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नगर पालिका कर्मियों ने शुरू की पार्किंग वसूली
पुवायां।
Updated Wed, 04 Feb 2015 11:26 PM IST
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नगर पालिका पार्किंग की अवैध वसूली का मामला अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद एसडीएम लालबहादुर के आदेश पर बुधवार से वसूली कार्य नगर पालिका कर्मचारियों से शुरू कराया गया, लेकिन लगभग 15 लाख रुपये की अवैध वसूली करने वाले के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
गौरतलब है कि नगर पालिका पार्किंग ठेकेदार किरन सिंह की अगस्त 14 में मौत के बाद उनके पति सुनील सिंह ने पालिका को लिखकर दे दिया था कि पत्नी की मौत हो चुकी है और पार्किंग का ठेका निरस्त कर दिया जाए। उन्होंने पार्किंग वसूली भी बंद कर दी है। इस बीच कुछ लोगों ने साठगांठ के चलते वाहनों से वसूली शुरू कर दी और जनवरी तक लगभग 15 लाख रुपये की वसूली कर रुपये हड़प गए। अगस्त से जनवरी तक पार्किंग ठेके की कोई रकम पालिका में नहीं जमा होने पर भी जिम्मेदार लोग चुप्पी साधे रहे।
अमर उजाला में सरकारी धन का बंदरबांट होने का मामला प्रमुखता से प्रकाशित हुआ तो एसडीएम लालबहादुर (कार्यवाहक ईओ) के निर्देश पर बुधवार को पार्किंग वसूली का कार्य नगर पालिका कर्मचारियों से कराया गया। उधर, पार्किंग ठेके के नाम पर लगभग 15 लाख रुपये का सरकारी धन अवैध रूप से वसूलने वाले के खिलाफ रुपये वसूलने और रिपोर्ट दर्ज कराने की कोई कार्रवाई नहीं की गई, इससे अधिकारियों की मंशा पर साल उठ रहे हैं।
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गौरतलब है कि नगर पालिका पार्किंग ठेकेदार किरन सिंह की अगस्त 14 में मौत के बाद उनके पति सुनील सिंह ने पालिका को लिखकर दे दिया था कि पत्नी की मौत हो चुकी है और पार्किंग का ठेका निरस्त कर दिया जाए। उन्होंने पार्किंग वसूली भी बंद कर दी है। इस बीच कुछ लोगों ने साठगांठ के चलते वाहनों से वसूली शुरू कर दी और जनवरी तक लगभग 15 लाख रुपये की वसूली कर रुपये हड़प गए। अगस्त से जनवरी तक पार्किंग ठेके की कोई रकम पालिका में नहीं जमा होने पर भी जिम्मेदार लोग चुप्पी साधे रहे।
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अमर उजाला में सरकारी धन का बंदरबांट होने का मामला प्रमुखता से प्रकाशित हुआ तो एसडीएम लालबहादुर (कार्यवाहक ईओ) के निर्देश पर बुधवार को पार्किंग वसूली का कार्य नगर पालिका कर्मचारियों से कराया गया। उधर, पार्किंग ठेके के नाम पर लगभग 15 लाख रुपये का सरकारी धन अवैध रूप से वसूलने वाले के खिलाफ रुपये वसूलने और रिपोर्ट दर्ज कराने की कोई कार्रवाई नहीं की गई, इससे अधिकारियों की मंशा पर साल उठ रहे हैं।
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