फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Kumar Vishwas targets politicians through his poems in shahjahanpur

Shahjahanpur:'...उन राणा सांगा के घावों पर कुछ भुनके मंडराए हैं', कुमार विश्वास ने अपनी कविताओं से कसे तंज

Mon, 24 Mar 2025 01:19 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 24 Mar 2025 01:19 PM IST
सार

शाहजहांपुर में एक निजी कार्यक्रम में आए कवि डॉ. कुमार विश्वास ने अपनी कविताओं से नेताओं और राजनीति पर तंज कसे। उनकी कविताएं सुनने के लिए श्रोता देर रात तक जुटे रहे। 
 

विज्ञापन
Kumar Vishwas targets politicians through his poems in shahjahanpur
कवि डॉ. कुमार विश्वास - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शाहजहांपुर में पुवायां रोड पर नियामतपुर के पास निजी कार्यक्रम में आए अंतरराष्ट्रीय कवि डॉ. कुमार विश्वास की कविता की फुहारों से श्रोता भीगते रहे। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के पौरुष की कहानी सुनाने के साथ उन्होंने अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही लूटी। विश्वास भरी शाम कार्यक्रम में रात आठ बजे आए कवि कुमार विश्वास ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और भगवान कृष्ण की कहानी सुनाई। अपनी कविताओं से नेताओं पर तंज कसे। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने घर से निकलकर बिना किसी चमत्कार और बगैर किसी राजवंशियों की ताकत का इस्तेमाल कर पूरे भारत की परिक्रमा की और केवटों, शबरियों आदि को अपने गले लगाया। भगवान राम ने विश्व की सबसे बड़ी सत्ता के सामने विजय दिलाई। यह श्रीराम की कहानी है। बोले, 14 वर्ष के भगवान कृष्ण ने अपने भाई बलराम के साथ मथुरा के राजा को अपदस्त कर अपने वहां की जनता को आतंक से निजात दिलाई।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- UP: कार में आपदा विशेषज्ञ ने की आत्महत्या, पत्नी से बात करते-करते काटा फोन, पिस्टल से खुद को मारी गोली
विज्ञापन
विज्ञापन


बच्चों से दूर की गईं राम-कृष्ण की कहानियां 
कुमार विश्वास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और भगवान की राम की पौरुष की कहानियां आपसे और आपके बच्चों से दूर की गई। इनके अंदर कुछ ऐसा घोला गया कि बच्चों को संशय होने लगा है। श्रोताओं की फरइमाइश पर उन्होंने अपनी कविता से खूब माहौल बनाया। उन्होंने सुनाया कि मैं अपने गीत गजलों से उसे पैगाम करता हूं, उसी की दी हुई दौलत उसी के नाम करता हूं। हवा का काम है चलना, दीये का काम है जलना। वो अपना काम करती है मैं अपना काम करता हूं।

उन्होंने सुनाया कि जुगनू की कुछ औलादों ने सूरज पर प्रश्न उठाएं है, शेरों की मांदो के आगे कुछ ग्राम सिंह चिल्लाएं हैं, मेवाण, वंश कुल कीर्त कोष, जिनके होने से जीवित है। उन राणा सांगा के घावों पर कुछ भुनके मंडराए हैं। उनसे कह दो यह देश महाराणा की ज्योति जानता है। 

उनसे कह दो देश अब शौर्य देश की मुट्ठी खूब तानता है। इतिहास तुम्हारी सरकारों का बंधक नहीं रहेगा। उनसे कह दो यह देश लुटेरों को नहीं मानता है। कार्यक्रम में विधायक अरविंद सिंह, सलोना कुशवाहा, चेतराम, डीपीएस राठौर, हरिप्रकाश वर्मा, एमएलसी सुधीर गुप्ता, महापौर अर्चना आदि मौजूद रहे। आभार रचित अग्रवाल व विनायक अग्रवाल ने जताया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed