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अब नरौठा में बाघ दिखने से दहशत
अमर उजाला ब्यूरो खुटार।
Updated Sat, 09 Jul 2016 11:39 PM IST
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tiger
- फोटो : अमर उजाला
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खरेहटा गांव में कर चुका है बुजुर्ग का शिकार
भय से किसानों ने खेतों पर जाना किया बंद
बाघ ने खुटार थाना क्षेत्र की सीमा से लगे खीरी के गांव खरेहटा के 65 वर्षीय बुजुर्ग भोगन कश्यप पर बृहस्पतिवार को हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। खुटार और मैलानी थाना सीमा के आसपास गन्ने के खेतों को बाघ ने अपना अशियाना बना रखा है। इससे लोगों में दहशत है।
शनिवार सुबह गांव नरौठा देवीदास और सलनहां के लोगों ने एक बाघ को गन्ने के खेत के पास बैठा देखा तो लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना होने पर गांव से तमाम लोग लाठी, डंडे, भाला, कांता लेकर शोर करते हुए मौके पर पहुंची तो बाघ गन्ने के खेत में चला गया। इसके बाद सुबह लगभग दस बजे बाघ गांव नरौठा हंसराम निवासी इंद्रपाल के खेत के पास दिखा। कुछ देर बाघ गांव के पास लगे सेलर के पास आ गया। इसके बाद गांव के लोगों ने पटाखे चलाकर शोर करते हुए बाघ को बमुश्किल भगाया।
लोगों ने बताया कि गांव नरौठा और सलनहा के पास गन्ने का रकबा अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा ज्यादा होने के कारण बाघ ने यहां डेरा जमा रखा है। बाघ यहां से खीरी के गांवों और जंगल में चला जाता है। बाघ के भय से लोगों ने अपने खेतों पर जाना बंद कर दिया है। लोगों का कहना है कि क्या पता बाघ कहां से हमला कर दे और किसको अपना शिकार बना ले।
भय से किसानों ने खेतों पर जाना किया बंद
बाघ ने खुटार थाना क्षेत्र की सीमा से लगे खीरी के गांव खरेहटा के 65 वर्षीय बुजुर्ग भोगन कश्यप पर बृहस्पतिवार को हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। खुटार और मैलानी थाना सीमा के आसपास गन्ने के खेतों को बाघ ने अपना अशियाना बना रखा है। इससे लोगों में दहशत है।
शनिवार सुबह गांव नरौठा देवीदास और सलनहां के लोगों ने एक बाघ को गन्ने के खेत के पास बैठा देखा तो लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना होने पर गांव से तमाम लोग लाठी, डंडे, भाला, कांता लेकर शोर करते हुए मौके पर पहुंची तो बाघ गन्ने के खेत में चला गया। इसके बाद सुबह लगभग दस बजे बाघ गांव नरौठा हंसराम निवासी इंद्रपाल के खेत के पास दिखा। कुछ देर बाघ गांव के पास लगे सेलर के पास आ गया। इसके बाद गांव के लोगों ने पटाखे चलाकर शोर करते हुए बाघ को बमुश्किल भगाया।
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लोगों ने बताया कि गांव नरौठा और सलनहा के पास गन्ने का रकबा अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा ज्यादा होने के कारण बाघ ने यहां डेरा जमा रखा है। बाघ यहां से खीरी के गांवों और जंगल में चला जाता है। बाघ के भय से लोगों ने अपने खेतों पर जाना बंद कर दिया है। लोगों का कहना है कि क्या पता बाघ कहां से हमला कर दे और किसको अपना शिकार बना ले।
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