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बारिश में जानलेवा बनेंगे नेशनल हाईवे के गड्ढे

Sun, 05 Jul 2020 08:23 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2020 08:23 PM IST
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National highway pits will be fatal in the rain
शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य करीब एक दशक पहले शुरू हुआ था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ। बरेली-सीतापुर के बीच 157 किमी रोड निर्माणाधीन होने के साथ जर्जर हालत में है। केवल शाहजहांपुर जिले की बात करें तो मीरानपुर कटरा से लेकर रोजा तक कई ओवरब्रिज अधूरे पड़े हैं। इन निर्माणाधीन ओवरब्रिज के किनारे बनी सर्विस लेन और जगह-जगह टूटे पड़े रोड में गहरे गड्ढे हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाता, जिससे वाहन चालकों को गड्ढा होने का पता नहीं चल पाता। इससे राहगीर हादसे का शिकार हो जाते हैं।
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रोजा से शहर के पुत्तूलाल चौराहे तक हाईवे चौड़ीकरण के लिए रोड को दोनों किनारों पर खुदाई कर दी गई है। शुक्रवार को बारिश के दौरान मंडी समिति के पास पहिया रोड से नीचे चले जाने से दो ट्रक आमने सामने फंस गए थे, जिससे करीब एक घंटे हाईवे जाम रहा था। मानसून सीजन मेें बारिश का पानी गड्ढों मेें भरने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
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बरेली मोड़ पर ओवरब्रिज के पास हुए गहरे गड्ढे
भावलखेड़ा। बरेली मोड़ पर लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे पर ओवरब्रिज का निर्माण चार वर्ष से बंद है। तीन साल पहले तत्कालीन कार्यदायी संस्था एरा इंफ्रा कांस्ट्रक्शंस की लापरवाही से पुल पर क्रेन से रखा जा रहा विशालकाय गार्डर का एक हिस्सा नीचे गिर जाने से उसकी चपेट में आकर कांट क्षेत्र के एक ग्रामीण की मौत हो गई और दो अन्य राहगीर घायल हो गए थे। तब से पुल कंक्रीट के दो पिलर्स पर रखा है। पुल के पास रूट डायवर्जन के लिए रखे गए भारी बोल्डर्स से वाहन टकराने से अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड नहीं होने से हाईवे पर कई जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। आवास विकास कॉलोनी के गेट नंबर दो के पास और बरेली मोड़ बाईपास से आगे बढने पर रॉयन इंटरनेशनल स्कूल के पास हाईवे पर गड्ढों में मामूली बरसात के बाद जलभराव हो जाता है।
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रोजा रेलवे ब्रिज से मंडी तक गड्ढों की भरमार
रोजा। नेशनल हाईवे के स्थानीय अड्डा चौराहा स्थित रेलवे ब्रिज से लेकर मंडी समिति के नेवाजपुर की ओर खुलने वाले गेट तक हाईवे का करीब दो किमी लंबा हिस्सा गड्ढों से छलनी हो चुका है। यह मार्ग चौड़ा करने के लिए राज्य योजना से बजट स्वीकृत होने के बाद सड़क की दोनों पटरियां पिछले साल जेसीबी से खोद डाली गईं, लेकिन बजट की धनराशि अवमुक्त नहीं होने से निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका। इस मार्ग पर सामान्य ट्रैफिक के अलावा गेहूं और धान खरीद के सीजन में मंडी जाने वाले भारी वाहनों की भरमार हो जाती है। ट्रैफिक के दबाव से रोजा अड्डा से लेकर इंडस्ट्रियल एरिया वाले मोड़ तक गड्ढे जानलेवा हो गए हैं। गत वर्ष इन्हीं गड्ढों में फंसकर बाइक गिरने से मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। गत सप्ताह मंडी के पास ट्रक की चपेट में आकर एक पल्लेदार की मौत हो चुकी है।
तिलहर चौराहा और सरऊ पुलिया बने एक्सीडेंट जोन
तिलहर। एनएच-24 पर बाईपास चौराहा, सरऊ पुलिया और बंथरा तेल डिपो के पास तीन ओवरब्रिज स्वीकृत हुए थे और तीनों पुलों पर लंबे समय से काम रुका है। इन पुलों की दोनों साइडों से भारी वाहनों का आवागमन जारी रहने से गहरे गड्ढे हो गए हैं और उनमें फंसकर अक्सर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। सरऊ पुलिया के पास अक्सर वाहनों का जाम लगा रहता है। बीते दिन बारिश होने पर बाईपास चौराहा ओवरब्रिज के पास गड्ढों में पानी भरने पर शनिवार को वहां जेसीबी से मिट्टी कार्य शुरू करा दिया गया, लेकिन बाकी दोनों पुलों के पास भारी वाहनों के दबाव से सर्विस लेन इतनी खस्ताहाल हो चुकी है कि हर वक्त वहां से गुजरने वाले बड़े वाहनों के पलटने का खतरा बना रहता है।
हुलासनगरा क्रासिंग से कटरा तक चलना मुश्किल
मीरानपुरकटरा। नेशनल हाईवे पर हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग से लेकर नगर के मुख्य चौराहे पर प्रस्तावित पुलों का अधूरा निर्माण कार्य शुरू कराने पर एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया) के अभियंताओं ने अभी तक काम शुरू नहीं कराया है। क्रासिंग पर ओवरब्रिज नहीं बनने से वहां अक्सर जाम लगना आम बात है। ऐसी दशा मेें वाहन आगे निकलने की होड़ में शामिल होने पर रोड के दोनों किनारों की मिट्टी कटने से इतने गहरे गड्ढे हो गए कि वाहन झूलते हुए आगे बढ़ते हैं। यही हाल मुख्य चौराहे के अधूरे पुल का है। कन्या जूनियर हाईस्कूल के पास सड़क का काफी हिस्सा गड्ढों में गुम हो चुका है। लॉकडाउन में गिट्टी और मिट्टी से पाटे गए गड्ढे बारिश के बाद फिर से उभरने लगे हैं।

एनएच-24 के बरेली-सीतापुर खंड को फोरलेन बनाने का काम शुरू कराया जा रहा क्योंकि अधिकांश गड्ढे पैचवर्क के जरिये भरकर रोड दो माह पहले समतल की जा चुकी है। बारिश में जहां कहीं गड्ढों से यातायात में समस्या हो रही है, उन्हें ठीक करने के लिए पूरे सेक्शन में ठेकेदारों की तीन टीमें लगाई गई हैं।
-अमित कुमार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
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