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लाट साहब की सवारियों संग शहर में घूमें हजारों हुरियारे
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शाहजहांपुर। कोरोना और सर्दी को दरकिनार कर रंगों का पर्व होली उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। गली-कूंचों और मुख्य मार्गों से लेकर घर-घर रंग खेलकर होली का धमाल मचा। बच्चे-युवा और बुजुर्ग, सभी रंग में सराबोर नजर आए। होली पर निकलने वाले लाट साहब के जुलूस भी शांतिपूर्वक निकले। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए बड़ी तादाद में पुलिसबल मुख्य जुलूस के साथ चला। पुलिस विभाग की ओर से बड़े लाट साहब समेत सभी क्षेत्रीय जुलूसों की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि हुड़दंग मचाकर अमन-चैन में बाधा डालने वालों की पहचान की जा सके।
बड़े चौक से निकलने वाले लाट साहब के मुख्य जुलूस में इस बार भीड़ कम जुट सकी, इसलिए लाट साहब की सवारी करीब एक घंटा पहले यानी 10 बजे के आसपास शहर भ्रमण के लिए रवाना कर दी गई। भारी पुलिसबल के बीच लाट साहब को गुप्त स्थान से बाहर निकाला गया और चौक स्थित मां फूलमती व बाबा चौकसीनाथ मंदिर में पूजा कराने के बाद लाट साहब को पारंपरिक ढंग से भैंसा गाड़ी पर बैठा दिया गया। भैंसा गाड़ी पर रखे तख्त पर लोहे की कुर्सी डालकर उसे रस्सियों से जकड़ दिया गया। जूते-चप्पलों की माला और हेलमेट पहनाकर लाट साहब को विराजमान कर उन्हें भी रस्सी से बांध दिया गया, ताकि रंग-पानी की बौछार और जूतों-चप्पलों की मार से वह भाग न सकें।
पूजा-अर्चना के बाद लाट साहब की सवारी सबसे पहले कोतवाली लाई गई, जहां सलामी लेने के बाद लाट साहब हजारों हुरियारों और पुलिसबल के साथ नगर भ्रमण पर निकले। चारखंभा पहुंचते ही मुस्लिमों ने फूल बरसाकर हुरियारों का स्वागत किया। पारंपरिक दोहे और नारे लगाते हुए हुरियारे जुलूस के आगे और पीछे रंग खेेलते चल रहे थे। जहां से जुलूस निकलता जा रहा था, जुलूस की प्रतीक्षा में छतों पर खड़े लोगों ने बाल्टियों से रंग डालकर स्वागत किया। वहीं, हुरियारे पुराने जूते-चप्पल और रंगों से भीगे वस्त्र हवा में उछालते हुए लाट साहब की शान में गुस्ताखी भी कर रहे थे।
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सरोदी बंगला में तिरपाल से ढका गया रास्ता
लाट साहब की सवारी केरूगंज, रोशनगंज, बेरी चौकी, अंटा चौराहा, जेल रोड, जीआईसी चौराहा, सदर बाजार होते हुए टाउनहॉल स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंची, जहां लाट साहब ने भोले बाबा के दरबार में मत्था टेका और फिर गाड़ी पर बैठा दिया गया। यहां से जुलूस शहीद उद्यान होते हुए तिराहे से पंखी चौराहा की ओर मुड़ गया। फिर बहादुरगंज, मशीनरी मार्केट, सुभाष टावर (घंटाघर), कच्चा कटरा मोड़, मंडी मोड़, कोतवाली चौराहा से सरोदी बंगला (जनता कॉलेज चौराहा) की ओर मुड़ गया। बड़ा चौक चौराहा से सरोदी बंगला तक छतों से लाट साहब और हुरियारों पर जमकर पानी और रंग फेंका गया। चूंकि सरोदी बंगला को अति संवेदनशील माना जाता है, लिहाजा भैंसागाड़ी खास चौराहे से मोड़ने के लिए तिरपाल से गुफा बना दी गई थी, जिससे दूसरे वर्ग के लोग और हुरियारे एक-दूसरे को देख न सकें। सरोदी बंगला से भैंसागाड़ी पटी गली के उत्तर की ओर अति संकरी गली में जाकर वापस आई फिर वापसी में पटी गली से चौक की ओर दूसरे किनारे पर गाड़ी से लाट साहब को उतारकर कड़ी सुरक्षा के बीच कोतवाल प्रवेश सिंह के अगुआई में मोहल्ला कूंचा लाला में लाट साहब को विश्राम दिया गया।
