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हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
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शाहजहांपुर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश किरनपाल सिंह ने हत्या के एक मुकदमे में एक दोषी को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मुकदमे के दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया।
सरकारी वकील आशीष त्रिपाठी और संतोष कुमार त्रिवेदी ने बताया कि परौर क्षेत्र के गांव हैदलपुर निवासी ओमवीर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई सावेंद्र होली वाले दिन अपने घर के दरवाजे पर बैठा हुआ था। तभी गांव के नीरज, ओमवीर सिंह और दिनेश वहां नशे में आए और गाली देने लगे। सावेंद्र के विरोध करने पर धमकाते हुए चले गए। 18 अप्रैल 2016 की सुबह करीब दस बजे सावेंद्र खेत से घर आ रहा था।
गांव के पास पहुंचने पर आरोपियों ने सावेंद्र को ललकारा। ओमवीर और दिनेश ने नीरज से रायफल से गोली मारने को कहा। तभी नीरज ने सावेंद्र पर फायर कर दिया। इससे सावेंद्र की मौत हो गई। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयाना और सरकारी वकील के तर्कों से सहमत होकर अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी नीरज को दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी ओमवीर और दिनेश को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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दुष्कर्म के दोषी को सात साल की सजा
शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश पिंकू कुमार ने दुष्कर्म के मुकदमे में दोषी को दस वर्ष के कारावास और 13 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। सरकारी वकील श्रीपाल वर्मा ने बताया कि 11 मई 2012 को पीड़िता के माता-पिता बरेली गए हुए थे। पीड़िता घर पर अकेली थी। तभी उसके घर पर तिलहर क्षेत्र के गांव धनेला निवासी अवधेश घुस आया। और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के चिल्लाने पर अवधेश घर की दीवार फांदकर भाग गया।
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयाना और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी अवधेश को दोषी मानते हुए उसे दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अवधेश पर लगाए 13 हजार रुपये के जुर्माने में से 50 प्रतिशत पीड़िता को दिलाए जाने का आदेश दिया। संवाद
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सरकारी वकील आशीष त्रिपाठी और संतोष कुमार त्रिवेदी ने बताया कि परौर क्षेत्र के गांव हैदलपुर निवासी ओमवीर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई सावेंद्र होली वाले दिन अपने घर के दरवाजे पर बैठा हुआ था। तभी गांव के नीरज, ओमवीर सिंह और दिनेश वहां नशे में आए और गाली देने लगे। सावेंद्र के विरोध करने पर धमकाते हुए चले गए। 18 अप्रैल 2016 की सुबह करीब दस बजे सावेंद्र खेत से घर आ रहा था।
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गांव के पास पहुंचने पर आरोपियों ने सावेंद्र को ललकारा। ओमवीर और दिनेश ने नीरज से रायफल से गोली मारने को कहा। तभी नीरज ने सावेंद्र पर फायर कर दिया। इससे सावेंद्र की मौत हो गई। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयाना और सरकारी वकील के तर्कों से सहमत होकर अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी नीरज को दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी ओमवीर और दिनेश को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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दुष्कर्म के दोषी को सात साल की सजा
शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश पिंकू कुमार ने दुष्कर्म के मुकदमे में दोषी को दस वर्ष के कारावास और 13 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। सरकारी वकील श्रीपाल वर्मा ने बताया कि 11 मई 2012 को पीड़िता के माता-पिता बरेली गए हुए थे। पीड़िता घर पर अकेली थी। तभी उसके घर पर तिलहर क्षेत्र के गांव धनेला निवासी अवधेश घुस आया। और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के चिल्लाने पर अवधेश घर की दीवार फांदकर भाग गया।
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयाना और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी अवधेश को दोषी मानते हुए उसे दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अवधेश पर लगाए 13 हजार रुपये के जुर्माने में से 50 प्रतिशत पीड़िता को दिलाए जाने का आदेश दिया। संवाद