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ट्रैक्टर लेकर आने की आशंका, इलाके के बदमाश होने के आसार
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मृतक रामनाथ का फाइल फोटो।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। निगोही थाना क्षेत्र के निवाड़ी गांव के रहने वाले रामनाथ अक्सर बेटे की जगह शहबाजनगर के गन्ना क्रय केंद्र पर चौकीदारी के लिए जाते थे। शुक्रवार रात को भी वह चौकीदारी के लिए गए लेकिन सुबह उनके मौत की खबर आई। इधर, आशंका जताई जा रही है कि शुक्रवार रात बदमाश ट्रैक्टर लेकर आए हाेंगे। हत्या के बाद ट्रॉली को ट्रैक्टर से जोड़कर ले गए होंगे। आशंका यह भी है कि बदमाश इलाके के रहे होंगे। रामनाथ के उन्हें पहचानने पर हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस अभी हर पहलू पर छानबीन कर रही है।
निगोही थाना क्षेत्र के निवाड़ी गांव के रहने वाले रामनाथ का बेटा प्रमोद शहबाजनगर के केंद्र पर 35 सौ रुपये में चौकीदारी करता है। शुक्रवार रात रामनाथ अपने बेटे की जगह चौकीदारी के लिए गए। किसी को अंदाजा भी न था कि उनके जीवन की आखिरी रात होगी और बदमाशों से संघर्ष में उनकी जान चली जाएगी। शनिवार सुबह करीब आठ बजे गन्ना क्रय केंद्र पर काम करने वाले मजदूर पहुंचे तो उन्होंने रामनाथ को मृत अवस्था में पाया। सूचना मिलने पर निगोही और सदर बाजार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। गन्ना क्रय केंद्र पर मौजूद लोगों तथा परिवार वालों से पूछताछ की। एसओजी और डॉग स्क्वॉड भी पहुंचा। खोजी कुत्ता इधर-उधर घूमता रहा लेकिन कोई खास सुराग नहीं मिला। इधर, परिवार वाले किसी रंजिश से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने भी ने लूट का विरोध करने पर हत्या की आशंका जताई है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि गन्ना लदी दो ट्रॉलियों को ले जाने के लिए बदमाश कम से कम एक या दो ट्रैक्टर लेकर आए होंगे। बदमाशों की संख्या के बारे में अनुमान है कि वे दो से ज्यादा होंगे। यह भी आशंका है कि रामनाथ बदमाशों को पहचानता होंगे और इसीलिए सुबूत मिटाने के लिए उनकी जान ले ली। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
खाना खाकर चौकीदारी के लिए चले गए थे रामनाथ
रामनाथ की बहू रेखा ने बताया कि उसके ससुर रामनाथ शुक्रवार शाम करीब सात बजे खाना खाने के लिए घर आए थे। खाना खाने के बाद करीब आठ बजे वह गन्ना क्रय केंद्र पर चले गए। सुबह उनकी मौत की खबर घर पर आई। रामनाथ का एक बेटा प्रमोद कुमार और एक बेटी गिरजा है। दोनों का विवाह हो चुका है। प्रमोद की दो बेटियां हैं। गिरिजा का विवाह ददरौल ब्लॉक के कुतुआपुर गांव में हुआ है।
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क्रय केंद्र में अकेले रहते थे रामनाथ
गन्ना क्रय केंद्र के बाबू राकेश सिंह ने बताया कि वह 4-5 दिन पहले ही केंद्र पर आए हैं। उनके अलावा छह-सात लेबर आते हैं। मजदूर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक रहते हैं। इसके बाद केंद्र पर सिर्फ चौकीदार बचता है। चौकीदार प्रमोद की जगह पर उनके पिता रामनाथ केंद्र पर थे। सुबह रामनाथ की हत्या होने की जानकारी मिली।
किसी से नहीं था विवाद
गांव के लोगों ने बताया कि रामनाथ और उनके बेटे प्रमोद का किसी से कोई विवाद नहीं था। रामनाथ बेहद सीधे-साधे व्यक्ति थे। रामनाथ अक्सर ही अपने बेटे प्रमोद की जगह पर चौकीदारी के लिए क्रय केंद्र पर चले जाते थे। केंद्र करीब छह महीने खुलता है। बाकी छह महीने रामनाथ और उनका बेटा प्रमोद खेती-बाड़ी करके परिवार चलाते हैं। प्रमोद ठेके पर गन्ना छिलाई और फसल कटवाने आदि का काम भी करता था।
कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं जिनके सहारे वारदात के खुलासे के प्रयास किए जा रहे हैं। कई पुलिस टीमें लगी हैं। जल्द वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा। - एस आनंद, एसपी
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निगोही थाना क्षेत्र के निवाड़ी गांव के रहने वाले रामनाथ का बेटा प्रमोद शहबाजनगर के केंद्र पर 35 सौ रुपये में चौकीदारी करता है। शुक्रवार रात रामनाथ अपने बेटे की जगह चौकीदारी के लिए गए। किसी को अंदाजा भी न था कि उनके जीवन की आखिरी रात होगी और बदमाशों से संघर्ष में उनकी जान चली जाएगी। शनिवार सुबह करीब आठ बजे गन्ना क्रय केंद्र पर काम करने वाले मजदूर पहुंचे तो उन्होंने रामनाथ को मृत अवस्था में पाया। सूचना मिलने पर निगोही और सदर बाजार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। गन्ना क्रय केंद्र पर मौजूद लोगों तथा परिवार वालों से पूछताछ की। एसओजी और डॉग स्क्वॉड भी पहुंचा। खोजी कुत्ता इधर-उधर घूमता रहा लेकिन कोई खास सुराग नहीं मिला। इधर, परिवार वाले किसी रंजिश से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने भी ने लूट का विरोध करने पर हत्या की आशंका जताई है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि गन्ना लदी दो ट्रॉलियों को ले जाने के लिए बदमाश कम से कम एक या दो ट्रैक्टर लेकर आए होंगे। बदमाशों की संख्या के बारे में अनुमान है कि वे दो से ज्यादा होंगे। यह भी आशंका है कि रामनाथ बदमाशों को पहचानता होंगे और इसीलिए सुबूत मिटाने के लिए उनकी जान ले ली। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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खाना खाकर चौकीदारी के लिए चले गए थे रामनाथ
रामनाथ की बहू रेखा ने बताया कि उसके ससुर रामनाथ शुक्रवार शाम करीब सात बजे खाना खाने के लिए घर आए थे। खाना खाने के बाद करीब आठ बजे वह गन्ना क्रय केंद्र पर चले गए। सुबह उनकी मौत की खबर घर पर आई। रामनाथ का एक बेटा प्रमोद कुमार और एक बेटी गिरजा है। दोनों का विवाह हो चुका है। प्रमोद की दो बेटियां हैं। गिरिजा का विवाह ददरौल ब्लॉक के कुतुआपुर गांव में हुआ है।
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क्रय केंद्र में अकेले रहते थे रामनाथ
गन्ना क्रय केंद्र के बाबू राकेश सिंह ने बताया कि वह 4-5 दिन पहले ही केंद्र पर आए हैं। उनके अलावा छह-सात लेबर आते हैं। मजदूर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक रहते हैं। इसके बाद केंद्र पर सिर्फ चौकीदार बचता है। चौकीदार प्रमोद की जगह पर उनके पिता रामनाथ केंद्र पर थे। सुबह रामनाथ की हत्या होने की जानकारी मिली।
किसी से नहीं था विवाद
गांव के लोगों ने बताया कि रामनाथ और उनके बेटे प्रमोद का किसी से कोई विवाद नहीं था। रामनाथ बेहद सीधे-साधे व्यक्ति थे। रामनाथ अक्सर ही अपने बेटे प्रमोद की जगह पर चौकीदारी के लिए क्रय केंद्र पर चले जाते थे। केंद्र करीब छह महीने खुलता है। बाकी छह महीने रामनाथ और उनका बेटा प्रमोद खेती-बाड़ी करके परिवार चलाते हैं। प्रमोद ठेके पर गन्ना छिलाई और फसल कटवाने आदि का काम भी करता था।
कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं जिनके सहारे वारदात के खुलासे के प्रयास किए जा रहे हैं। कई पुलिस टीमें लगी हैं। जल्द वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा। - एस आनंद, एसपी

गमगीन मृतक रामनाथ के परिजन । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

शाहजहांपुर के थाना सदर बाजार क्षेत्र में शहबाजनगर स्थित गन्ना क्रय केंद्र से हत्यारे गन्ने से भ?- फोटो : SHAHJAHANPUR