चारखंभा चौराहा पर मुस्लिमों ने बरसाए फूल
लाट साहब के जुलूस में मुस्लिमों ने भाईचारा और सौहार्द का परिचय देते हुए चारखंभा चौराहे पर हुरियारों समेत लाट साहब पर फूलों की वर्षा कर स्वागत किया। बड़ी संख्या में जुटे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गुलाब और गेंदा के फूलों की जुलूस पर खूब बरसात की और गुलाल उड़ाकर तथा गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दीं।
दोबारा लाट साहब की सवारी देख पुलिस के फूले हाथ-पांव
- पटी गली के पास आपस में ही भिड़े हुरियारे, जमकर हुई हाथापाई
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। सरोदी बंगला के मुख्य चौराहे तक पहुंचने के बाद पास में ही पटी गली में लाट साहब जुलूस का विसर्जन हो जाता है। सरोदी बंगला पर किसी प्रकार से रंग में भंग न पड़े, इसलिए चौराहे को बल्लियों की डबल बैरीकेडिंग कर तिरपाल से गुफा का रूप दे दिया जाता है। यहां से लाट साहब की भैंसागाड़ी पड़ोस की गली में जाकर लौटती है, तब तक जुलूस में साथ चलने वाले सैकड़ों लोग अपने अंदाज में पारंपरिक ढंग से नारे और छंद सुनाते रहते हैं। यहीं पर हर साल गहमा-गहमी भी हो जाती है।
इस बार गहमा-गहमी में इतनी बात बढ़ गई कि अचानक लाट साहब की भैंसागाड़ी को जबरदस्ती फिर से सरोदी बंगला की ओर मोड़ दिया गया। देखते ही देखते भैंसागाड़ी चौराहे तक जा पहुंची। अचानक लाट साहब की सवारी देखकर पुलिसवालों और वहां मौजूद अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और तत्काल एक्शन में आए पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रोककर लौटाई। इस बीच कुछ हुरियारे आपस में ही भिड़ गए और उनमें जमकर हाथापाई भी हुई। हाथापाई में उनके कपड़े फट गए। बाद में एक पक्ष ने अपने को भीड़ में कमजोर पाते हुए वहां से भागना ही उचित समझा।
इन स्थानों से भी निकले लाट साहब
होली पर शहर में लाट साहब के जुलूस निकलने की परंपरा कई दशकों पुरानी है। चौक से जहां मुख्य लाट साहब निकलते हैं, जिन्हें बड़े लाट साहब कहा जाता है, इनके अलावा सरायकाइयां-दलेलगंज, हाथीथान-जलालनगर, बहादुरगंज सब्जी मंडी, खिरनीबाग आदि स्थानों से भी जुलूस के रूप में छोटे लाट साहब निकाले जाते हैं, जिनमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं।
बच्चे, युवा और बुजुर्ग, सभी पर चढ़ा रंगों का खुमार
गली-कूंचों से लेकर घर-घर मचा धमाल, महिलाओं ने भी की जमकर मौजमस्ती
शाहजहांपुर। होली पर रंग खेलने की मस्ती मुख्य मार्गों से लेकर गली-कूंचों तक दिखाई दी। घर-घर महिलाओं और पुरुषों ने होली पर धमाल मचाया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी पर होली की मस्ती छाई रही।
