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Shahjahanpur News: खतरे के निशान की ओर बढ़ रही खन्नौत नदी
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गर्रा नदी का बढ़ रहा जलस्तर। संवाद
शाहजहांपुर। पहाड़ों से लेकर प्रदेश के मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से जिले से होकर बहने वाली नदियों में उफान आ गया है। 24 घंटे के दौरान अपवाद के तौर पर गर्रा के जलस्तर में 15 सेमी की मामूली कमी आई है, लेकिन गंगा, रामगंगा और खन्नौत नदियों में पानी बढ़ गया है। बारिश का पानी समेटकर ला रही खन्नौत नदी तेजी से खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को शुक्रवार सुबह प्राप्त सूचनाओं के अनुसार बीते दिन की तुलना में गर्रा का जलस्तर 15 सेमी घटकर 145.30 मीटरगेज हो गया। नदी खतरे के निशान से अभी 3.5 मीटर नीचे है। ककराकलां, मामुड़ी और राजघाट के पास बालाजीनगर के निचले हिस्सों के पास पानी पहुंचने लगा है।
वहीं, खन्नौत तेजी से विस्तार ले रही है। सिंधौली में खन्नौत पुल के दक्षिणी छोर से लेकर पैना बुजुर्ग गांव तक तमाम किसानों के धान और गन्ने के खेतों में पानी से भर गया है। 24 घंटों में खन्नौत का जलस्तर 15 सेमी बढ़कर 144.80 मीटरगेज हो गया है। अब खन्नौत खतरे के निशान से सिर्फ 95 सेमी नीचे बह रही है।
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार कलान के भैंसार बांध पर गंगा दस सेमी बढ़कर 142.25 मीटरगेज पर बह रही है और अभी खतरे के निशान से 1.40 मीटरगेज के फासले पर है। अन्य नदियों की तुलना में रामगंगा तेजी से उफान ले रही है। फर्रुखाबाद जिले की सीमा पर स्थित डबरी घाट में रामगंगा का जलस्तर 54 सेमी बढ़कर 135.12 मीटरगेज हाे गया है।
हालांकि, रामगंगा खतरे के निशान से 2.18 मीटरगेज नीचे है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि पूरी सतर्कता बरती जा रही है। अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। बरसात में नदियों का जलस्तर बढ़ना सामान्य बात है।
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रात में बढ़ी उमस, दिन में बारिश से तापमान में आई गिरावट
शाहजहांपुर। शाम से बादल छाए रहने और हवा नहीं चलने से बृहस्पतिवार की रात में उमस बढ़ने से न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री बढ़कर 27.1 डिग्री सेल्सियस हो गया। शुक्रवार को दिन में कई बार रुक-रुककर पानी की बौछारें गिरने से अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री घटकर 32.4 डिग्री सेल्सियस हो गया। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार शनिवार को सुबह से बादल छाए रहेंगे और बारिश होने का अनुमान है।
सुबह से दोपहर बाद तक शुक्रवार को कई बार पानी बरसा, लेकिन बारिश इतनी नहीं हो सकी कि उसका आकलन किया जा सके। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बारिश के बाद हल्की धूप निकलने से वातावरण में सामान्य से अधिक आर्द्रता उमस बनकर परेशान कर रही है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को दिन भर वायुदाब में उतार-चढ़ाव भी बना रहा। सुबह बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से 20 मिलीबार कम था, लेकिन शाम तक वायुदाब सामान्य से 12 अंक अधिक हो गया। इसे देखते हुए शनिवार को भी सुबह से बादल छाए रहेंगे और बारिश होने की संभावना है। बाद में धूप निकलने से उमस बढ़ेगी। संवाद
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सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को शुक्रवार सुबह प्राप्त सूचनाओं के अनुसार बीते दिन की तुलना में गर्रा का जलस्तर 15 सेमी घटकर 145.30 मीटरगेज हो गया। नदी खतरे के निशान से अभी 3.5 मीटर नीचे है। ककराकलां, मामुड़ी और राजघाट के पास बालाजीनगर के निचले हिस्सों के पास पानी पहुंचने लगा है।
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वहीं, खन्नौत तेजी से विस्तार ले रही है। सिंधौली में खन्नौत पुल के दक्षिणी छोर से लेकर पैना बुजुर्ग गांव तक तमाम किसानों के धान और गन्ने के खेतों में पानी से भर गया है। 24 घंटों में खन्नौत का जलस्तर 15 सेमी बढ़कर 144.80 मीटरगेज हो गया है। अब खन्नौत खतरे के निशान से सिर्फ 95 सेमी नीचे बह रही है।
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार कलान के भैंसार बांध पर गंगा दस सेमी बढ़कर 142.25 मीटरगेज पर बह रही है और अभी खतरे के निशान से 1.40 मीटरगेज के फासले पर है। अन्य नदियों की तुलना में रामगंगा तेजी से उफान ले रही है। फर्रुखाबाद जिले की सीमा पर स्थित डबरी घाट में रामगंगा का जलस्तर 54 सेमी बढ़कर 135.12 मीटरगेज हाे गया है।
हालांकि, रामगंगा खतरे के निशान से 2.18 मीटरगेज नीचे है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि पूरी सतर्कता बरती जा रही है। अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। बरसात में नदियों का जलस्तर बढ़ना सामान्य बात है।
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रात में बढ़ी उमस, दिन में बारिश से तापमान में आई गिरावट
शाहजहांपुर। शाम से बादल छाए रहने और हवा नहीं चलने से बृहस्पतिवार की रात में उमस बढ़ने से न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री बढ़कर 27.1 डिग्री सेल्सियस हो गया। शुक्रवार को दिन में कई बार रुक-रुककर पानी की बौछारें गिरने से अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री घटकर 32.4 डिग्री सेल्सियस हो गया। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार शनिवार को सुबह से बादल छाए रहेंगे और बारिश होने का अनुमान है।
सुबह से दोपहर बाद तक शुक्रवार को कई बार पानी बरसा, लेकिन बारिश इतनी नहीं हो सकी कि उसका आकलन किया जा सके। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बारिश के बाद हल्की धूप निकलने से वातावरण में सामान्य से अधिक आर्द्रता उमस बनकर परेशान कर रही है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को दिन भर वायुदाब में उतार-चढ़ाव भी बना रहा। सुबह बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से 20 मिलीबार कम था, लेकिन शाम तक वायुदाब सामान्य से 12 अंक अधिक हो गया। इसे देखते हुए शनिवार को भी सुबह से बादल छाए रहेंगे और बारिश होने की संभावना है। बाद में धूप निकलने से उमस बढ़ेगी। संवाद

गर्रा नदी का बढ़ रहा जलस्तर। संवाद