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समरसता से ही देश का विकास संभव
श्ााहजहांपुर
Updated Sat, 27 Dec 2014 08:27 PM IST
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कौमी एकता महोत्सव आयोजन समिति के बैनर तले ‘कौमी एकता से ही देश का विकास संभव है’ विषयक संगोष्ठी कराई गई। लोकायुक्त (मनरेगा) डॉ. सुरेश चंद्र मिश्र ने कहा कि देश में विविधता के बीच जो समरसता है, उसे बचाए रखना बहुत आवश्यक है। इसी समरसता से देश का विकास संभव है।
गांधी भवन में हुए कार्यक्रम में डॉ. मिश्र ने कहा कि इस देश में धर्म जीवन पद्धति है, जो मानवीय मूल्यों के रूप में हमारे जीवन का हिस्सा बन चुकी है। भारत ही वह देश है, जिसने विश्व बंधुत्व का विचार संसार को दिया। डॉ. प्रशांत अग्निहोत्री ने कहा कि भारत में ही विभिन्न वैचारिक धाराएं धर्म और संप्रदाय के रूप में फलती-फूलती हैं। यह देश विविध संस्कृतियों का मानसरोवर है। कौमी एकता का प्रश्न भारत में नहीं है। राजनैतिक लाभ के कुछ विसंगतियां जरूर उत्पन्न हुई हैं।
इस अवसर पर अमित त्यागी, सुशील विचित्र, राजेंद्र माथुर, डॉ. ओरी लाल, जरीफ मलिक आनंद, आसिम अनमोल आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व संयोजक राजेंद्र बाबा और बृजेश श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन कुलदीप दीपक ने किया। इस मौके पर चंद्रवीर गंगू, दिनेश रस्तोगी,आनंद कुमार, पुष्पेंद्र दीक्षित, आरपीडी सोती आदि मौजूद रहे।
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गांधी भवन में हुए कार्यक्रम में डॉ. मिश्र ने कहा कि इस देश में धर्म जीवन पद्धति है, जो मानवीय मूल्यों के रूप में हमारे जीवन का हिस्सा बन चुकी है। भारत ही वह देश है, जिसने विश्व बंधुत्व का विचार संसार को दिया। डॉ. प्रशांत अग्निहोत्री ने कहा कि भारत में ही विभिन्न वैचारिक धाराएं धर्म और संप्रदाय के रूप में फलती-फूलती हैं। यह देश विविध संस्कृतियों का मानसरोवर है। कौमी एकता का प्रश्न भारत में नहीं है। राजनैतिक लाभ के कुछ विसंगतियां जरूर उत्पन्न हुई हैं।
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इस अवसर पर अमित त्यागी, सुशील विचित्र, राजेंद्र माथुर, डॉ. ओरी लाल, जरीफ मलिक आनंद, आसिम अनमोल आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व संयोजक राजेंद्र बाबा और बृजेश श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन कुलदीप दीपक ने किया। इस मौके पर चंद्रवीर गंगू, दिनेश रस्तोगी,आनंद कुमार, पुष्पेंद्र दीक्षित, आरपीडी सोती आदि मौजूद रहे।
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