मुख्य मार्गों और चौराहों पर लोगों ने घरों से निकलकर जमकर रंग खेला। रास्ते से निकलने वाले लागों को रोककर और उन्हें रंगों से तरबतर कर दिया। वहीं, छतों से भी महिलाओं और बच्चों ने राहगीरों पर रंग डालकर मौजमस्ती की। चौराहों से तो लोगों का निकलना ही मुश्किल था। खासकर पुलिसकर्मियों और उनके वाहनों को निशाना बनाकर रंग डाला गया। वहीं, गली-मोहल्लों में भी बच्चों की टोलियां हाथों में पिचकारी लिए मुस्तैद थीं, जो भी निकलता था, बच्चे उनके ऊपर पिचकारी सीधी कर देते थे और रंग डालकर खुश होते थे।
यही हाल घर-घर रहा। घरों में महिलाओं का हुड़दंग जमकर हुआ। महिलाओं ने रंग खेलने में खूब दिलचस्पी दिखाई और हर आने-जाने को अबीर-गुलाल लगाकर धमाल मचाया। लोगों ने छतों पर साउंड सिस्टम लगाकर होली गीतों का आनंद लेते हुए रंग खेला। प्रताप इंक्लेव में बच्चों के लिए तालाब की तरह बड़ा टब तैयार किया गया था, जिसमें रंग घोल दिया गया। बच्चों ने इसी तालाब में घुसकर धमाचौकड़ी की। इसी तरह छोटा चौक में बक्सरियां-मस्जिदगंज तिराहे पर रंग खेलने के लिए मोर्चा खोला गया।
नेताओं ने समर्थकों संग की होली की मस्ती
शाहजहांपुर। होली पर राजनेता भी पीछे नहीं रहे। कैबिनेट मंत्री, विधायकों, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष समेत सभी दलों के जिलाध्यक्षों ने अपने घर पर होली की मस्ती की। पूर्व विधायक और पूर्व सांसद भी होली के धमाल में शामिल रहे। समर्थकों ने समय निकालकर अपने नेता के घर जाकर उन्हें अबीर-गुलाल से तिलक किया और गले मिलकर बधाई दी।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने पैतृक आवास मोहल्ला दीवान जोगराज में होली खेली। सुबह से ही उनके आवास पर भाजपाइयों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मोहल्ले के लोगों ने भी मंत्री को अबीर-गुलाल लगाकर होली की बधाई दी। वहीं, सांसद अरुण सागर ने साउथ सिटी स्थित आवास, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप यादव ने अपने पैतृक गांव नियामतपुर, विधायक रोशनलाल वर्मा, चेतराम, वीर विक्रम सिंह प्रिंस, मानवेंद्र सिंह और शरदवीर सिंह ने अपने घर पर समर्थकों और क्षेत्रीय लोगों के साथ होली खेली। एमएलसी अमित यादव रिंकू और संजय कुमार मिश्र, पूर्व सांसद कृष्णाराज, पूर्व विधायक राममूर्ति सिंह वर्मा, अवधेश वर्मा, राजेश यादव आदि ने भी अपने आवास पर होली खेली। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने जिला कार्यालय और भाजपा जिलाध्यक्ष हरि प्रकाश वर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता, बसपा जिलाध्यक्ष अमर चंद्र जौहर आदि ने अपने आवास पर होली का आनंद लिया।
कृष्णानगर मंदिर में भजनों पर झूमे भक्त
शाहजहांपुर। होली पर कृष्णानगर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर पर अलग अंदाज में ही होली का जश्न मनाया गया। यहां भक्तों ने योगीराज भगवान कृष्ण और राधारानी समेत अन्य देव प्रतिमाओं को अबीर-गुलाल से रंग लगाकर भजन गाए। महिलाओं और पुरुषों ने ढोलक की थाप पर होली गीत गाकर भावविभोर होकर नृत्य भी किया।
पुलिसकर्मियों ने साथियों संग मचाया धमाल
