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Shahjahanpur News: अभी मार्च तक झेलिए सीवर लाइन के लिए खोदाई का दंश
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तारीन टिकली में मजिस्द के पास मुख्य सड़क पर खोदाई करते मजदूर। संवाद
शाहजहांपुर। शहरवासियों के लिए सीवर लाइन के लिए खोदाई का काम दंश बन गया है, कार्यदायी संस्था लापरवाह बनी हुई है, ऐसे में लोगों को दुश्वारियां झेलना पड़ रहीं हैं। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मार्च तक काम खत्म हो पाना संभव नहीं है।
राज्य सेक्टर कार्यक्रम के तहत शहर में 186 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है जिसका काम वर्ष 2021 में शुरू किया गया था। कार्य जून 2023 तक पूरा कराया जाना था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद कार्यदायी संस्था को 31 दिसंबर तक समय दिया गया, फिर भी काम पूरा नहीं हुआ।
अब मार्च तक काम खत्म होना संभव नहीं लग रहा, क्योंकि कार्यदायी संस्था सीवर लाइन बिछाने के काम को समेट ही नहीं पा रही है। वर्तमान में भी मुख्य सड़कों पर खोदाई चल रही है। यह खोदाई चैंबर बनाने और कनेक्शन देने के लिए हो रही है। अब तक 14 हजार चैंबर बनाए जा चुके हैं, अभी और कितने चैंबर बनेंगे इसका अंदाजा नहीं है।
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शहर में 35 हजार घरों में कनेक्शन देने का लक्ष्य है, इनमें से 11 हजार कनेक्शन दिए जाने का दावा किया जा रहा है। कार्य में देरी के चलते कार्यदायी संस्था टेक्नोक्राफ्ट पर जुर्माना भी लगाया गया। इसके बाद भी कार्यदायी संस्था काम को तेज नहीं कर पा रही। वहीं सड़कों की खराब स्थिति के कारण बरेली मोड़ से कचहरी तक छह किमी का सफर तय करने में ही एक घंटे से अधिक का समय लग रहा है। जबकि यह दूरी 15 से 20 मिनट में पूरी की जा सकती है।
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मुख्य मार्गों व गलियों में चला काम, मिट्टी में फंसते रहे वाहन
रविवार को लाल इमली चौराहा से घंटाघर रोड पर गलियों में पड़ी सीवर लाइन को मुख्य मार्ग पर बने चैंबर में जोड़ने का काम हुआ। तारीन टिकली में मस्जिद के पास, झंडा कलां में जज साहब वाली गली, मशीनरी मार्केट की ओर जाने वाली गली, द मसूरी इंटरनेशनल स्कूल के सामने वाली गली, घंटाघर के पास ताजूखेल की ओर जाने वाली गली में डाली गई सीवर लाइन को मुख्य मार्ग पर बने चैंबर में जोड़ने का काम जारी रहा। जिसकी वजह से क्षेत्रवासियों को आवागमन में दिक्कत हुई। वहीं चारखंभा के पास खोदी गई सड़क को मिट्टी डालने के बाद ऐसे ही छोड़े जाने से वाहनों के पहिये उसमें फंसते रहे। नगर निगम का टैंकर भी मिट्टी में फंस गया, जिसको जेसीबी मंगवाकर निकलवाया गया। राहगीरों को भी दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
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377 करोड़ रुपये की लागत से होना है काम
इस परियोजना को पूरा कराने के लिए 377 करोड़ रुपये प्रस्तावित थे। टेक्नोक्राफ्ट के पक्ष में 248 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ। काम का उद्देश्य शहर में सीवर की समस्या और नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाना है। इसके लिए घरों के किचन और शौचालय से निकलने वाला पानी सीवर लाइन से होकर मघई टोला में बनाए गए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा। जहां पर जल शोधन होगा। उसके बाद शोधित पानी को नदियों में छोड़ दिया जाएगा। यह प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है।
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सीवर लाइन बिछाने का काम करीब 80 प्रतिशत पूरा हो पाया है। मार्च तक का समय लगने की संभावना है। कार्यदायी संस्था पर लापरवाही के कारण जुर्माना लगाया जा चुका है। काम को जल्द पूरा कराने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है।
