{"_id":"5721031f4f1c1b4b30a91506","slug":"kartik-will-be-in-the-court-on-3-may","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन मई को सीजेएम कोर्ट में हत्यारोपी कार्तिक तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन मई को सीजेएम कोर्ट में हत्यारोपी कार्तिक तलब
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Wed, 27 Apr 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
11 साल से न्याय के लिए भटक रही है पीड़िता
- फोटो : Demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की बिटिया से दुराचार के मामले में जेल में बंद आसाराम के खिलाफ गवाही देने वाले शाहजहांपुर के गदियाना मोहल्ला निवासी ट्रांसपोर्ट कर्मचारी कृपाल सिंह की हत्या की बात गुजरात एटीएस के समक्ष कबूलने वाले शूटर कार्तिक हालदार को शाहजहांपुर सीजेएम कोर्ट ने तीन मई को प्रस्तुत करने कहा है। सदर बाजार थाना की टीम ने इस संबंधी वारंट अहमदाबाद जाकर वहां के सीजेएम कोर्ट, जेल और एसएसपी को तामील करा दिया ताकि समय पर उसे यहां लाकर कोर्ट में पेश किया जा सके। सदर बाजार थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर केके वर्मा ने बताया कि उसे कड़ी सुरक्षा में यहां लाने की तैयारी है।
जेल में बंद आसाराम के लिए शार्प शूटर बना उनका सेवादार कार्तिक गत दिनों गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़ा था। पूछताछ में उसने आसाराम प्रकरण में पीड़ित बिटिया के शहर शाहजहांपुर में ही दो वारदात की बात कबूली थी। वहां की पुलिस को पूछताछ में इसने बताया कि नक्सलियों को असलहा आपूर्ति करने वाले से इसने डेढ़ लाख रुपये में अत्याधुनिक दोनाली बंदूक खरीदी थी। उसके नाल को बट को काटकर इसने उसे कट्टे का शक्ल दे दिया था। अपने शिकारों का एक ही बार में काम तमाम करने के लिए उसने खास किस्म के कारतूस का हर फायर में इस्तेमाल किया जिसमें शरीर को भेदते ही कारतूस तीन हिस्सों में टूटकर शरीर को छलनी करती है। इसका निशाना हर बार सीना या पीठ ही होता था। शाहजहांपुर में 10 जुलाई 2015 को सदर बाजार थाना इलाके में इसने उसी कट्टे से उसी खास किस्म के कारतूस का फायर गवाह कृपाल पर पीछे से झोंका था और फिर बाइक से भाग निकला था। अगले दिन बरेली में उपचार के दौरान कृपाल की मौत हो गई थी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इससे कुछ माह पहले भी वह शाहजहांपुर में एक मीडियाकर्मी पर उसके दफ्तर के नीचे ही जानलेवा हमला किया था जिसमें मीडियाकर्मी की गर्दन पर गंभीर जख्म हुए थे और करीब 40 से अधिक टांके लगे थे। उस प्रकरण में कट्टे का इस्तेमाल न करने के संबंध में गुजरात एटीएस को कार्तिक ने बताया था कि शहर के बीच का चहलपहल वाला इलाका होने के चलते हंसिए से वार कर सुरक्षित भाग निकलने की योजना बनाई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जेल में बंद आसाराम के लिए शार्प शूटर बना उनका सेवादार कार्तिक गत दिनों गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़ा था। पूछताछ में उसने आसाराम प्रकरण में पीड़ित बिटिया के शहर शाहजहांपुर में ही दो वारदात की बात कबूली थी। वहां की पुलिस को पूछताछ में इसने बताया कि नक्सलियों को असलहा आपूर्ति करने वाले से इसने डेढ़ लाख रुपये में अत्याधुनिक दोनाली बंदूक खरीदी थी। उसके नाल को बट को काटकर इसने उसे कट्टे का शक्ल दे दिया था। अपने शिकारों का एक ही बार में काम तमाम करने के लिए उसने खास किस्म के कारतूस का हर फायर में इस्तेमाल किया जिसमें शरीर को भेदते ही कारतूस तीन हिस्सों में टूटकर शरीर को छलनी करती है। इसका निशाना हर बार सीना या पीठ ही होता था। शाहजहांपुर में 10 जुलाई 2015 को सदर बाजार थाना इलाके में इसने उसी कट्टे से उसी खास किस्म के कारतूस का फायर गवाह कृपाल पर पीछे से झोंका था और फिर बाइक से भाग निकला था। अगले दिन बरेली में उपचार के दौरान कृपाल की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इससे कुछ माह पहले भी वह शाहजहांपुर में एक मीडियाकर्मी पर उसके दफ्तर के नीचे ही जानलेवा हमला किया था जिसमें मीडियाकर्मी की गर्दन पर गंभीर जख्म हुए थे और करीब 40 से अधिक टांके लगे थे। उस प्रकरण में कट्टे का इस्तेमाल न करने के संबंध में गुजरात एटीएस को कार्तिक ने बताया था कि शहर के बीच का चहलपहल वाला इलाका होने के चलते हंसिए से वार कर सुरक्षित भाग निकलने की योजना बनाई थी।
विज्ञापन