फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   MRF center built a year ago, not operational yet

सालभर से बनकर तैयार एमआरएफ सेंटर, संचालन का अब तक इंतजार

Sat, 29 Oct 2022 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 29 Oct 2022 12:45 AM IST
विज्ञापन
MRF center built a year ago, not operational yet
शाहजहांपुर। सरकारी योजनाओं में लापरवाही से जनता को समय पर उनका लाभ नहीं मिल पाता। इसी की बानगी मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटीज (एमआरएफ) सेंटर हैं। शासन ने कूड़ा निस्तारण के लिए सभी नगर पालिका क्षेत्रों में इन्हें बनवाने के निर्देश दिए थे। जिले के पुवायां और जलालाबाद में एक साल पहले सेंटर बनाए जा चुके हैं पर संचालन नहीं हो सका है। तिलहर में अभी भवन के निर्माण की कवायद तक शुरू नहीं हो सकी है।
विज्ञापन

रोड किनारे डंप हो रहा कूड़ा, एक साल से तैयार सेंटर
जलालाबाद। ग्राम पंचायत सिकंदरपुर अफगानान के मंझरा सुजावलपुर में 0.255 हेक्टेयर जमीन पर 33.5 लाख की लागत से बने एमआरएफ सेंटर का कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पिछले साल 21 जुलाई को लोकार्पण किया था। अभी तक सेंटर संचालित नहीं हो सका है। नगर से प्रतिदिन निकलने वाला करीब साढ़े दस मैट्रिक टन कूड़ा कचरा बरेली हाईवे के किनारे डाला जा रहा था। कुछ दिन पहले हाईवे चौड़ीकरण शुरू होने के बाद से इस कूड़े को शाहजहांपुर रोड पर डाला जाने लगा। वहां हर समय भीषण दुर्गंध बनी रहती है जो न केवल राहगीरों को परेशान करती है बल्कि इस अव्यवस्था से शासन के स्वच्छता अभियान पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर पालिका ईओ दयाशंकर वर्मा ने बताया कि जल निगम द्वारा इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। सेंटर के संचालन के लिए कई प्राइवेट एजेंसियों से संपर्क किया जा चुका है। जल्द ही यह सेंटर शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन

52 लाख खर्च होने के बाद भी बंद पड़ा एमआरएफ सेंटर
पुवायां। नगर पालिका की ओर से सतवां मार्ग के पास 35.80 लाख रुपये की लागत से एमआरएफ सेंटर बनाया गया था। सेंटर के पास डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा भी एकत्र किया जाने लगा। नगर पालिका अध्यक्ष संजय गुप्ता ने 20 दिसंबर 2021को सेंटर का लोकार्पण भी कर दिया। लोकार्पण तो हो गया लेकिन कूड़ा निस्तारण के लिए 16 लाख रुपये की लागत की मशीनें सितंबर 2022 में मंगवाकर नगर पालिका परिसर में रखवा दी गईं। आज भी मशीनें नगर पालिका परिसर में ही रखी हैं। धीरे-धीरे डंपिंग ग्राउंड में कूड़े का पहाड़ बन गया और एक दिन ग्राउंड की एक ओर की दीवार ढह जाने से कूड़ा किसान के खेत में जा गिरा। डंपिंग ग्राउंड भरने के बाद कूड़ा रास्ते में डाला जाने लगा और रास्ते में भी जगह नहीं रहने पर अब कूड़ा खुटार रोड के किनारे डाला जा रहा है। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सुशांत श्रीवास्तव के पास नगर पालिका के ईओ का भी चार्ज है। उन्होंने बताया कि कूड़ा निस्तारण प्लांट चलाने के लिए टेंडर हो गया है। जल्द सेंटर शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

भूमि चयन न होने से शुरू नहीं हुआ निर्माण
तिलहर। नगर पालिका की ओर से कछियानी खेड़ा मंदिर से आगे एमआरएफ सेंटर बनाया जाना है। भूमि का चयन न हो पाने के कारण अब तक सेंटर का निर्माण नहीं शुरू हो सका है। नगर पालिका ईओ सर्वेश कुमार कुशवाहा ने बताया कि निर्माण के लिए जमीन न मिलने के कारण कार्य में देरी हुई है अब भूमि चयन किया जा चुका है। निर्माण एजेंसी को ठेका भी दिया जा चुका है। 33 लाख रुपये की लागत से जनवरी तक एमआरएफ सेंटर का निर्माण हो जाएगा। जल्द काम शुरू होने वाला है।

यह है एमआरएफ सेंटर का लाभ
प्रतिदिन बड़ी मात्रा में एकत्र होने वाले कचरे के निस्तारण के लिए स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत हर नगर पालिका व नगर पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। यहां पहुंचने वाले कूड़े से सूखे और गीले कचरे को अलग कर सूखे कूड़े से प्लास्टिक, लोहा, रोड़ा तथा अन्य तरह के कबाड़ को अलग एकत्रित कर उसकी बिक्री कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed