{"_id":"66493a95463cd4f4580301d7","slug":"man-guilty-of-murderous-attack-sentenced-to-eight-years-imprisonment-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1036-118931-2024-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: जानलेवा हमले के दोषी को आठ वर्ष के कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: जानलेवा हमले के दोषी को आठ वर्ष के कारावास की सजा
Sun, 19 May 2024 05:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 19 May 2024 05:02 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश भानुदेव शर्मा ने जानलेवा हमला करने के मुकदमे में एक दोषी को आठ वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, कलान क्षेत्र के गांव मदनपुर निवासी अमरपाल सिंह ने आरसी मिशन थाने में तहरीर देकर बताया कि उनका बेटा मुनीश बाइपास रोड सरायखास पर एक सिक्योरिटी एजेंसी में काम करता था। दो जुलाई 2017 को वह अपने बेटे के पास गया था। वह अपने बेटे मुनीश के साथ गार्ड रूम में बैठे हुए थे। रात 11:20 बजे बिजली जाने पर मुनीश जेनरेटर चलाने चला गया। तभी वहां पर सरायकाइयां निवासी गिरधारी आ गया। एक विवाद के बाद से गिरधारी उसके बेटे से दुश्मनी मानता था। उसने बेटे को पेट में गोली मार दी। वादी की तहरीर के आधार पर गिरधारी के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। सत्र न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सिंह के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने गिरधारी को दोषी माना। उसे आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार, कलान क्षेत्र के गांव मदनपुर निवासी अमरपाल सिंह ने आरसी मिशन थाने में तहरीर देकर बताया कि उनका बेटा मुनीश बाइपास रोड सरायखास पर एक सिक्योरिटी एजेंसी में काम करता था। दो जुलाई 2017 को वह अपने बेटे के पास गया था। वह अपने बेटे मुनीश के साथ गार्ड रूम में बैठे हुए थे। रात 11:20 बजे बिजली जाने पर मुनीश जेनरेटर चलाने चला गया। तभी वहां पर सरायकाइयां निवासी गिरधारी आ गया। एक विवाद के बाद से गिरधारी उसके बेटे से दुश्मनी मानता था। उसने बेटे को पेट में गोली मार दी। वादी की तहरीर के आधार पर गिरधारी के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। सत्र न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सिंह के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने गिरधारी को दोषी माना। उसे आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन