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अब खुटार में गढ़िया सरेली के पास दहाड़ा तेंदुआ
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तेंदुए के डर से खुटार में खेतों से समूह में वापस घर आते गांव गढ़िया सरेली के लोग
- फोटो : POWAYAN
खुटार (शाहजहांपुर)। तीन दिन पूर्व गांव बुझिया में एक बकरी और छह पिल्लों को निवाला बनाने के बाद रविवार शाम को तेंदुआ गांव गढ़िया सरेली पहुंच गया। वन विभाग के कर्मचारियों ने एक बार मौका मुआयना करने में बाद लोगों को जंगल की ओर नहीं जाने और खेतों में सामूहिक रूप से काम करने की चेतावनी देकर छुटकारा कर लिया है।
गांव बुझिया में तेंदुए ने शुक्रवार रात रामविलास की झोपड़ी में घुसकर एक बकरी और छह पिल्लों को मार डाला था। सूचना के बाद भी वन विभाग के कर्मचारी मौके पर नहीं गए थे। रविवार को वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी और रामप्रसाद वर्मा ने मौका मुआयना कर तेंदुए के मौके पर आने की थी।
उधर, तेंदुआ अब भी गांवों के आसपास खेतों में घूम रहा है। बुझिया के निकटवर्ती गांव गढ़िया सरेली निवासी रामनाथ ने बताया कि रविवार को गांव के पास सरसों के खेत में तेंदुआ दहाड़ लगा रहा था, गांव तक आवाज आ रही थी।
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बुझिया के गजोधर ने रामप्रताप के खेत में देखा तेंदुआ
गांव बुझिया के गजोधर ने बताया कि रविवार शाम को वह अपने भाई रामस्वरूप को खेत पर खाना देकर वापस आ रहे थे। इस दौरान रामप्रताप के खेत में तेंदुआ देखा था। दो दिन पूर्व गांव में घटना होने के बाद लोग बेहद डरे हुए हैं, लेकिन खेतों में काम करना भी मजबूरी है।
इकट्ठे होकर खेतों में जा रहे किसान
गांव गढ़िया सरेली निवासी रामनाथ ने बताया कि उनका गांव जंगल से सटा हुआ है, इसीलिए तेंदुआ और बाघ खेतों में आ जाते हैं। उन लोगों को बच बचाकर काम करना पड़ता है। इनके साथ खेतों से घूमकर वापस आ रहे सीताराम, रविंद्र कुमार आदि ने बताया कि कुछ लोग खेतों में गन्ना छीलते हैं तो कुछ लोग रखवाली करते हैं। इसी तरह से खेतों में काम किया जा रहा है।
रामविलास की पुत्री ने की मुआवजे की मांग
गांव बुझिया निवासी रामविलास की पुत्री माना देवी ने डीएफओ को भेजे पत्र में बताया कि उनकी बकरी को तेंदुए ने झोपड़ी में आकर मार डाला है। वह लोग गरीब हैं। वन विभाग को बकरी का मुआवजा देना चाहिए।
मैंने स्टाफ को कह रखा है कि भ्रमण करके लोगों को जागरूक करते रहें, क्षेत्र बड़ा होने में कारण काम ज्यादा रहता है। फिर भी वनकर्मियों को मौके पर भेजा जाएगा। जंगल का इलाका है, इसीलिए लोगों को भी सावधानी रखनी चाहिए। आदर्श कुमार, डीएफओ शाहजहांपुर।
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गांव बुझिया में तेंदुए ने शुक्रवार रात रामविलास की झोपड़ी में घुसकर एक बकरी और छह पिल्लों को मार डाला था। सूचना के बाद भी वन विभाग के कर्मचारी मौके पर नहीं गए थे। रविवार को वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी और रामप्रसाद वर्मा ने मौका मुआयना कर तेंदुए के मौके पर आने की थी।
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उधर, तेंदुआ अब भी गांवों के आसपास खेतों में घूम रहा है। बुझिया के निकटवर्ती गांव गढ़िया सरेली निवासी रामनाथ ने बताया कि रविवार को गांव के पास सरसों के खेत में तेंदुआ दहाड़ लगा रहा था, गांव तक आवाज आ रही थी।
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बुझिया के गजोधर ने रामप्रताप के खेत में देखा तेंदुआ
गांव बुझिया के गजोधर ने बताया कि रविवार शाम को वह अपने भाई रामस्वरूप को खेत पर खाना देकर वापस आ रहे थे। इस दौरान रामप्रताप के खेत में तेंदुआ देखा था। दो दिन पूर्व गांव में घटना होने के बाद लोग बेहद डरे हुए हैं, लेकिन खेतों में काम करना भी मजबूरी है।
इकट्ठे होकर खेतों में जा रहे किसान
गांव गढ़िया सरेली निवासी रामनाथ ने बताया कि उनका गांव जंगल से सटा हुआ है, इसीलिए तेंदुआ और बाघ खेतों में आ जाते हैं। उन लोगों को बच बचाकर काम करना पड़ता है। इनके साथ खेतों से घूमकर वापस आ रहे सीताराम, रविंद्र कुमार आदि ने बताया कि कुछ लोग खेतों में गन्ना छीलते हैं तो कुछ लोग रखवाली करते हैं। इसी तरह से खेतों में काम किया जा रहा है।
रामविलास की पुत्री ने की मुआवजे की मांग
गांव बुझिया निवासी रामविलास की पुत्री माना देवी ने डीएफओ को भेजे पत्र में बताया कि उनकी बकरी को तेंदुए ने झोपड़ी में आकर मार डाला है। वह लोग गरीब हैं। वन विभाग को बकरी का मुआवजा देना चाहिए।
मैंने स्टाफ को कह रखा है कि भ्रमण करके लोगों को जागरूक करते रहें, क्षेत्र बड़ा होने में कारण काम ज्यादा रहता है। फिर भी वनकर्मियों को मौके पर भेजा जाएगा। जंगल का इलाका है, इसीलिए लोगों को भी सावधानी रखनी चाहिए। आदर्श कुमार, डीएफओ शाहजहांपुर।