। शनिवार को ई-बसों के चालक और परिचालक इकट्ठा हो गए। वहीं रोडवेज का स्टाफ भी एकत्रित हो गया। दोनों ओर से जमकर नोकझोंक हुई। रोडवेज के स्टाफ की भीड़ को देखकर ई-बस के चालक शांत हो गए।
-- -- -- -- -- -- -- डग्गामार वाहनों के खिलाफ किया पत्राचार
-सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ ने ई-बसों के साथ डग्गामार वाहनों से होने वाले नुकसान के बारे में भी पत्राचार किया। पत्र में कहा कि ई-बसों का संचालन ई-बसों के चालक यात्रियों को बस में बैठाकर राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसी तरह डग्गामार वाहन से भी राजस्व को हानि हो रही है। डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई के लिए डीएम और एसपी को भी पत्र भेजा गया है।
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-ई-बसों का संचालन बस अड्डे से होने से निगम को काफी नुकसान हो रहा। ई-बस के चालक बस अड्डे के अंदर गाड़ी खड़ी कर सवारी भरते हैं, जबकि यह नियम नहीं है।
आरके मिश्रा, प्रदेश उप महामंत्री, सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ
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-इलेक्ट्रानिक बसें के रोडवेज बस अड्डे के बाहर सवारी भरने से निगम को नुकसान हो रहा है। प्रतिदिन एक लाख से अधिक का नुकसान होने की अनुमान है।
विमल कुमार, डिपो इंचार्ज
-- -- -- एआरएम आरएम पांडेय ने बताया कि परिवहन निगम और ई-बसों के चालकों को बुलाकर समझाया गया है। दोनों के बीच समझौता कराया गया है। जिस व्यवस्था के तहत ई-बसों का संचालन हो रहा है, वैसा ही होता रहेगा।
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शहर में अतिक्रमण और जाम के चलते ई-बसों का संचालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। ऐसे में बसों को पुवायां, बंडा, तिलहर, जलालाबाद और मोहम्मदी तक चलाया जा रहा। रोडवेज बस अड्डे के सामने से ही ई-बसें सवारियां भरतीं हैं। रोडवेज बस अड्डे से थोड़ी दूरी पर डग्गामार वाहन सवारियां बैठाकर परिवहन निगम को चूना लगाते हैं। इसके अलावा बरेली मोड़, हरदोई बाईपास पर भी डग्गामार वाहन सवारियां भरते हैं। यहां पर न परिवहन निगम आपत्ति जताता है और न ही पुलिस कार्रवाई करती है।
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गर्मी में वातानुकूलित ई-बसें चलने से यात्रियों को लाभ मिलेगा लेकिन रोडवेज कर्मचारी बस अड्डे के पास से यात्रियों को लेने पर आपत्ति जता रहे हैं। सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ के शाखा मंत्री नृपेश सिंह और मंत्री अंजलि कुमार त्रिवेदी ने एआरएम से पत्राचार कर ई-बसों का रोडवेज बस अड्डे के सामने संचालन से राजस्व की हानि का मुद्दा उठाया है। पिछले शाहबाद में निजी बस ऑपरेटरों ने ई-बसों का विरोध किया था। तब ई-बस संचालक प्रभारी ने थाना प्रभारी को पत्र लिखकर सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की थी।
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कर्मचारियों से हुई नोकझोंक
रोडवेज बस अड्डे के सामने ई-बसों के भरे जाने का रोडवेज कर्मियों का विरोध शनिवार को सार्वजनिक हो गया। बस अड्डे पर रोडवेज के चालक और परिचालक व ई-बसों का स्टाफ आमने-सामने आ गया। जमकर नोकझोंक हुई। इस बीच अधिकारियों ने किसी तरह मामले को शांत किया। दावा है कि ई-बसों के स्टैंड के सामने खड़े होने से हर दिन एक लाख से ज्यादा का नुकसान हो रहा है। शनिवार को ई-बसों के चालक और परिचालक इकट्ठा हो गए। वहीं रोडवेज का स्टाफ भी एकत्रित हो गया। दोनों ओर से जमकर नोकझोंक हुई। रोडवेज के स्टाफ की भीड़ को देखकर ई-बस के चालक शांत हो गए।
-सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ ने ई-बसों के साथ डग्गामार वाहनों से होने वाले नुकसान के बारे में भी पत्राचार किया। पत्र में कहा कि ई-बसों का संचालन ई-बसों के चालक यात्रियों को बस में बैठाकर राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसी तरह डग्गामार वाहन से भी राजस्व को हानि हो रही है। डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई के लिए डीएम और एसपी को भी पत्र भेजा गया है।
-ई-बसों का संचालन बस अड्डे से होने से निगम को काफी नुकसान हो रहा। ई-बस के चालक बस अड्डे के अंदर गाड़ी खड़ी कर सवारी भरते हैं, जबकि यह नियम नहीं है।
आरके मिश्रा, प्रदेश उप महामंत्री, सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ
-इलेक्ट्रानिक बसें के रोडवेज बस अड्डे के बाहर सवारी भरने से निगम को नुकसान हो रहा है। प्रतिदिन एक लाख से अधिक का नुकसान होने की अनुमान है।
विमल कुमार, डिपो इंचार्ज