- कपिल एम. सिंह, एक्सईएन, जल निगम
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राज्य सेक्टर कार्यक्रम के तहत शहर में 186 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है जिसका काम वर्ष 2021 में शुरू किया गया था। कार्य जून 2023 तक पूरा कराया जाना था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद कार्यदायी संस्था को 31 दिसंबर तक समय दिया गया, फिर भी काम पूरा नहीं हुआ।
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अब मार्च तक काम खत्म होना संभव नहीं लग रहा, क्योंकि कार्यदायी संस्था सीवर लाइन बिछाने के काम को समेट ही नहीं पा रही है। वर्तमान में भी मुख्य सड़कों पर खोदाई चल रही है। यह खोदाई चैंबर बनाने और कनेक्शन देने के लिए हो रही है। अब तक 14 हजार चैंबर बनाए जा चुके हैं, अभी और कितने चैंबर बनेंगे इसका अंदाजा नहीं है।
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शहर में 35 हजार घरों में कनेक्शन देने का लक्ष्य है, इनमें से 11 हजार कनेक्शन दिए जाने का दावा किया जा रहा है। कार्य में देरी के चलते कार्यदायी संस्था टेक्नोक्राफ्ट पर जुर्माना भी लगाया गया। इसके बाद भी कार्यदायी संस्था काम को तेज नहीं कर पा रही। वहीं सड़कों की खराब स्थिति के कारण बरेली मोड़ से कचहरी तक छह किमी का सफर तय करने में ही एक घंटे से अधिक का समय लग रहा है। जबकि यह दूरी 15 से 20 मिनट में पूरी की जा सकती है।
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मुख्य मार्गों व गलियों में चला काम, मिट्टी में फंसते रहे वाहन
रविवार को लाल इमली चौराहा से घंटाघर रोड पर गलियों में पड़ी सीवर लाइन को मुख्य मार्ग पर बने चैंबर में जोड़ने का काम हुआ। तारीन टिकली में मस्जिद के पास, झंडा कलां में जज साहब वाली गली, मशीनरी मार्केट की ओर जाने वाली गली, द मसूरी इंटरनेशनल स्कूल के सामने वाली गली, घंटाघर के पास ताजूखेल की ओर जाने वाली गली में डाली गई सीवर लाइन को मुख्य मार्ग पर बने चैंबर में जोड़ने का काम जारी रहा। जिसकी वजह से क्षेत्रवासियों को आवागमन में दिक्कत हुई। वहीं चारखंभा के पास खोदी गई सड़क को मिट्टी डालने के बाद ऐसे ही छोड़े जाने से वाहनों के पहिये उसमें फंसते रहे। नगर निगम का टैंकर भी मिट्टी में फंस गया, जिसको जेसीबी मंगवाकर निकलवाया गया। राहगीरों को भी दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
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377 करोड़ रुपये की लागत से होना है काम
इस परियोजना को पूरा कराने के लिए 377 करोड़ रुपये प्रस्तावित थे। टेक्नोक्राफ्ट के पक्ष में 248 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ। काम का उद्देश्य शहर में सीवर की समस्या और नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाना है। इसके लिए घरों के किचन और शौचालय से निकलने वाला पानी सीवर लाइन से होकर मघई टोला में बनाए गए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा। जहां पर जल शोधन होगा। उसके बाद शोधित पानी को नदियों में छोड़ दिया जाएगा। यह प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है।
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सीवर लाइन बिछाने का काम करीब 80 प्रतिशत पूरा हो पाया है। मार्च तक का समय लगने की संभावना है। कार्यदायी संस्था पर लापरवाही के कारण जुर्माना लगाया जा चुका है। काम को जल्द पूरा कराने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है।
- कपिल एम. सिंह, एक्सईएन, जल निगम

तारीन टिकली में मजिस्द के पास मुख्य सड़क पर खोदाई करते मजदूर। संवाद