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सरकार ने हिंसा कराई और बदनाम किया किसानों कोः नरेश टिकैत
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महा पंचायत को संबोधित करती पंजाबी गायिका रूपिंदर कौर हांडा
- फोटो : POWAYAN
पुवायां (शाहजहांपुर)। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों की समस्या और समाधान के साथ ही सम्मान भी जोड़ दिया है। सरकार ने किसानों के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। सरकार ने ऐसी नौबत लाकर खड़ी कर दी है कि किसानों को आंदोलन करना पड़ रहा है। किसान एक हैं और देश भर में किसानों की समस्याओं की चर्चा है। किसान एक नहीं हुए तो बर्बाद हो जाएंगे।
पुवायां खुटार हाईवे किनारे गांव गुटैया में शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत हुई। इसमें नरेश टिकैत ने कहा कि भाजपा से पहले जो सरकारें आईं, उन्होंने किसान पर इतना जुल्म नहीं किया, लेकिन भाजपा सरकार ने किसानों के साथ अन्याय की सीमाएं तोड़ दी हैं। किसानों ने भाजपा का साथ दिया, लेकिन भाजपा सरकार किसानों की सबसे बड़ी दुश्मन बन गई है। सरकार ने दिल्ली में हिंसा खुद कराई और बदनाम किसानों को किया। लाल किले पर निशान साहिब फहराने वालों के फोटो भाजपा नेताओं के साथ होना इसका प्रमाण हैं। 26 जनवरी को दिल्ली में जो हुआ वह सरकार की योजना थी। आरोपी सरकार के ही लोग थे। उन्होंने सवाल उठाया कि हिंसा के दौरान दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की? सरकार दिल्ली हिंसा पर ज्यादा नाटक न करके सही जांच कराए और दोषियों को जेल भेजे। किसान को आतंकवादी, खालिस्तानी, टुकड़े टुकड़े गैंग, परजीवी कहा गया।
भाजपा सरकार ने गुजरात के गोधरा में तमाम लोगों की जिंदा जलवा दिया। सबसे ज्यादा तानाशाही रवैया भाजपा का ही है। मुरादाबाद, मेरठ सहित पश्चिम के जिलों में भाजपा नेताओं को कोई बुलाना नहीं चाहता। कोई बुलाता है तो पंचायत बुलाई जाती है, और बुलाने वाले से कारण पूछा जाता है। यदि भाजपा के लोग गलत नहीं हैं तो ऐसा क्यों हो रहा है। किसान सरकार विरोधी नहीं हैं, सरकार की नीतियों के विरोधी हैं। नरेश टिकैत ने कहा कि जिस दिन राकेश टिकैत भावुक हुए थे, उस दिन वह भी परेशान हुए थे और लगा था कि आंदोलन समाप्त हो जाएगा। मगर राकेश टिकैत ने सोचा कि धरना समाप्त होने के बाद वह चले जाएंगे, लेकिन वहां मौजूद किसानों के साथ बहुत अन्याय किया जाएगा, यह सोचकर वह आंदोलन पर डटे रहे।
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नरेश टिकैत ने कहा कि सिख कौम ने सदैव देश के सम्मान और राष्ट्रहित की बात की है और राष्ट्रहित में काम किया है, लेकिन आंदोलन को लेकर सिखों को बदनाम किया जा रहा है। किसान आंदोलन से सरकार की जमीन खिसक गई है। बहुत जल्द किसानों को सफलता मिलेगी। किसान इस बहकावे में न आएं कि किसान आंदोलन बीच में समाप्त हो जाएगा। किसानों के साथ धोखा नहीं होगा, जो भी वार्ता होगी संयुक्त किसान मोर्चा ही करेगा। किसानों के हर परिवार से एक व्यक्ति गाजीपुर बार्डर पर जाने को तैयार रहे। आरोप लगाया कि, भाजपा सरकार सब बेच रही है, निजीकरण कर रही है। यह पूरी तरह से गलत है। टिकैत ने कहा कि गेहूं का दाम 1975 रुपये प्रति क्विंटल है। यह रेट 28 से 29 सौ होना चाहिए। मगर जो भी दाम घोषित किए गए हैं, उन पर सभी किसानों का गेहूं हर हाल में समर्थन मूल्य पर बिकना चाहिए। यूपी में धान, गेहूं, गन्ना आलू की खेती ज्यादा होती है। इसमें किसान को नुकसान हो रहा है।
नरेश टिकैत ने कहा कि किसान प्रधानमंत्री का सिर नीचे नहीं होने देना चाहते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री भी किसानों का सिर नीचा न होने दें। यह आंदोलन किसान के सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई है। भाजपा सरकार भगवान राम के नाम से बंगाल में वोट मांग रही है। गुजरात, मध्य प्रदेश में जैसे तैसे काम चल गया, लेकिन अब कहीं नहीं चलने वाला है। रामचंद्र जी हमारे वंश से थे, भाजपा वाले हमारे बुजुर्गों का नाम न लें और नाम लें तो उनके आदर्शों पर चलें।
