शाहजहांपुर: वायरल वीडियो से आहत नामित महिला पार्षद ने की इस्तीफे की पेशकश, महापौर ने किया अस्वीकार
शाहजहांपुर में नगर निगम के पार्षदों के वीडियो वायरल होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा की नामित पार्षद पूनम महरोत्रा ने बृहस्पतिवार को महापौर अर्चना वर्मा से इस्तीफे की पेशकश की। हालांकि महापौर ने उनका इस्तीफा अस्वीकार कर दिया। उन्होंने पूनम महरोत्रा को पार्टी की ओर से दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए कहा। उधर, वीडियो प्रकरण में नगर निगम स्तर के साथ ही पार्टी स्तर पर भी जांच कराई जा रही है। विपक्षी पार्षदों ने भी मामले को लेकर विरोध शुरू कर दिया है।
मार्च में भाजपा की ओर से नामित की गईं पार्षद पूनम महरोत्रा बृहस्पतिवार को महापौर के पास पहुंचीं। उन्होंने तीन दिन पहले पार्षदों से संबंधित वीडियो वायरल होने के मामले से आहत होकर इस्तीफा देने की पेशकश की। पूनम महरोत्रा ने कहा कि वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना शहर के विकास के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। वायरल वीडियो के मामले में केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि विपक्ष के पार्षदों के भी नाम सामने आ रहे हैं। इससे मंत्री की छवि प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकरण के कारण उन पार्षदों की छवि भी प्रभावित हो रही है, जो इसमें शामिल नहीं हैं। सभी को एक ही नजर से देखा जा रहा है। इसी से आहत होकर उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया है। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य पार्टी के हितों को ध्यान में रखना है। समाज के लिए वह जो कार्य कर रही हैं, उसे आगे भी जारी रखेंगी।
वीडियो में शामिल पार्षदों से तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण
महापौर अर्चना वर्मा ने वायरल वीडियो में शामिल पार्षदों को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के अधिकारी भी अपने स्तर से वायरल वीडियो की जांच करा रहे हैं।
कांग्रेस ने सख्त कार्रवाई की उठाई मांग
कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में डीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट रजनीकांत को दिया। इसमें वायरल वीडियो में नजर आ रहे नगर निगम के पार्षदों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि विगत दिनों नगर निगम के पार्षदों का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें सभी हाथ में जल लेकर निगम की आमदनी सभी पार्षदों में बराबर से बांटे जाने की कसम खाते दिखाई दे रहे है।
इसके साथ ही कुछ माह पहले नगर निगम कार्यालय स्थित अमर शहीदों की प्रतिमाओं के क्षतिग्रस्त करने का निंदनीय कृत्य किया गया था। इन दोनों मामलों से शहीदों की नगरी की छवि धूमिल हुई है। मांग गई कि दोनों घटनाओं में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस दौरान जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता, प्रदेश सचिव अनूप वर्मा, गौरव त्रिपाठी, रामजी अवस्थी, रफी उल हसन, सईद अंसारी,शाश्वत मिश्रा आदि मौजूद रहे।
महापौर अर्चना वर्मा ने बताया कि पार्षदों के वीडियो वायरल होने के मामले में नामित पार्षद पूनम महरोत्रा ने इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया है। वीडियो में शामिल पार्षदों से तीन दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।