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रेल और बसें रही यात्रियों से फुल
शाहजहांपुर।
Updated Sat, 29 Aug 2015 11:46 PM IST
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भाई-बहन के स्नेह के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन पर शनिवार को सुबह से रेलवे स्टेशन और रोडवेज पर यात्रियों का रेला चलने लगा। लांग रूट की सभी ट्रेनों की अधिकांश बोगियां फुल होकर शाहजहांपुर पहुंच रही थी। जिसके चलते जनरल बोगियों में यहां के मुसाफिरों को जगह भी मुश्किल तमाम मिल पा रही थी। नतीजे में विकल्प के तौर पर यात्री रोडवेज पहुंच रहे थे।
इससे परिवहन निगम की लांग रूट वाली कई बसों को मुसाफिरों की संख्या ज्यादा देख लोकल रूट पर डायवर्ट कर दिया गया। रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर एक सप्ताह पहले से आरक्षण की मांग बढ़ गई थी। रक्षाबंधन के दिन सभी ट्रेनों पर पर्व का असर दिखा। पूर्वांचल को दिल्ली और पंजाब से जोड़ने वाली सियालदाह, गुवाहाटी, जननायक, सत्याग्रह, काशी विश्वनाथ आदि कई ट्रेनों में अगले 15 दिन के लिए कोई सीट नहीं बची। इसके बावजूद स्थानीय स्टेशन पर लखनऊ, हरदोई, बरेली, मुरादाबाद आदि नजदीकी स्टेशनों के यात्री सुबह से स्टेशन पर पहुंचने लगे।
भीड़ का आलम यह रहा कि मुगलसराय, बरेली-बनारस पैसेंजर जैसी ट्रेनों में घुसने के लिए भी लोगों को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ा। जबकि आम दिनों में इनमें सुकून के साथ सीट मिल जाती है। भारी सामान के साथ बच्चों समेत स्टेशन पहुंचने वाले कई परिवारों को ट्रेन में जगह नहीं मिली तो उन्होंने रेलवे के अनारक्षित टिकट वापस करके रोडवेज स्टेशन की ओर रुख किया।
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रोडवेज बसों में भी लोकल रूट के लिए सुबह से भीड़ उमड़ने लगी। हालांकि, परिवहन निगम के अधिकारियों ने सूझ-बूझ से काम लिया। एआरएम आरके वर्मा ने सुबह दस बजे तक मुरादाबाद-दिल्ली के लांग रूट पर दो दर्जन से अधिक बसें रवाना करने के बाद इसी रूट की वापसी वाली कई बसें यहां पहुंचने पर फर्रुखाबाद, पलिया, गोला, लखीमपुर खीरी जैसे लोकल रूट पर रवाना कराईं। रक्षाबंधन का मुहूर्त भद्रा काल प्रभावी होने के कारण दोपहर 1.45 बजे होने के कारण रोडवेज स्टेशन पर दिन मेें 12 बजे स्थानीय मार्गों पर जाने वाले यात्री बढ़ गए। इसे देखते इन सभी रूट पर शटल सेवा आरंभ करके संबंधित चालक-परिचालक को बसों के तीन फेरा लगाने के निर्देश दिए गए।
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इससे परिवहन निगम की लांग रूट वाली कई बसों को मुसाफिरों की संख्या ज्यादा देख लोकल रूट पर डायवर्ट कर दिया गया। रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर एक सप्ताह पहले से आरक्षण की मांग बढ़ गई थी। रक्षाबंधन के दिन सभी ट्रेनों पर पर्व का असर दिखा। पूर्वांचल को दिल्ली और पंजाब से जोड़ने वाली सियालदाह, गुवाहाटी, जननायक, सत्याग्रह, काशी विश्वनाथ आदि कई ट्रेनों में अगले 15 दिन के लिए कोई सीट नहीं बची। इसके बावजूद स्थानीय स्टेशन पर लखनऊ, हरदोई, बरेली, मुरादाबाद आदि नजदीकी स्टेशनों के यात्री सुबह से स्टेशन पर पहुंचने लगे।
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भीड़ का आलम यह रहा कि मुगलसराय, बरेली-बनारस पैसेंजर जैसी ट्रेनों में घुसने के लिए भी लोगों को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ा। जबकि आम दिनों में इनमें सुकून के साथ सीट मिल जाती है। भारी सामान के साथ बच्चों समेत स्टेशन पहुंचने वाले कई परिवारों को ट्रेन में जगह नहीं मिली तो उन्होंने रेलवे के अनारक्षित टिकट वापस करके रोडवेज स्टेशन की ओर रुख किया।
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रोडवेज बसों में भी लोकल रूट के लिए सुबह से भीड़ उमड़ने लगी। हालांकि, परिवहन निगम के अधिकारियों ने सूझ-बूझ से काम लिया। एआरएम आरके वर्मा ने सुबह दस बजे तक मुरादाबाद-दिल्ली के लांग रूट पर दो दर्जन से अधिक बसें रवाना करने के बाद इसी रूट की वापसी वाली कई बसें यहां पहुंचने पर फर्रुखाबाद, पलिया, गोला, लखीमपुर खीरी जैसे लोकल रूट पर रवाना कराईं। रक्षाबंधन का मुहूर्त भद्रा काल प्रभावी होने के कारण दोपहर 1.45 बजे होने के कारण रोडवेज स्टेशन पर दिन मेें 12 बजे स्थानीय मार्गों पर जाने वाले यात्री बढ़ गए। इसे देखते इन सभी रूट पर शटल सेवा आरंभ करके संबंधित चालक-परिचालक को बसों के तीन फेरा लगाने के निर्देश दिए गए।