इससे पूर्व नरेश टिकैत का भव्य स्वागत किया गया। किसानों को भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान, हरनाम सिंह, पंजाबी गायब रूपिंदर कौर हांडा सहित तमाम लोगों ने संबोधित किया।
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पुवायां खुटार हाईवे किनारे गांव गुटैया में शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत हुई। इसमें नरेश टिकैत ने कहा कि भाजपा से पहले जो सरकारें आईं, उन्होंने किसान पर इतना जुल्म नहीं किया, लेकिन भाजपा सरकार ने किसानों के साथ अन्याय की सीमाएं तोड़ दी हैं। किसानों ने भाजपा का साथ दिया, लेकिन भाजपा सरकार किसानों की सबसे बड़ी दुश्मन बन गई है। सरकार ने दिल्ली में हिंसा खुद कराई और बदनाम किसानों को किया। लाल किले पर निशान साहिब फहराने वालों के फोटो भाजपा नेताओं के साथ होना इसका प्रमाण हैं। 26 जनवरी को दिल्ली में जो हुआ वह सरकार की योजना थी। आरोपी सरकार के ही लोग थे। उन्होंने सवाल उठाया कि हिंसा के दौरान दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की? सरकार दिल्ली हिंसा पर ज्यादा नाटक न करके सही जांच कराए और दोषियों को जेल भेजे। किसान को आतंकवादी, खालिस्तानी, टुकड़े टुकड़े गैंग, परजीवी कहा गया।
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भाजपा सरकार ने गुजरात के गोधरा में तमाम लोगों की जिंदा जलवा दिया। सबसे ज्यादा तानाशाही रवैया भाजपा का ही है। मुरादाबाद, मेरठ सहित पश्चिम के जिलों में भाजपा नेताओं को कोई बुलाना नहीं चाहता। कोई बुलाता है तो पंचायत बुलाई जाती है, और बुलाने वाले से कारण पूछा जाता है। यदि भाजपा के लोग गलत नहीं हैं तो ऐसा क्यों हो रहा है। किसान सरकार विरोधी नहीं हैं, सरकार की नीतियों के विरोधी हैं। नरेश टिकैत ने कहा कि जिस दिन राकेश टिकैत भावुक हुए थे, उस दिन वह भी परेशान हुए थे और लगा था कि आंदोलन समाप्त हो जाएगा। मगर राकेश टिकैत ने सोचा कि धरना समाप्त होने के बाद वह चले जाएंगे, लेकिन वहां मौजूद किसानों के साथ बहुत अन्याय किया जाएगा, यह सोचकर वह आंदोलन पर डटे रहे।
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नरेश टिकैत ने कहा कि सिख कौम ने सदैव देश के सम्मान और राष्ट्रहित की बात की है और राष्ट्रहित में काम किया है, लेकिन आंदोलन को लेकर सिखों को बदनाम किया जा रहा है। किसान आंदोलन से सरकार की जमीन खिसक गई है। बहुत जल्द किसानों को सफलता मिलेगी। किसान इस बहकावे में न आएं कि किसान आंदोलन बीच में समाप्त हो जाएगा। किसानों के साथ धोखा नहीं होगा, जो भी वार्ता होगी संयुक्त किसान मोर्चा ही करेगा। किसानों के हर परिवार से एक व्यक्ति गाजीपुर बार्डर पर जाने को तैयार रहे। आरोप लगाया कि, भाजपा सरकार सब बेच रही है, निजीकरण कर रही है। यह पूरी तरह से गलत है। टिकैत ने कहा कि गेहूं का दाम 1975 रुपये प्रति क्विंटल है। यह रेट 28 से 29 सौ होना चाहिए। मगर जो भी दाम घोषित किए गए हैं, उन पर सभी किसानों का गेहूं हर हाल में समर्थन मूल्य पर बिकना चाहिए। यूपी में धान, गेहूं, गन्ना आलू की खेती ज्यादा होती है। इसमें किसान को नुकसान हो रहा है।
नरेश टिकैत ने कहा कि किसान प्रधानमंत्री का सिर नीचे नहीं होने देना चाहते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री भी किसानों का सिर नीचा न होने दें। यह आंदोलन किसान के सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई है। भाजपा सरकार भगवान राम के नाम से बंगाल में वोट मांग रही है। गुजरात, मध्य प्रदेश में जैसे तैसे काम चल गया, लेकिन अब कहीं नहीं चलने वाला है। रामचंद्र जी हमारे वंश से थे, भाजपा वाले हमारे बुजुर्गों का नाम न लें और नाम लें तो उनके आदर्शों पर चलें।
इससे पूर्व नरेश टिकैत का भव्य स्वागत किया गया। किसानों को भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान, हरनाम सिंह, पंजाबी गायब रूपिंदर कौर हांडा सहित तमाम लोगों ने संबोधित किया।

किसान महा पंचायत में किसानों की भीड़- फोटो : POWAYAN

गुटैया पर महा पंचायत में नरेश टिकैत का स्वागत करते किसान- फोटो : POWAYAN

पुवायां के गुटैया में महा पंचायत को संबोधित करते नरेश टिकैत- फोटो : POWAYAN