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किसान मित्रों ने सरकारी सेवा में लेने की लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो,शाहजहांपुर
Updated Mon, 11 Sep 2017 06:12 PM IST
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मंत्री कृष्णा राज
- फोटो : file pic
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कृषि विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाते रहे किसान मित्रों के शिष्टमंडल ने सोमवार को गृह जनपद के दौरे पर आईं केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णा राज से भेंट की। उन्होंने किसान मित्र एसोसिएशन की ओर से केंद्रीय राज्यमंत्री को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर पूर्ववत कृषि विभाग में काम करने का अवसर देने और सरकारी सेवा मेें लिए जाने की गुहार लगाई।
संगठन के जिलाध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में प्रति इकाई कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए वर्ष 1998 में भाजपा सरकार ने ग्राम पंचायतों में किसान मित्रों की नियुक्ति को आवेदन आमंत्रित किए थे। चयनित किसान मित्रों को शुरू से कोई मानदेय तय नहीं हुआ, लेकिन बाद में कृषि विभाग के अहम कार्यों का निष्पादन करने पर उन्हें विभिन्न मदों में 1220 रुपये मानदेय दिया जाने लगा।
ज्ञापन के अनुसार वर्ष 2010 में प्रदेश की बसपा सरकार ने किसान मित्र योजना स्थगित कर दी। सपा सरकार बनने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी साफ कह दिया कि भाजपा सरकार की योजना नहीं चलाएंगे। योजना स्थगित होने से मृदा स्वासथ्य खराब हो रहा है और कृषि विभाग की अनेक योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसलिए बेरोजगार हो चुके किसान मित्रों को दोबारा सरकारी कर्मचारी मानते हुए कृषि विभाग की सेवा से जोड़ा जाए। इस मौके पर अवनीश सक्सेना, शेर सिंह वर्मा, अरविंद पांडेय, सुरेंद्र सिंह राजपूत, आलोक दीक्षित, लाल सहाय, नागेंद्र कुमार, गंगादीन, सच्चिदानंद तिवारी, नेत्रपाल, प्रेमपाल, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
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संगठन के जिलाध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में प्रति इकाई कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए वर्ष 1998 में भाजपा सरकार ने ग्राम पंचायतों में किसान मित्रों की नियुक्ति को आवेदन आमंत्रित किए थे। चयनित किसान मित्रों को शुरू से कोई मानदेय तय नहीं हुआ, लेकिन बाद में कृषि विभाग के अहम कार्यों का निष्पादन करने पर उन्हें विभिन्न मदों में 1220 रुपये मानदेय दिया जाने लगा।
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ज्ञापन के अनुसार वर्ष 2010 में प्रदेश की बसपा सरकार ने किसान मित्र योजना स्थगित कर दी। सपा सरकार बनने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी साफ कह दिया कि भाजपा सरकार की योजना नहीं चलाएंगे। योजना स्थगित होने से मृदा स्वासथ्य खराब हो रहा है और कृषि विभाग की अनेक योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसलिए बेरोजगार हो चुके किसान मित्रों को दोबारा सरकारी कर्मचारी मानते हुए कृषि विभाग की सेवा से जोड़ा जाए। इस मौके पर अवनीश सक्सेना, शेर सिंह वर्मा, अरविंद पांडेय, सुरेंद्र सिंह राजपूत, आलोक दीक्षित, लाल सहाय, नागेंद्र कुमार, गंगादीन, सच्चिदानंद तिवारी, नेत्रपाल, प्रेमपाल, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
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