शाहजहांपुर। होली के दूसरे दिन पुलिसकर्मियों ने होली का आनंद लिया। खास होली के दिन तो पुलिसकर्मी लाट साहब के जुलूस निकलवाने में ही व्यस्त रहे, लेकिन दूसरे दिन यानि बुधवार को उन्होंने पुलिस लाइन से लेकर थानों और कोतवाली में साथियों के साथ जमकर मस्ती की और एक-दूसरे के साथ रंग खेलकर अरमान पूरे किए। रंग खेेलने की उमंग तो मंगलवार से ही उनमें उठने लगी थी, लेकिन बुधवार को सुबह से पुलिसकर्मी वर्दी में ही हाथों में रंग लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े और जमकर त्योहार का आनंद लिया।
डीएम ने कप्तान के आवास पर खेली होली
जिले में शांतिपूर्वक होली का पर्व संपन्न कराने के बाद बुधवार को डीएम और एसपी ने अधीनस्थों के साथ रंग खेलकर त्योहार की खुशियों को साझा किया। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बुधवार सुबह एसपी डॉ. एस चन्नप्पा के आवास पर पहुंचकर रंग खेला। इस दौरान प्रशासनिक और पुलिस विभाग समेत अन्य विभागीय अधिकारी तथा विशिष्टजन मौजूद रहे। सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर और गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दीं।
जयकारों के साथ लोगों ने होलिका में डाले आखत
होली के हुड़दंग के बीच लोगों ने होली पर पारंपरिक ढंग से होलिका में आखत डालकर सुख-संपन्नता की कामना की।
होलिका दहन के बाद लोगों ने अपनी परंपरानुसार समय निकालकर भक्त प्रह्लाद और माता होलिका की जय-जयकार करते हुए अग्नि के फेरे लगाए और नई सफल के रूप में जौं अग्नि देवता को अर्पित किया। आखत डालने के लिए बुजुर्गों ने बच्चों समेत परिवार के सदस्यों के साथ सामूहिक रूप से आखत डाले। यह सिलसिला मंगलवार दोपहर तक बदस्तूर जारी रहा। होलिका स्थलों को रंग-बिरंगी झंडियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। नगर निगम की ओर से होलिका वाले स्थानों पर मिट्टी भी डलवाई गई, जिससे सड़कें खराब न हों। वहीं, आसपास के लोगों ने घरों की छत पर साउंड सिस्टम भी लगा रखे थे। फिल्मी गीतों पर थिरकते युवाओं ने पूरी रात मस्ती की।
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बड़े चौक से निकलने वाले लाट साहब के मुख्य जुलूस में इस बार भीड़ कम जुट सकी, इसलिए लाट साहब की सवारी करीब एक घंटा पहले यानी 10 बजे के आसपास शहर भ्रमण के लिए रवाना कर दी गई। भारी पुलिसबल के बीच लाट साहब को गुप्त स्थान से बाहर निकाला गया और चौक स्थित मां फूलमती व बाबा चौकसीनाथ मंदिर में पूजा कराने के बाद लाट साहब को पारंपरिक ढंग से भैंसा गाड़ी पर बैठा दिया गया। भैंसा गाड़ी पर रखे तख्त पर लोहे की कुर्सी डालकर उसे रस्सियों से जकड़ दिया गया। जूते-चप्पलों की माला और हेलमेट पहनाकर लाट साहब को विराजमान कर उन्हें भी रस्सी से बांध दिया गया, ताकि रंग-पानी की बौछार और जूतों-चप्पलों की मार से वह भाग न सकें।
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पूजा-अर्चना के बाद लाट साहब की सवारी सबसे पहले कोतवाली लाई गई, जहां सलामी लेने के बाद लाट साहब हजारों हुरियारों और पुलिसबल के साथ नगर भ्रमण पर निकले। चारखंभा पहुंचते ही मुस्लिमों ने फूल बरसाकर हुरियारों का स्वागत किया। पारंपरिक दोहे और नारे लगाते हुए हुरियारे जुलूस के आगे और पीछे रंग खेेलते चल रहे थे। जहां से जुलूस निकलता जा रहा था, जुलूस की प्रतीक्षा में छतों पर खड़े लोगों ने बाल्टियों से रंग डालकर स्वागत किया। वहीं, हुरियारे पुराने जूते-चप्पल और रंगों से भीगे वस्त्र हवा में उछालते हुए लाट साहब की शान में गुस्ताखी भी कर रहे थे।
