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कोलाघाट : रास्ता तैयार, दूसरे पैंटून पुल के बनने का इंतजार
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जलालाबाद के कोलाघाट पर पैंटून पुल निर्माण को पड़ा सामान
- फोटो : SHAHJAHANPUR
जलालाबाद। कोलाघाट होकर मिर्जापुर व कलान तक जाने वाला कच्चा रास्ता लगभग दुरस्त हो चुका है। हालांकि दूसरे पैंटून पुल की सुविधा मिलने में अभी समय लगेगा। पैंटून पुल निर्माण की दिशा में पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी लगे हुए हैं।
29 नवंबर, 2021 को पिलर धंसने के बाद कोलाघाट का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पुल के नीचे कच्चे व रेतीले रास्ते से होकर आवागमन चल रहा था, जबकि नदी पर पीडब्ल्यूडी द्वारा पैंटून पुल बनवा दिया गया। यातायात के दबाव तथा देखरेख न होने से पैंटून पुल कई बार क्षतिग्रस्त हुआ। रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे और रेत के चलते राहगीरों को आना-जाना मुश्किल होने लगा।
दो अप्रैल को यहां पहुंचे लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने इस अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए विभागीय अधिकारियों को कच्चे रास्ते पर खड़ंजा और रेत पर लोहे की चादर बिछवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा आवागमन में आसानी के लिए रामगंगा नदी पर दूसरा पैंटून पुल भी तैयार करने को कहा था। उन्होंने यह सभी कार्य तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। निर्देश के तहत पीडब्ल्यूडी विभाग ने पुल के दोनों तरफ करीब दो किलोमीटर का खड़ंजा व रेतीले रास्ते मे लोहे की चादरें डलवाने का काम पूरा कर लिया है।
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नए पैंटून पुल के लिए लोहे के 15 पीपे व गार्डर पहुंच गए हैं। अन्य सामग्री के अभी तक न आने से इसका निर्माण पूरा होने में समय लग सकता है। पीडब्ल्यूडी जेई सोमपाल ने बताया कि पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गर्डर, स्लीपर और नट बोल्ट सहित अन्य सामान प्रयागराज से मंगाया गया है। सामान के पहुंचते ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
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29 नवंबर, 2021 को पिलर धंसने के बाद कोलाघाट का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पुल के नीचे कच्चे व रेतीले रास्ते से होकर आवागमन चल रहा था, जबकि नदी पर पीडब्ल्यूडी द्वारा पैंटून पुल बनवा दिया गया। यातायात के दबाव तथा देखरेख न होने से पैंटून पुल कई बार क्षतिग्रस्त हुआ। रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे और रेत के चलते राहगीरों को आना-जाना मुश्किल होने लगा।
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दो अप्रैल को यहां पहुंचे लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने इस अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए विभागीय अधिकारियों को कच्चे रास्ते पर खड़ंजा और रेत पर लोहे की चादर बिछवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा आवागमन में आसानी के लिए रामगंगा नदी पर दूसरा पैंटून पुल भी तैयार करने को कहा था। उन्होंने यह सभी कार्य तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। निर्देश के तहत पीडब्ल्यूडी विभाग ने पुल के दोनों तरफ करीब दो किलोमीटर का खड़ंजा व रेतीले रास्ते मे लोहे की चादरें डलवाने का काम पूरा कर लिया है।
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नए पैंटून पुल के लिए लोहे के 15 पीपे व गार्डर पहुंच गए हैं। अन्य सामग्री के अभी तक न आने से इसका निर्माण पूरा होने में समय लग सकता है। पीडब्ल्यूडी जेई सोमपाल ने बताया कि पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गर्डर, स्लीपर और नट बोल्ट सहित अन्य सामान प्रयागराज से मंगाया गया है। सामान के पहुंचते ही निर्माण शुरू हो जाएगा।