फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Many lakes of the metropolis are counting their last breaths waiting for nectar

Shahjahanpur News: अमृत के इंतजार में आखिरी सांसें गिन रहे महानगर के कई सरोवर

Mon, 12 Jun 2023 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Mon, 12 Jun 2023 12:49 AM IST
विज्ञापन
Many lakes of the metropolis are counting their last breaths waiting for nectar
पक्का तालाब में पड़े कूड़े में खाना ढूंढते पशु।संवाद
शाहजहांपुर। सरकार की ओर से तालाबों को संरक्षित करने की बात की जा रही है। अमृत सरोवर योजना के तहत सुंदरीकरण कराने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। शहर के तालाब इस सारी कवायद की हकीकत बयां कर रहे हैं। इनकी स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। लोगों ने तालाबों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। कूड़ा डालकर उन्हें पाटा जा रहा है। इससे गंदगी के साथ ही मच्छर पनप रहे हैं। नगर निगम की ओर से दावा किया जा रहा था कि जल्द ही तालाबों की सफाई करके सुंदरीकरण कराया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
विज्ञापन

डलावघर बन गया है पक्का तालाब
शहर के बाडूजई प्रथम में स्थित तालाब बहुत प्राचीन है। इसे पक्का तालाब के नाम से जाना जाता है। बताया जाता है कई दशकों पहले यह तालाब बहुत सुंदर हुुआ करता था। अब हालात बेहद खराब हैं। लोगों ने तालाब की काफी जमीन पर कब्जा कर लिया। उसकी वजह से इसका सुंदरीकरण नहीं हो पा रहा है। तालाब को डलावघर बना दिया गया है। इसकी वजह से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। गंदगी और बदबू की वजह से लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। गंदगी की वजह से तालाब में मच्छर पनप रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी तालाब को कब्जा मुक्त नहीं करा पा रहे हैं। इससे तालाब का सुंदरीकरण नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन

अजीजगंज तालाब को पाट कर बना लिए मकान
अजीजगंज स्थित तालाब का भी सुंदरीकरण होना है। इस तालाब को पाटकर लोगों ने मकान बना लिए हैं। कुछ हिस्से में ई-रिक्शा आदि खड़े किए जा रहे हैं। कब्जे की वजह से तालाब संकुचित हो गया है। बारिश होने पर तालाब उफना जाता है और पानी आसपास के घरों में घुस जाता है। तालाब इस कदर गंदगी है कि पशु भी इसका पानी नहीं पीते हैं। स्थानीय लोगों को कहना है कि नेता चुनाव में तो वादा करते है कि तालाब का सुंदरीकरण किया जाएगा, लेकिन चुनाव होने के बाद भूल जाते हैं। अधिकारी भी कई बार इस तालाब का निरीक्षण कर चुके है, लोगों से कब्जा हटाने के लिए कहते है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। इसकी वजह से कब्जा करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------------
गंदगी और बदबू से रहना मुश्किल
फोटो-5
- पक्का तालाब में सफाई कर्मचारी कूड़ा डाल देते हैं, जिसकी वजह से बदबू आती है। घरों में रहना मुश्किल हो गया है। इस ओर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। - सुमेर लाल
---------
सिर्फ निरीक्षण करने आते हैं अधिकारी
फोटो-6
- काफी दिनों से सुन रहे है कि पक्का तालाब का सुंदरीकरण होगा। अधिकारी आते हैं और निरीक्षण करके चले जाते हैं। तालाब की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। इसे मुक्त नहीं करा पा रहे हैं। - राजकुमार
---------
सड़कों पर आता है कूड़ा उड़कर
फोटो-7
क्षेत्र के लोग भी तालाब में कूड़ा फेंक देते हैं। इससे गंदगी फैलती है। हवा चलने पर कूड़ा उड़कर सड़कों पर आ जाता है, इससे नालियां चोक हो जाती हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। - असलम
---------
जल्द कराएं सुंदरीकरण
फोटो- 8
पक्का तालाब बहुत प्राचीन है। कब्जामुक्त कराके इसका सुंदरीकरण कराया जाना चाहिए। ताकि क्षेत्र के लोग तालाब किनारे घूम-टहल सकें और गंदगी से निजात मिल सके, लेकिन इस ओर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। पुत्तू

-----------
वर्जन-
पक्का तालाब, अजीजगंज तालाब, शाहमतगंज गौंटिया तालाब और चिनौर के एक तालाब की अमृत योजना के तहत डीपीआर तैयार कर ली गई है। शासन को भेजा जा रहा है। तालाबों को कब्जामुक्त कराकर सुंदरीकरण का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। - संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त

पक्का तालाब में पड़े कूड़े में खाना ढूंढते पशु।संवाद

पक्का तालाब में पड़े कूड़े में खाना ढूंढते पशु।संवाद

पक्का तालाब में पड़े कूड़े में खाना ढूंढते पशु।संवाद

पक्का तालाब में पड़े कूड़े में खाना ढूंढते पशु।संवाद

पक्का तालाब में पड़े कूड़े में खाना ढूंढते पशु।संवाद

पक्का तालाब में पड़े कूड़े में खाना ढूंढते पशु।संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed