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एमएलसी की गिरफ्तारी को काम बंद
शाहजहांपुर, ब्यूरो
Updated Mon, 20 Mar 2017 11:35 PM IST
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जिला अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल के स्टाफ से मारपीट का आरोप
एमएलसी संजय मिश्रा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिला अस्पताल के डॉक्टर, नर्से और कर्मचारी सोमवार को कार्य बहिष्कार पर चले गए। सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी के आश्वासन को ठुकराकर कार्य बहिष्कार पर अड़ा स्टाफ शाम को डीएम-एसपी से वार्ता के बाद काम पर लौट आया। इस दौरान पूरे दिन अस्पताल में मरीज बेहाल रहे।
बता दें कि बुधवार की रात एमएलसी संजय मिश्रा जिला अस्पताल अपने परिचित को देखने गए थे। आरोप है कि एमएलसी ने महिला नर्स और स्टाफ के अन्य कर्मचारियों के साथ समर्थकों संग मिलकर मारपीट की थी। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अस्पताल स्टाफ एमएलसी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गया। घटना के चार दिन बीत जाने के बाद सोमवार को पांचवें दिन सुबह वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने से मना कर दिया। इसके बाद डॉक्टर्स भी ओपीडी नहीं पहुंचे। सभी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार पर जाने की घोषणा कर दी। सूचना प्रशासन तक पहुंची तो जिला अस्पताल कर्मचारी संघर्ष समिति से वार्ता करने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे, सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव जिला अस्पताल पहुंचे गए। दोनों अधिकारियों ने सीएमएस कार्यालय में सीएमओ डॉ. कमल कुमार, सीएमएस डॉ. केशव स्वामी की मौजूदगी में संघर्ष समिति पदाधिकारियों से वार्ता की, लेकिन पदाधिकारी एमएलसी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। कर्मचारियों ने दो टूक कह दिया कि वह लोग इस असुरक्षा के माहौल में काम नही करेंगे और काम पर तभी लौटेंगे जब एमएलसी की गिरफ्तारी होगी। इसके बाद वार्ता बीच में छोड़कर कर्मचारी सेकेंड फ्लोर पर मीटिंग करने चले गए। शाम प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को फिर से वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया। सीएमओ, सीएमएस के नेतृत्व में कर्मचारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष वाईपी गौतम, सचिव डॉ. अजय नागर, डॉ. सरोज कुमार आदि स्टाफ के लोगों ने शाम साढ़े चार बजे डीएम कर्ण सिंह चौहान और एसपी केबी सिंह से उनके आवास पर वार्ता की। दोनों अधिकारियों के आश्वासन के बाद अस्पताल स्टाफ काम पर लौटा।
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डीएम-एसपी ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन पर सभी कर्मचारी काम पर लौट आए हैं।
डॉ. अजय नागर, सचिव कर्मचारी संघर्ष समिति
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एमएलसी संजय मिश्रा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिला अस्पताल के डॉक्टर, नर्से और कर्मचारी सोमवार को कार्य बहिष्कार पर चले गए। सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी के आश्वासन को ठुकराकर कार्य बहिष्कार पर अड़ा स्टाफ शाम को डीएम-एसपी से वार्ता के बाद काम पर लौट आया। इस दौरान पूरे दिन अस्पताल में मरीज बेहाल रहे।
बता दें कि बुधवार की रात एमएलसी संजय मिश्रा जिला अस्पताल अपने परिचित को देखने गए थे। आरोप है कि एमएलसी ने महिला नर्स और स्टाफ के अन्य कर्मचारियों के साथ समर्थकों संग मिलकर मारपीट की थी। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अस्पताल स्टाफ एमएलसी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गया। घटना के चार दिन बीत जाने के बाद सोमवार को पांचवें दिन सुबह वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने से मना कर दिया। इसके बाद डॉक्टर्स भी ओपीडी नहीं पहुंचे। सभी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार पर जाने की घोषणा कर दी। सूचना प्रशासन तक पहुंची तो जिला अस्पताल कर्मचारी संघर्ष समिति से वार्ता करने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे, सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव जिला अस्पताल पहुंचे गए। दोनों अधिकारियों ने सीएमएस कार्यालय में सीएमओ डॉ. कमल कुमार, सीएमएस डॉ. केशव स्वामी की मौजूदगी में संघर्ष समिति पदाधिकारियों से वार्ता की, लेकिन पदाधिकारी एमएलसी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। कर्मचारियों ने दो टूक कह दिया कि वह लोग इस असुरक्षा के माहौल में काम नही करेंगे और काम पर तभी लौटेंगे जब एमएलसी की गिरफ्तारी होगी। इसके बाद वार्ता बीच में छोड़कर कर्मचारी सेकेंड फ्लोर पर मीटिंग करने चले गए। शाम प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को फिर से वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया। सीएमओ, सीएमएस के नेतृत्व में कर्मचारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष वाईपी गौतम, सचिव डॉ. अजय नागर, डॉ. सरोज कुमार आदि स्टाफ के लोगों ने शाम साढ़े चार बजे डीएम कर्ण सिंह चौहान और एसपी केबी सिंह से उनके आवास पर वार्ता की। दोनों अधिकारियों के आश्वासन के बाद अस्पताल स्टाफ काम पर लौटा।
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डीएम-एसपी ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन पर सभी कर्मचारी काम पर लौट आए हैं।
डॉ. अजय नागर, सचिव कर्मचारी संघर्ष समिति