{"_id":"62ffea65db9c2a4e375bb58e","slug":"nand-ghar-anand-bhayo-jai-nandlal-s-the-atmosphere-painted-in-black-color-shahjahanpur-news-bly494873321","type":"story","status":"publish","title_hn":"नंद घर आनंद भयो, जय हो नन्द लाल की..जयकारों से श्याम रंग में रंगा माहौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नंद घर आनंद भयो, जय हो नन्द लाल की..जयकारों से श्याम रंग में रंगा माहौल
विज्ञापन
शाहजहांपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से मनाई गई। शहर व गांव हर स्थान पर जन्माष्टमी की धूम रही। मध्यरात्रि को भगवान के जन्म देते ही चहुंओर खुशियां छा गई। आसमान में फुलझड़ियां छूटने लगीं, आतिशबाजी का दौर शुरू हो गया।
दो साल कोरोना काल के कारण लोगों ने जन्माष्टमी धूमधाम से नहीं मनाई थी। इस बार कोरोना का प्रकोप कम होने से लोगों ने कसर निकाली। शुक्रवार शाम से ही मंदिरों में भीड़ उमड़ने लगी थी। मध्य रात्रि से पहले ही मंदिर श्रद्धालुओं की भीड़ से भर गए थे। रात के 12 बजते ही हरे कृष्णा-हरे कृष्णा, बाल गोपाल के जयकारों व शंख की ध्वनि से आसपास का वातावरण गूंज उठा। बाबा विश्वनाथ मंदिर में जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और लीलाओं से जुड़ी झांकियां को सजाने के साथ ही भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। राधा कृष्ण के स्वरूप में सजे बच्चों ने मनमोहक नृत्य से जन्माष्टमी के आनंद को चरम पर पहुंचा दिया। परंपरानुसार आधी रात को यहां पुजारी ने आरती की और भक्तों ने कान्हा को पालना झुलाया।
बिसरात मार्ग स्थित श्री द्वारिकाधीश मठिया आश्रम राधा कृष्ण मंदिर, बाबा बनखंडी नाथ मंदिर, संकटमोचन, शेरों वाले मंदिर, चौकसी नाथ, फूलमती देवी, फैक्ट्री इस्टेट मंदिर तथा हनुमत धाम में जन्माष्टमी पर्व पर आकर्षक झांकियां सजाकर कान्हा का जन्मदिन मनाया गया। तेल टंकी रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, स्टेशन के खड़ेश्वरी बाबा मंदिर, रामनगर के श्रीकृष्णा मंदिर, आवास विकास कॉलोनी के बालाजी मंदिर कृष्णा नगर के श्रीकृष्णा मंदिर, चमकनी के बिल्वेकश्वर नाथ मंदिर, पुराना जिला अस्पताल के हनुमान मंदिर, बेरी चौकी के शिव मंदिर तथा बिसरात रोड के राधा कृष्ण शिव मंदिर में भी जन्माष्टमी पर झांकियां सजाकर जन्माष्टमी पर्व को धूमधाम से मनाया गया। इसके साथ ही शहर में कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और नृत्य के कार्यक्रम हुए। डीजे पर बज रहे भजनों पर राधा-कृष्ण के रूप में सजे-धजे बच्चों ने जमकर डांस किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
दो साल कोरोना काल के कारण लोगों ने जन्माष्टमी धूमधाम से नहीं मनाई थी। इस बार कोरोना का प्रकोप कम होने से लोगों ने कसर निकाली। शुक्रवार शाम से ही मंदिरों में भीड़ उमड़ने लगी थी। मध्य रात्रि से पहले ही मंदिर श्रद्धालुओं की भीड़ से भर गए थे। रात के 12 बजते ही हरे कृष्णा-हरे कृष्णा, बाल गोपाल के जयकारों व शंख की ध्वनि से आसपास का वातावरण गूंज उठा। बाबा विश्वनाथ मंदिर में जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और लीलाओं से जुड़ी झांकियां को सजाने के साथ ही भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। राधा कृष्ण के स्वरूप में सजे बच्चों ने मनमोहक नृत्य से जन्माष्टमी के आनंद को चरम पर पहुंचा दिया। परंपरानुसार आधी रात को यहां पुजारी ने आरती की और भक्तों ने कान्हा को पालना झुलाया।
विज्ञापन
बिसरात मार्ग स्थित श्री द्वारिकाधीश मठिया आश्रम राधा कृष्ण मंदिर, बाबा बनखंडी नाथ मंदिर, संकटमोचन, शेरों वाले मंदिर, चौकसी नाथ, फूलमती देवी, फैक्ट्री इस्टेट मंदिर तथा हनुमत धाम में जन्माष्टमी पर्व पर आकर्षक झांकियां सजाकर कान्हा का जन्मदिन मनाया गया। तेल टंकी रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, स्टेशन के खड़ेश्वरी बाबा मंदिर, रामनगर के श्रीकृष्णा मंदिर, आवास विकास कॉलोनी के बालाजी मंदिर कृष्णा नगर के श्रीकृष्णा मंदिर, चमकनी के बिल्वेकश्वर नाथ मंदिर, पुराना जिला अस्पताल के हनुमान मंदिर, बेरी चौकी के शिव मंदिर तथा बिसरात रोड के राधा कृष्ण शिव मंदिर में भी जन्माष्टमी पर झांकियां सजाकर जन्माष्टमी पर्व को धूमधाम से मनाया गया। इसके साथ ही शहर में कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और नृत्य के कार्यक्रम हुए। डीजे पर बज रहे भजनों पर राधा-कृष्ण के रूप में सजे-धजे बच्चों ने जमकर डांस किया।
विज्ञापन