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मजदूर दिवस : 13 लाख 85 हजार ई-श्रम कार्ड धारकों में 70 प्रतिशत लाभ पाने से वंचित

Mon, 02 May 2022 12:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2022 12:07 AM IST
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Labor Day: 13.85 lakh e-shram card holders deprived of 70 percent benefits
शाहजहांपुर के गल्ला मंडी में पीठ पर आटे की बोरी ले जाता मजदूर । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। मजदूर दिवस रविवार को मनाया जाएगा। मजदूरों का लाभ दिलाने के लिए तमाम तरह की बातें मंचों से होंगी। रैली निकलेंगी और ज्ञापन देकर मजदूरों को उनका हक दिए जाने की बात की जाएगी, लेकिन उसके अगले दिन से फिर से पुराने ढर्रे पर जिंदगी दौड़ेगी। मजदूर दिवस सिर्फ बातों तक सिमट कर रह गया है। मजदूरों को लाभ तक मिलना मुश्किल हो रहा। महंगाई के इस दौर में मजदूरों की स्थिति काफी ज्यादा खराब है। उन्हें घर तक चलाना मुश्किल हो रहा है। अहम बात है कि 13 लाख, 85 हजार ई-श्रम कार्ड धारकों में मात्र 30 प्रतिशत को ही तीन महीने के 1500 रुपये नसीब हुए हैं। शेष कार्डधारक लाभ पाने के लिए श्रम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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सुबह में चौराहों पर लगती है मजदूरों की मंडी
कई चौराहें हैं, जहां पर सुबह में मजदूरों की मंडी लगती है। लाल इमली चौराहे पर देहात से आने वाले मजदूरों की खासी भीड़ रहती है। निर्माण और रंगाई-पुताई करने वाले मजदूरों को सुबह से लोग यहां पर लेकर जाते हैं। ठेकेदार के आते ही मजदूर उन्हें घेर लेते हैं और रुपये तय होने के बाद उसके साथ जाते हैं।
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उठाई आवाज, लेकि नहीं मिला लाभ
-एक लाख 85 हजार ई-श्रम कार्ड धारकों का पंजीकरण 31 दिसम्बर 2021 तक हो गया था। इसमें 30 प्रतिशत मजदूरों को जनवरी से मार्च तक के पांच सौ रुपये प्रति माह के खाते में आ गए। शेष के लिए रुपये नहीं आने पर उन्होंने मजदूर यूनियन से संपर्क साधा। मजदूरों को लाभ दिलाने के लिए 28 मार्च को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया गया था, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका।
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ये आ रही मजदूरों के सामने दिक्कतें
-मनरेगा में काम करने के दौरान जॉब कार्ड धारकों को काम नहीं मिल रहा है।
-प्रधान अपने रिश्तेदारों से काम कराकर उन्हें बिना काम किए मजदूरी दे रहे हैं।
-जबकि कार्ड धारकों को काम करने के बाद भी भुगतान नहीं किया जात रहा।
-मजदूरों से ठेके पर काम कराया जाता है। उनका अंतिम रुपया ठेकेदार नहीं देता है। उसके लिए श्रम कार्यालय पर जाते हैं। वहां से ठेके का काम होने की बात कहकर वापस कर दिया जाता है। मजदूरों के हितों के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जिससे मजदूरों की समस्या का निस्तारण कराया जा सकें। -मोहम्मद खुर्शीद, प्रदेश अध्यक्ष, असंगठित मजदूर यूनियन
58 साल से राजनीतिक क्षेत्र में रह रहे हैं। मजदूरों के हक के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं। उनके लिए तमाम लड़ाई लड़ी। कई बार जेल भी गए। अंतिम सांस तक मजदूरों, गरीबों और मजलूमों के लिए आवाज को उठाते रहेंगे। मजदूरों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे। -रामशंकर लाल, श्रमिक नेता

-ई-श्रम पोर्टल पर एक लाख 85 हजार मजदूर पंजीकृत हैं। 70 प्रतिशत मजदूरों का ई-श्रम लाभ नहीं आने का मामला लखनऊ स्तर का है। मजदूरों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। -वीरेंद्र कुमार, सहायक श्रम आयुक्त।
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