फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Meal arrangements in shelter home, laborers created ruckus

तिलहर के शेल्टर होम में भोजन व्यवस्था को लेकर मजदूरों का हंगामा

Wed, 29 Apr 2020 06:27 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2020 06:27 PM IST
विज्ञापन
Meal arrangements in shelter home, laborers created ruckus
तिलहर (शाहजहांपुर)। हरियाणा से आए मजदूरों के लिए महानगर समेत तहसील मुख्यालयों पर बनाए गए शेल्टर होम में 24 घंटे बाद भी प्रवासी मजदूरों की भोजन व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। मजदूरों की ओर से अपर्याप्त भोजन देने की शिकायतेें की जा रही है। तिलहर के शेल्टर होम में समय से भोजन नहीं मिलने पर मजदूरों ने मंगलवार को फिर हंगामा किया। इस दौरान वहां पहुंचे विधायक रोशन लाल वर्मा ने मजदूरों की शिकायत पर लेखपालों को काफी फटकार लगाई। उन्होंने डीएम से भी शिकायत करने को कहा है।
विज्ञापन

तिलहर में हरियाणा से लाए गए 136 मजदूरों के लिए जीजीआईसी इंटर कॉलेज में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में मंगलवार को जांच के दौरान निगोही क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले मजदूर बुखार से पीड़ित पाए जाने पर उसे एंबुलेंस से जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। इस बीच, सेंटर पर पहुंचे विधायक रोशनलाल वर्मा ने भोजन व्यवस्था में कमियों को लेकर मजदूरों को हंगामा करते देख व्यवस्था में लगे लेखपालों की जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने मजदूरों को अपनी ओर से फल, साबुन, चना, बिस्कुट आदि मुहैया कराए। एक अन्य मजदूर के पेट में दर्द होने की शिकायत पर उसे दवा दी गई। सीएचसी प्रभारी डॉ. कमरुज्जमा ने बताया कि सुबह बुखार से पीड़ित मजदूर समेत पांच अन्य मजदूरों को रैंडम मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा गया है। विधायक के पहुंचने पर मजदूर अपने कमरों से निकलकर बाहर गेट में लगे चैनल के पास एकत्र हो गए। उन्होंने एक स्वर से घटिया खाना देने और साबुन, मंजन आदि न मिलने की शिकायत की। पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने कहा कि भोजन कम मिलने से मजदूर भूखे हैं और उन्हें तेल, साबुन भी नहीं मिल रहा है। यही नहीं, उन्हें एक्सपायर हो चुके बिस्कुट दिए जा रहे हैं, जिसका रैपर वह डीएम को दिखाएंगे।
विज्ञापन

बैठने के बजाय इधर-उधर घूम रहे मजदूर
भावलखेड़ा। रॉयन इंटरनेशनल स्कूल में बनाए गए शेल्टर होम में हरियाणा से आए 115 मजदूरों को ठहराया गया है। स्कूल के प्रत्येक कक्ष में सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए गद्दे डाले गए हैं। इसके बावजूद मजदूर नियत स्थानों पर बैठकर समय बिताने के बजाय इधर-उधर घूमते दिख रहे हैं। उनकी सुरक्षा के लिए थाना सदर बाजार, रामचंद्र मिशन, चौक कोतवाली का फोर्स तैनात किया गया है। मजदूरों को ताजा भोजन उपलब्ध कराने के लिए एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह ने स्कूल परिसर में चाय-पान और भोजन पकाने की व्यवस्था कराई है। उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए डॉक्टरों की टीम भी मौजूद रही। इस बीच, प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुवायां में मजदूरों के स्वास्थ्य की हुई जांच
पुवायां। क्षेत्र में दो शेल्टर होम बनाए गए हैं। पुवायां इंटर कालेज शेल्टर होम मेें रखे गए हरियाणा के सभी 214 श्रमिकों के स्वास्थ्य की मंगलवार को दोबारा जांच कराई गई, लेकिन सभी सामान्य मिले और किसी भी मजदूर ने स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या नहीं बताई। नायब तहसीलदार भानु प्रताप सिंह श्रमिकों के खान-पान व्यवस्था की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। इस बीच, एसडीएम दशरथ कुमार ने वहां जाकर मजदूरों की कुशलता पूछी और सुरक्षा में लगाए गए पुलिस कर्मचारियों को क्वारंटीन किए गए श्रमिकों से सामाजिक दूरी का पालन कराने के निर्देश दिए।
सोमवार रात पहुंचे सात अन्य श्रमिक
जलालाबाद। राजकीय महाविद्यालय में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में सोमवार रात सात लोग और आ जाने के बाद यहां क्वारंटीन किए गए मजदूरों की संख्या 60 हो गई है। सेंटर पर मौजूद लोगों की देखभाल के लिए पांच पुलिस कर्मियों के अलावा कानूनगो राकेश गुप्ता के साथ कई लेखपालों को लगाया गया है। वहां व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार सभी मजदूरों का आधार कार्ड या कोई अन्य आईडी लेकर उन्हें राहत आयुक्त की वेबसाइट पर अपलोड कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सेंटर को जियो टैग करवाया गया है। रविवार रात इस सेंटर पर पांच महिलाओं समेत 53 लोग पहुंचे थे।

सामाजिक दूरी भूलकर ताश खेल रहे श्रमिक
मिर्जापुर। कलान तहसील क्षेत्र के 65 प्रवासी मजदूरों को धर्मजीत सिंह महाविद्यालय में बने शेल्टर होम में क्वारंटीन टीम किया गया है। प्रवासी मजदूरों का कहना है कि सुबह जो चाय मिली, उसमें चीनी और दूध की मात्रा कम होने के कारण चाय गरम पानी जैसी लग रही थी। यही हाल दोपहर में बांटे गए भोजन का भी रहा। खाने में कद्दू की सब्जी में नमक और मिर्च नहीं होने पर प्रवासी मजदूरों ने नमक और मिर्च ऊपर से डालकर पेट भरा। मजदूरों के अनुसार नहाने और कपड़े धोने के साबुन आज तीसरे दिन दिए गए। क्वारटीन प्रवासी मजदूर खाना खाने के बाद समय काटने के लिए सामाजिक दूरी से बेपरवाह होकर ताश खेलते दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed