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कुपोषण से छुटकारे को सहयोग जरूरी: वंदना
शाहजहांपुर।
Updated Sun, 25 Jan 2015 12:46 AM IST
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मुख्यमंत्री की प्राथमिकता सूची में शामिल राज्य पोषण मिशन कार्यक्रम के तहत डीएम द्वारा गोद लिए गए गांव सिसौआ और रौसर कोठी में शनिवार को नोडल अफसर एवं अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी ने चौपाल लगाई। उन्होंने कुपोषित बच्चों, किशोरियों और महिलाओं की देखभाल बढ़ाने पर जोर देने के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।
नोडल अफसर ने कहा कि शासन बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाना चाहता है। इसके लिए छह वर्ष आयु के सभी बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार किए जाने का निर्णय किया गया है। हालांकि, यह दायित्व सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया गया है, लेकिन इस काम में समाज केलोगों, विशेषकर अभिभावकों को भी नैतिक दायित्व निभाते हुए बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि रविवार से तीन दिन तक आंगनबाड़ी और एएनएम केंद्रों पर बच्चों की वजन और लंबाई की माप कराने के लिए जरूर लाएं। सीएमओ डॉ. उमेश चंद्र यादव ने कुपोषण के कारणों पर रोशनी डालते हुए कि मां बनने वाली किशोरवय महिलाओं से बच्चों में कुपोषण की शुरुआत होती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान ऐसी महिलाओं को संतुलित आहार देने की जरूरत है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्घि मिश्रा ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजे जा रहे अनुपूरक पुष्टाहार का ब्यौरा दिया। इस मौकेपर प्रोजेक्टर स्लाइड के माध्यम से मिशन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई और बच्चों का टीकाकरण भी हुआ। कार्यक्रम में डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद, डीपीएम, भावलखेड़ा ब्लॉक के एबीएसए आदि अधिकारी मौजूद रहे।
नोडल अफसर ने कहा कि शासन बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाना चाहता है। इसके लिए छह वर्ष आयु के सभी बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार किए जाने का निर्णय किया गया है। हालांकि, यह दायित्व सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया गया है, लेकिन इस काम में समाज केलोगों, विशेषकर अभिभावकों को भी नैतिक दायित्व निभाते हुए बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा।
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उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि रविवार से तीन दिन तक आंगनबाड़ी और एएनएम केंद्रों पर बच्चों की वजन और लंबाई की माप कराने के लिए जरूर लाएं। सीएमओ डॉ. उमेश चंद्र यादव ने कुपोषण के कारणों पर रोशनी डालते हुए कि मां बनने वाली किशोरवय महिलाओं से बच्चों में कुपोषण की शुरुआत होती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान ऐसी महिलाओं को संतुलित आहार देने की जरूरत है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्घि मिश्रा ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजे जा रहे अनुपूरक पुष्टाहार का ब्यौरा दिया। इस मौकेपर प्रोजेक्टर स्लाइड के माध्यम से मिशन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई और बच्चों का टीकाकरण भी हुआ। कार्यक्रम में डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद, डीपीएम, भावलखेड़ा ब्लॉक के एबीएसए आदि अधिकारी मौजूद रहे।