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सरोदी बंगला में तिरपाल से ढका गया रास्ता
लाट साहब की सवारी केरूगंज, रोशनगंज, बेरी चौकी, अंटा चौराहा, जेल रोड, जीआईसी चौराहा, सदर बाजार होते हुए टाउनहॉल स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंची, जहां लाट साहब ने भोले बाबा के दरबार में मत्था टेका और फिर गाड़ी पर बैठा दिया गया। यहां से जुलूस शहीद उद्यान होते हुए तिराहे से पंखी चौराहा की ओर मुड़ गया। फिर बहादुरगंज, मशीनरी मार्केट, सुभाष टावर (घंटाघर), कच्चा कटरा मोड़, मंडी मोड़, कोतवाली चौराहा से सरोदी बंगला (जनता कॉलेज चौराहा) की ओर मुड़ गया। बड़ा चौक चौराहा से सरोदी बंगला तक छतों से लाट साहब और हुरियारों पर जमकर पानी और रंग फेंका गया। चूंकि सरोदी बंगला को अति संवेदनशील माना जाता है, लिहाजा भैंसागाड़ी खास चौराहे से मोड़ने के लिए तिरपाल से गुफा बना दी गई थी, जिससे दूसरे वर्ग के लोग और हुरियारे एक-दूसरे को देख न सकें। सरोदी बंगला से भैंसागाड़ी पटी गली के उत्तर की ओर अति संकरी गली में जाकर वापस आई फिर वापसी में पटी गली से चौक की ओर दूसरे किनारे पर गाड़ी से लाट साहब को उतारकर कड़ी सुरक्षा के बीच कोतवाल प्रवेश सिंह के अगुआई में मोहल्ला कूंचा लाला में लाट साहब को विश्राम दिया गया।
चारखंभा चौराहा पर मुस्लिमों ने बरसाए फूल
लाट साहब के जुलूस में मुस्लिमों ने भाईचारा और सौहार्द का परिचय देते हुए चारखंभा चौराहे पर हुरियारों समेत लाट साहब पर फूलों की वर्षा कर स्वागत किया। बड़ी संख्या में जुटे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गुलाब और गेंदा के फूलों की जुलूस पर खूब बरसात की और गुलाल उड़ाकर तथा गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दीं।
दोबारा लाट साहब की सवारी देख पुलिस के फूले हाथ-पांव
- पटी गली के पास आपस में ही भिड़े हुरियारे, जमकर हुई हाथापाई
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। सरोदी बंगला के मुख्य चौराहे तक पहुंचने के बाद पास में ही पटी गली में लाट साहब जुलूस का विसर्जन हो जाता है। सरोदी बंगला पर किसी प्रकार से रंग में भंग न पड़े, इसलिए चौराहे को बल्लियों की डबल बैरीकेडिंग कर तिरपाल से गुफा का रूप दे दिया जाता है। यहां से लाट साहब की भैंसागाड़ी पड़ोस की गली में जाकर लौटती है, तब तक जुलूस में साथ चलने वाले सैकड़ों लोग अपने अंदाज में पारंपरिक ढंग से नारे और छंद सुनाते रहते हैं। यहीं पर हर साल गहमा-गहमी भी हो जाती है।
इस बार गहमा-गहमी में इतनी बात बढ़ गई कि अचानक लाट साहब की भैंसागाड़ी को जबरदस्ती फिर से सरोदी बंगला की ओर मोड़ दिया गया। देखते ही देखते भैंसागाड़ी चौराहे तक जा पहुंची। अचानक लाट साहब की सवारी देखकर पुलिसवालों और वहां मौजूद अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और तत्काल एक्शन में आए पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रोककर लौटाई। इस बीच कुछ हुरियारे आपस में ही भिड़ गए और उनमें जमकर हाथापाई भी हुई। हाथापाई में उनके कपड़े फट गए। बाद में एक पक्ष ने अपने को भीड़ में कमजोर पाते हुए वहां से भागना ही उचित समझा।
