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Shahjahanpur News: श्रमिकों और रोजगार सेवकों के करोड़ों रुपये बकाया
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रंजीत कठेरिया।
शाहजहांपुर। मनरेगा अब वीबी जी राम जी योजना में श्रमिकों और रोजगार सेवकों का पांच करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है। दिसंबर से श्रमिकों और रोजगार सेवकों का मानदेय नहीं मिला है। श्रमिकों ने कार्य में रुचि लेना बंद कर दिया है। काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। मात्र 1749 श्रमिक प्रधानमंत्री आवास बनाने और तालाब की खोदाई का काम कर रहे हैं।
मानदेय नहीं मिलने से श्रमिक काफी परेशान हैं। केंद्र सरकार ने मनरेगा को वीबी जी राम जी योजना के रूप में परिवर्तित किया है। इसकी नई गाइडलाइन आना अभी बाकी है। फिलहाल अभी मनरेगा योजना ही चल रही है। वर्तमान में योजना के अधिकतर काम बंद हैं। सिर्फ प्रधानमंत्री आवास योजना और तालाबों की खोदाई का काम चल रहा है।
दिसंबर से श्रमिकों का भुगतान नहीं किया गया है। करीब 75 लाख 70 हजार रुपये श्रमिकों का तो इसी योजना के अंतर्गत आने वाले रोजगार सेवकों का भी चार करोड़ से अधिक का भुगतान बाकी है। इनका भी दिसंबर से भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान मिलने में हो रही हीलाहवाली की वजह से श्रमिक योजना में रुचि नहीं ले रहे हैं। श्रमिकों को एक दिन का मानदेय 252 रुपये दिया जा रहा है। समय से भुगतान नहीं मिलने से श्रमिकों के सामने परिवार के पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
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जिले में स्थिति
- 463556 श्रमिक योजना में पंजीकृत
- 185537 श्रमिक क्रियाशील
- 1749 श्रमिक वर्तमान में कार्य कर रहे
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45 करोड़ रुपये सामग्री का भुगतान भी बकाया
मनरेगा के कार्याें में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का करीब 45 करोड़ रुपये भुगतान बकाया है। यह ग्राम पंचायत स्तर और संबंधित एजेंसियों द्वारा लगाया गया है। भुगतान नहीं होने की स्थिति में अन्य निर्माण कार्य रुक गए हैं। बारिश से पहले ग्रामीण क्षेत्रों की चक रोड आदि का निर्माण कराया जाता है जो कि बंद हैं।
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पंद्रह हाजिरी के रुपये दो साल बीत जाने के बाद भी नहीं मिले। कई बार प्रधान से कहा लेकिन अब तक रुपये खाते में नहीं आए हैं।
- रंजीत कठेरिया
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मनरेगा में 20 दिन काम किया था। उसकी मजदूरी नहीं मिली है। काम करने के बाद भी मजदूरी नहीं मिलने पर मनरेगा में काम करने का मन नहीं है।
- संजीव कुमार
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श्रमिकों व अन्य मदों का भुगतान बकाया है। जो शासन स्तर से होना है। वर्तमान में कार्य बहुत धीमी गति से हो रहा है। अधिकतर श्रमिक प्रधानमंत्री आवास और तालाब खोदाई के काम में लगे हैं।
- यशोवर्धन सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार
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मानदेय नहीं मिलने से श्रमिक काफी परेशान हैं। केंद्र सरकार ने मनरेगा को वीबी जी राम जी योजना के रूप में परिवर्तित किया है। इसकी नई गाइडलाइन आना अभी बाकी है। फिलहाल अभी मनरेगा योजना ही चल रही है। वर्तमान में योजना के अधिकतर काम बंद हैं। सिर्फ प्रधानमंत्री आवास योजना और तालाबों की खोदाई का काम चल रहा है।
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दिसंबर से श्रमिकों का भुगतान नहीं किया गया है। करीब 75 लाख 70 हजार रुपये श्रमिकों का तो इसी योजना के अंतर्गत आने वाले रोजगार सेवकों का भी चार करोड़ से अधिक का भुगतान बाकी है। इनका भी दिसंबर से भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान मिलने में हो रही हीलाहवाली की वजह से श्रमिक योजना में रुचि नहीं ले रहे हैं। श्रमिकों को एक दिन का मानदेय 252 रुपये दिया जा रहा है। समय से भुगतान नहीं मिलने से श्रमिकों के सामने परिवार के पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
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जिले में स्थिति
- 463556 श्रमिक योजना में पंजीकृत
- 185537 श्रमिक क्रियाशील
- 1749 श्रमिक वर्तमान में कार्य कर रहे
45 करोड़ रुपये सामग्री का भुगतान भी बकाया
मनरेगा के कार्याें में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का करीब 45 करोड़ रुपये भुगतान बकाया है। यह ग्राम पंचायत स्तर और संबंधित एजेंसियों द्वारा लगाया गया है। भुगतान नहीं होने की स्थिति में अन्य निर्माण कार्य रुक गए हैं। बारिश से पहले ग्रामीण क्षेत्रों की चक रोड आदि का निर्माण कराया जाता है जो कि बंद हैं।
पंद्रह हाजिरी के रुपये दो साल बीत जाने के बाद भी नहीं मिले। कई बार प्रधान से कहा लेकिन अब तक रुपये खाते में नहीं आए हैं।
- रंजीत कठेरिया
मनरेगा में 20 दिन काम किया था। उसकी मजदूरी नहीं मिली है। काम करने के बाद भी मजदूरी नहीं मिलने पर मनरेगा में काम करने का मन नहीं है।
- संजीव कुमार
श्रमिकों व अन्य मदों का भुगतान बकाया है। जो शासन स्तर से होना है। वर्तमान में कार्य बहुत धीमी गति से हो रहा है। अधिकतर श्रमिक प्रधानमंत्री आवास और तालाब खोदाई के काम में लगे हैं।
- यशोवर्धन सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार

रंजीत कठेरिया।