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कल मनाई जाएगी मकर संक्रांति, स्नान-दान से मिलेगा पुण्य

Fri, 14 Jan 2022 01:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jan 2022 01:03 AM IST
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Makar Sankranti will be celebrated tomorrow, will get virtue from bathing
शाहजहांपुर। ज्योतिष व पंडितों के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व इस बार 15 जनवरी शनिवार को मनाया जाएगा। सूर्य भगवान धनु राशि से निकलकर 14 जनवरी की रात 8:34 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। सूर्य की उपासना के पर्व के साथ ही खरमास की भी समाप्ति हो जाएगी।
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श्री रुद्र बालाजी धाम के पुजारी व शास्त्री केके शुक्ला के बताया कि पौष शुक्ल द्वादशी 14 जनवरी को रात 8.34 बजे भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। साथ ही सूर्य उत्तरायण भी हो जाएंगे। रात के समय संक्रांति लग रही है, ऐसे में इसका पुण्यकाल अगले दिन 15 जनवरी शनिवार को माना जाएगा।
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खिचड़ी का पर्व व मकर संक्रांति का स्नान, दान प्रात: काल से मध्याह्न काल तक किया जा सकेगा। बताया कि इस बार संक्रांति की शुरुआत रोहिणी नक्षत्र में हो रही है और ब्रह्म योग बनने वाला है। संक्रांति के दिन से ही शुभ कार्य विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश व धार्मिक कार्य आरंभ हो जाएंगे। मकर संक्रांति के दिन जप, तप, दान और पवित्र नदियों में स्नान का महत्व है।
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स्नान-दान का खास महत्व
चौक में मंडी स्थित दुर्गा माता मंदिर पुजारी अरुण शुक्ला बताते हैं कि मकर संक्रांति पर स्नान व दान का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान को काफी शुभ माना गया। इसी दिन से धर्म मास माघ भी शुरू होगा। सूर्य के उत्तरायण होने से काफी प्रखरता आ जाती है। ठंड के बाद गर्म होने से चर्म रोग होने की संभावना रहने से तिल का सेवन किया जाता है। तिल से चर्म रोग का खतरा कम हो जाता है। तिल तैलीय होता है, जिससे शरीर निरोग रहता है। तर्पण करने से पितरों को अक्षय तृप्ति प्राप्त होती है, जबकि तर्पण करने वाले को अनंत गुना फल मिलता है।
इस तरह से करें पूजन
प्रात: काल सूर्योदय के समय सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर पूजन करें। सूर्य को लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़, मसूर की दाल, लाल पुष्प, नारियल, दक्षिणा अर्पित करें। ब्राह्मणों को चावल, उड़द की दाल, तिल, कंबल, घी, दक्षिणा का दान करें। इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

कोरोना का रखें ध्यान, घर पर ही करें स्नान
कोरोना की तीसरी लहर के बीच लोग स्नान को लेकर असमंजस में है। पंडित अरुण कुमार शुक्ला का कहना है कि घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें मिलाकर स्नान किया जाए तो इसका वैसा ही लाभ और पुण्य मिलता है जैसा कि गंगा स्नान से मिलता है। कोरोना महामारी के चलते अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।
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