Janmashtami 2023: रोहिणी नक्षत्र में मनाई जाएगी जन्माष्टमी, तिथि को लेकर न रखें कोई संशय
रक्षाबंधन की तरह श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तिथि को लेकर भी संशय उपजा। इस पर शाहजहांपुर के ज्योतिषविदों का कहना है कि जन्माष्टमी सात सितंबर को ही मनाई जाएगी।
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पहले रक्षाबंधन मनाने की तिथि को लेकर काफी संशय की स्थिति रही, उसी प्रकार अब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब है, इसे लेकर भी संशय है। शाहजहांपुर के ज्योतिषविदों का कहना है कि जन्माष्टमी सात सितंबर को ही मनाई जाएगी।
पं. सुरेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र छह सितंबर बुधवार को दोपहर 2:39 बजे से लगेगा और सात सितंबर बृहस्पतिवार को अपराह्न 3:07 बजे तक रहेगा। अष्टमी तिथि एवं रोहिणी नक्षत्र का संयोग सात सितंबर को मिल रहा है। हालांकि आधी रात तक यह योग नहीं रहेगा, फिर भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इसी दिन मनाई जाएगी।
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नैमिषारण्य से शिक्षा प्राप्त आचार्य सत्यम दीक्षित का कहना है कि पुराणों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। सात सितंबर को अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र का मिलना दुर्लभ संयोग है। इस मान्यता के अनुसार सात सितंबर को जन्माष्टमी मनाना सही रहेगा।
चौक मंडी स्थित दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि मूल रूप से जन्मोत्सव एक दिन पहले मनाया जाता है और हर्षोत्सव अगले दिन मनाया जाता है, जैसे भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा में एक दिन पहले हुआ तभी अगले दिन नंदबाबा के यहां नंदोत्सव मनाया गया। इस हिसाब से भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव सात सितंबर को मनाना चाहिए।