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Shahjahanpur News: आज द्वादश पार्थिव शिवलिंग का महारुद्राभिषेक
Mon, 30 Dec 2024 12:18 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 30 Dec 2024 12:18 AM IST
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पुवायां में शिव महापुराण की कथा सुनाते कथा व्यास शिवलाल शुक्ला। संवाद
पुवायां। कैमहरा रोड पर एक पैलेस में शिव महापुराण कथा चल रही है। व्यास शिवलाल शुक्ला ने रविवार को बैजनाथ ज्योतिर्लिंग का प्रसंग सुनाया। आयोजक महेश शर्मा ने बताया कि सोमवार को द्वादश पार्थिव शिवलिंग का महारुद्राभिषेक किया जाएगा।
बताया कि एक बार रावण ने पंच अग्नि में बैठकर कठिन तपस्या की। शीतलहर में जल में खड़े रहे। भगवान भोलेनाथ प्रकट हुए तो रावण ने कहा कि वह लंका चलकर रहें। भगवान शिव ने कहा कि हमारा शिवलिंग लंका में स्थापित करो, लेकिन शिवलिंग जिस जगह से लेकर चलोगे, फिर लंका में ही रखना। बीच में रख दिया तो शिवलिंग वहीं स्थापित हो जाएगा। रावण शिवलिंग लेकर चला तो भगवान विष्णु ने उसे तेज लघुशंका का एहसास कराया। रावण शिवलिंग जमीन पर नहीं रख सकता था। पास में भगवान विष्णु ग्वाले बैजू के वेश में गाय चरा रहे थे। रावण ने उनको शिवलिंग देकर कुछ देर बाद वापस लेने के लिए कहा, लेकिन बैजू ने शिवलिंग जमीन पर रख दिया। रावण ने वापस आकर शिवलिंग उठाने का प्रयास किया पर वह टस से मस नहीं हुआ। यह स्थान बैजनाथ ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाता है। संवाद
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बताया कि एक बार रावण ने पंच अग्नि में बैठकर कठिन तपस्या की। शीतलहर में जल में खड़े रहे। भगवान भोलेनाथ प्रकट हुए तो रावण ने कहा कि वह लंका चलकर रहें। भगवान शिव ने कहा कि हमारा शिवलिंग लंका में स्थापित करो, लेकिन शिवलिंग जिस जगह से लेकर चलोगे, फिर लंका में ही रखना। बीच में रख दिया तो शिवलिंग वहीं स्थापित हो जाएगा। रावण शिवलिंग लेकर चला तो भगवान विष्णु ने उसे तेज लघुशंका का एहसास कराया। रावण शिवलिंग जमीन पर नहीं रख सकता था। पास में भगवान विष्णु ग्वाले बैजू के वेश में गाय चरा रहे थे। रावण ने उनको शिवलिंग देकर कुछ देर बाद वापस लेने के लिए कहा, लेकिन बैजू ने शिवलिंग जमीन पर रख दिया। रावण ने वापस आकर शिवलिंग उठाने का प्रयास किया पर वह टस से मस नहीं हुआ। यह स्थान बैजनाथ ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाता है। संवाद
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