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लोक निर्माण विभाग में तबादलों में गड़बड़ी के बाद विरोधियों के निशाने पर आए जितिन
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शाहजहांपुर। लोक निर्माण विभाग में स्थानांतरण में गड़बड़ी के बाद प्रदेश की राजनीति में उथलपुथल मची हुई है। विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद के समर्थक और विरोधी सोशल मीडिया में तमाम तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। विरोधी जहां जितिन के जरिये सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं वहीं समर्थक उनके समर्थन में ईमानदार छवि का हवाला दे रहे हैं।
जितिन प्रसाद 2021 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। कांग्रेस की केंद्र सरकार में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके जितिन की छवि ईमानदार राजनेता की मानी जाती रही है। भाजपा में आने के बाद उन्हें पार्टी ने एमएलसी बनाया और प्राविधिक शिक्षा मंत्री का पद दिया। विधानसभा चुनाव के वक्त जितिन जिले में स्टार प्रचारक की भूमिका में रहे। सभी छह सीटों पर पार्टी की जीत में उनका भी योगदान रहा। प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर बनने के बाद उन्हें पीडब्ल्यूडी जैसे महत्वपूर्ण विभाग का मंत्री बनाया गया। हाल में ही उनके विभाग में तबादलों में गड़बड़ी का आरोप लगा। जितिन के ओएसडी समेत कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।
इस संबंध में जितिन मंगलवार को ही मुख्यमंत्री योगी से मिलकर अपनी बात रख चुके हैं। इसके बाद विपक्षी मंत्री के बहाने सरकार पर निशाना साधने से नहीं चूक रहे हैं। सोशल मीडिया में विरोधी जितिन प्रसाद को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं समर्थक भी पल-पल की गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। समर्थक जितिन की साफ छवि को लेकर विरोधियों को घेर रहे हैं। कुछ लोग जितिन पर लग रहे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए विरोधियों पर उनकी छवि बिगाड़ने का आरोप लगा रहे हैं। जितिन एक बार शाहजहांपुर और एक बार धौरहरा से सांसद रह चुके हैं। ऐसे में शाहजहांपुर और लखीमपुर में लोग पूरे घटनाक्रम में दिलचस्पी ले रहे हैं।
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जितिन प्रसाद 2021 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। कांग्रेस की केंद्र सरकार में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके जितिन की छवि ईमानदार राजनेता की मानी जाती रही है। भाजपा में आने के बाद उन्हें पार्टी ने एमएलसी बनाया और प्राविधिक शिक्षा मंत्री का पद दिया। विधानसभा चुनाव के वक्त जितिन जिले में स्टार प्रचारक की भूमिका में रहे। सभी छह सीटों पर पार्टी की जीत में उनका भी योगदान रहा। प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर बनने के बाद उन्हें पीडब्ल्यूडी जैसे महत्वपूर्ण विभाग का मंत्री बनाया गया। हाल में ही उनके विभाग में तबादलों में गड़बड़ी का आरोप लगा। जितिन के ओएसडी समेत कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।
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इस संबंध में जितिन मंगलवार को ही मुख्यमंत्री योगी से मिलकर अपनी बात रख चुके हैं। इसके बाद विपक्षी मंत्री के बहाने सरकार पर निशाना साधने से नहीं चूक रहे हैं। सोशल मीडिया में विरोधी जितिन प्रसाद को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं समर्थक भी पल-पल की गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। समर्थक जितिन की साफ छवि को लेकर विरोधियों को घेर रहे हैं। कुछ लोग जितिन पर लग रहे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए विरोधियों पर उनकी छवि बिगाड़ने का आरोप लगा रहे हैं। जितिन एक बार शाहजहांपुर और एक बार धौरहरा से सांसद रह चुके हैं। ऐसे में शाहजहांपुर और लखीमपुर में लोग पूरे घटनाक्रम में दिलचस्पी ले रहे हैं।
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