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Shahjahanpur News: तिहरे हत्याकांड में पिता और दो पुत्रों को उम्रकैद
Sun, 02 Apr 2023 01:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 02 Apr 2023 01:47 AM IST
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शाहजहांपुर। थाना आरसी मिशन क्षेत्र के गांव शहबाजपुर में 16 साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड में कोर्ट ने पिता और उसके दो बेटों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 23-23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह आदेश जिला एवं सत्र न्यायाधीश भानुदेव शर्मा ने दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अनुज कुमार सिंह ने बताया कि गांव शहबाजपुर निवासी ऊधनलाल ने 21 सितंबर, 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भतीजे मनोज को गांव के भूपेंद्र ने तीन साल पहले खेलने के लिए क्रिकेट का सामान दिया था। 21 सितंबर, 2007 की दोपहर दो बजे भूपेंद्र कुमार, सतेंद्र कुमार और उनका पिता रामप्रकाश उससे क्रिकेट का सामान वापस मांगने आए। उसके भतीजे ने गेंद को छोड़कर सारा सामान दे दिया। गेंद मांगने पर भतीजे ने कहा कि वह गेंद बाद में दे देगा। इससे नाराज होकर तीनों लोगों ने बैट और स्टंप से उसे पीटना शुरू कर दिया।
ऊधनलाल के मुताबिक मनोज को बचाने उसका पिता छेदालाल, मां शोभावती, बहन खिलौना देवी और परिवार का ही भाई मुंशीलाल आए तो उन्हें भी जमकर पीटा। पिटाई से छेदालाल की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मनोज की मृत्यु जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान हो गई। वहीं मुंशीलाल की मौत लखनऊ के अस्पताल में हुई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वादी की तहरीर के आधार पर भूपेंद्र, सतेंद्र और रामप्रकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र अदालत भेजा। सत्र न्यायालय में गवाहों के बयान और शासकीय अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होकर जिला जज ने भूपेंद्र कुमार, सतेंद्र कुमार और रामप्रकाश को हत्या और हत्या के प्रयास का दोषी माना। पिता व दो पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अनुज कुमार सिंह ने बताया कि गांव शहबाजपुर निवासी ऊधनलाल ने 21 सितंबर, 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भतीजे मनोज को गांव के भूपेंद्र ने तीन साल पहले खेलने के लिए क्रिकेट का सामान दिया था। 21 सितंबर, 2007 की दोपहर दो बजे भूपेंद्र कुमार, सतेंद्र कुमार और उनका पिता रामप्रकाश उससे क्रिकेट का सामान वापस मांगने आए। उसके भतीजे ने गेंद को छोड़कर सारा सामान दे दिया। गेंद मांगने पर भतीजे ने कहा कि वह गेंद बाद में दे देगा। इससे नाराज होकर तीनों लोगों ने बैट और स्टंप से उसे पीटना शुरू कर दिया।
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ऊधनलाल के मुताबिक मनोज को बचाने उसका पिता छेदालाल, मां शोभावती, बहन खिलौना देवी और परिवार का ही भाई मुंशीलाल आए तो उन्हें भी जमकर पीटा। पिटाई से छेदालाल की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मनोज की मृत्यु जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान हो गई। वहीं मुंशीलाल की मौत लखनऊ के अस्पताल में हुई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वादी की तहरीर के आधार पर भूपेंद्र, सतेंद्र और रामप्रकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र अदालत भेजा। सत्र न्यायालय में गवाहों के बयान और शासकीय अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होकर जिला जज ने भूपेंद्र कुमार, सतेंद्र कुमार और रामप्रकाश को हत्या और हत्या के प्रयास का दोषी माना। पिता व दो पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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