इन स्थानों से भी निकले लाट साहब
होली पर शहर में लाट साहब के जुलूस निकलने की परंपरा कई दशकों पुरानी है। चौक से जहां मुख्य लाट साहब निकलते हैं, जिन्हें बड़े लाट साहब कहा जाता है, इनके अलावा सरायकाइयां-दलेलगंज, हाथीथान-जलालनगर, बहादुरगंज सब्जी मंडी, खिरनीबाग आदि स्थानों से भी जुलूस के रूप में छोटे लाट साहब निकाले जाते हैं, जिनमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं।
बच्चे, युवा और बुजुर्ग, सभी पर चढ़ा रंगों का खुमार
गली-कूंचों से लेकर घर-घर मचा धमाल, महिलाओं ने भी की जमकर मौजमस्ती
शाहजहांपुर। होली पर रंग खेलने की मस्ती मुख्य मार्गों से लेकर गली-कूंचों तक दिखाई दी। घर-घर महिलाओं और पुरुषों ने होली पर धमाल मचाया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी पर होली की मस्ती छाई रही।
मुख्य मार्गों और चौराहों पर लोगों ने घरों से निकलकर जमकर रंग खेला। रास्ते से निकलने वाले लागों को रोककर और उन्हें रंगों से तरबतर कर दिया। वहीं, छतों से भी महिलाओं और बच्चों ने राहगीरों पर रंग डालकर मौजमस्ती की। चौराहों से तो लोगों का निकलना ही मुश्किल था। खासकर पुलिसकर्मियों और उनके वाहनों को निशाना बनाकर रंग डाला गया। वहीं, गली-मोहल्लों में भी बच्चों की टोलियां हाथों में पिचकारी लिए मुस्तैद थीं, जो भी निकलता था, बच्चे उनके ऊपर पिचकारी सीधी कर देते थे और रंग डालकर खुश होते थे।
यही हाल घर-घर रहा। घरों में महिलाओं का हुड़दंग जमकर हुआ। महिलाओं ने रंग खेलने में खूब दिलचस्पी दिखाई और हर आने-जाने को अबीर-गुलाल लगाकर धमाल मचाया। लोगों ने छतों पर साउंड सिस्टम लगाकर होली गीतों का आनंद लेते हुए रंग खेला। प्रताप इंक्लेव में बच्चों के लिए तालाब की तरह बड़ा टब तैयार किया गया था, जिसमें रंग घोल दिया गया। बच्चों ने इसी तालाब में घुसकर धमाचौकड़ी की। इसी तरह छोटा चौक में बक्सरियां-मस्जिदगंज तिराहे पर रंग खेलने के लिए मोर्चा खोला गया।
नेताओं ने समर्थकों संग की होली की मस्ती
शाहजहांपुर। होली पर राजनेता भी पीछे नहीं रहे। कैबिनेट मंत्री, विधायकों, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष समेत सभी दलों के जिलाध्यक्षों ने अपने घर पर होली की मस्ती की। पूर्व विधायक और पूर्व सांसद भी होली के धमाल में शामिल रहे। समर्थकों ने समय निकालकर अपने नेता के घर जाकर उन्हें अबीर-गुलाल से तिलक किया और गले मिलकर बधाई दी।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने पैतृक आवास मोहल्ला दीवान जोगराज में होली खेली। सुबह से ही उनके आवास पर भाजपाइयों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मोहल्ले के लोगों ने भी मंत्री को अबीर-गुलाल लगाकर होली की बधाई दी। वहीं, सांसद अरुण सागर ने साउथ सिटी स्थित आवास, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप यादव ने अपने पैतृक गांव नियामतपुर, विधायक रोशनलाल वर्मा, चेतराम, वीर विक्रम सिंह प्रिंस, मानवेंद्र सिंह और शरदवीर सिंह ने अपने घर पर समर्थकों और क्षेत्रीय लोगों के साथ होली खेली। एमएलसी अमित यादव रिंकू और संजय कुमार मिश्र, पूर्व सांसद कृष्णाराज, पूर्व विधायक राममूर्ति सिंह वर्मा, अवधेश वर्मा, राजेश यादव आदि ने भी अपने आवास पर होली खेली। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने जिला कार्यालय और भाजपा जिलाध्यक्ष हरि प्रकाश वर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता, बसपा जिलाध्यक्ष अमर चंद्र जौहर आदि ने अपने आवास पर होली का आनंद लिया।
कृष्णानगर मंदिर में भजनों पर झूमे भक्त
शाहजहांपुर। होली पर कृष्णानगर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर पर अलग अंदाज में ही होली का जश्न मनाया गया। यहां भक्तों ने योगीराज भगवान कृष्ण और राधारानी समेत अन्य देव प्रतिमाओं को अबीर-गुलाल से रंग लगाकर भजन गाए। महिलाओं और पुरुषों ने ढोलक की थाप पर होली गीत गाकर भावविभोर होकर नृत्य भी किया।
पुलिसकर्मियों ने साथियों संग मचाया धमाल
शाहजहांपुर। होली के दूसरे दिन पुलिसकर्मियों ने होली का आनंद लिया। खास होली के दिन तो पुलिसकर्मी लाट साहब के जुलूस निकलवाने में ही व्यस्त रहे, लेकिन दूसरे दिन यानि बुधवार को उन्होंने पुलिस लाइन से लेकर थानों और कोतवाली में साथियों के साथ जमकर मस्ती की और एक-दूसरे के साथ रंग खेलकर अरमान पूरे किए। रंग खेेलने की उमंग तो मंगलवार से ही उनमें उठने लगी थी, लेकिन बुधवार को सुबह से पुलिसकर्मी वर्दी में ही हाथों में रंग लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े और जमकर त्योहार का आनंद लिया।
डीएम ने कप्तान के आवास पर खेली होली
जिले में शांतिपूर्वक होली का पर्व संपन्न कराने के बाद बुधवार को डीएम और एसपी ने अधीनस्थों के साथ रंग खेलकर त्योहार की खुशियों को साझा किया। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बुधवार सुबह एसपी डॉ. एस चन्नप्पा के आवास पर पहुंचकर रंग खेला। इस दौरान प्रशासनिक और पुलिस विभाग समेत अन्य विभागीय अधिकारी तथा विशिष्टजन मौजूद रहे। सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर और गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दीं।
जयकारों के साथ लोगों ने होलिका में डाले आखत
होली के हुड़दंग के बीच लोगों ने होली पर पारंपरिक ढंग से होलिका में आखत डालकर सुख-संपन्नता की कामना की।
होलिका दहन के बाद लोगों ने अपनी परंपरानुसार समय निकालकर भक्त प्रह्लाद और माता होलिका की जय-जयकार करते हुए अग्नि के फेरे लगाए और नई सफल के रूप में जौं अग्नि देवता को अर्पित किया। आखत डालने के लिए बुजुर्गों ने बच्चों समेत परिवार के सदस्यों के साथ सामूहिक रूप से आखत डाले। यह सिलसिला मंगलवार दोपहर तक बदस्तूर जारी रहा। होलिका स्थलों को रंग-बिरंगी झंडियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। नगर निगम की ओर से होलिका वाले स्थानों पर मिट्टी भी डलवाई गई, जिससे सड़कें खराब न हों। वहीं, आसपास के लोगों ने घरों की छत पर साउंड सिस्टम भी लगा रखे थे। फिल्मी गीतों पर थिरकते युवाओं ने पूरी रात मस्ती की।