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हाथियों ने उजाड़ी धान, गन्ने की फसल, किसानों को दौड़ाया
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शाहजहांपुर के खुटार में हाथियों ने उजाड़ी धान की फसल।
- फोटो : POWAYAN
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खुटार (शाहजहांपुर)। नेपाली हाथियों ने बुधवार रात गांव बरबटपुर, रायपुर और कुंभिया माफी में धान और गन्ने की फसलें उजाड़ीं। किसानों ने भगाने का प्रयास किया तो हाथियों के झुंड ने लोगों को दौड़ा लिया। सूचना के बाद भी वनकर्मियों के मौके पर नहीं पहुंचने से किसानों में रोष है।
खुटार के कोचर फार्म निवासी बलवीर सिंह उर्फ बिल्लू, देवेंद्र सिंह उर्फ कुक्के, गांव रायपुर निवासी रामऔतार, सियाराम और गांव कुंभिया माफी के किसानों ने बताया कि बुधवार रात हाथियों का झुंड जंगल से खेतों में आ गया। हाथियों ने धान और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। हाथियों के चीखने की आवाज सुनकर किसान लाठी, डंडे लेकर पीपे व ढोलक बजाकर शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे और हाथियों को जंगल की ओर भगाने का प्रयास किया तो हाथियों का झुंड किसानों पर हमलावर हो उठा और किसानों को दौड़ा लिया। इससे किसानों ने भागकर जान बचाई।
किसानों ने मामले की जानकारी वनकर्मियों को दी, लेकिन किसी ने भी मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझी। हाथी काफी देर तक खेतों में उत्पात मचाते रहे और बाद में जंगल की ओर चले गए। हाथियों के जाने से किसानों ने राहत की सांस ली।
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कुभियां, निहालपुर में पहुंचा चुके हैं काफी नुकसान
खुटार। नेपाली हाथी लगभग दो माह से खुटार रेंज की फत्तेपुर वीट में डेरा डाले हैं। हाथी कुभियां माफी, निहालपुर में कई बार जगल से बाहर आकर धान, गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा चुके हैं। किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। खास बात यह है कि हाथियों के खेतों में आने पर सूचना देने के बाद भी वनकर्मी मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझते हैं। बुधवार रात हाथियों ने बरवटपुर, रायपुर आदि में भी फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
झुंड में 20 से 25 हाथी
खुटार। किसानों का कहना है कि झुंड में 20 से 25 हाथी शामिल हैं। हाथी काफी उग्र हैं और लोगों को देखते ही चीख मारकर दौड़ा लेते हैं। कुभियां माफी से कुछ दूर जखीमपुर के गांव सैंजनियां के जंगल में हाथी एक युवक को मार भी चुके हैं। इस कारण किसान हाथियों के झुंड से काफी दूर रहकर शोर शराबा करते हैं। कई बार शोर मचाने पर हाथी जंगल में चले जाते हैं और कई बार खेत से हिलते तक नहीं हैं।
हाथियों के फसलों का नुकसान करने की सूचना मिली है। टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। सूचना मिलने पर वनकर्मी मौके पर जाते हैं। किसान सतर्क रहें। - डीएस यादव, रेंजर खुटार
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खुटार के कोचर फार्म निवासी बलवीर सिंह उर्फ बिल्लू, देवेंद्र सिंह उर्फ कुक्के, गांव रायपुर निवासी रामऔतार, सियाराम और गांव कुंभिया माफी के किसानों ने बताया कि बुधवार रात हाथियों का झुंड जंगल से खेतों में आ गया। हाथियों ने धान और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। हाथियों के चीखने की आवाज सुनकर किसान लाठी, डंडे लेकर पीपे व ढोलक बजाकर शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे और हाथियों को जंगल की ओर भगाने का प्रयास किया तो हाथियों का झुंड किसानों पर हमलावर हो उठा और किसानों को दौड़ा लिया। इससे किसानों ने भागकर जान बचाई।
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किसानों ने मामले की जानकारी वनकर्मियों को दी, लेकिन किसी ने भी मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझी। हाथी काफी देर तक खेतों में उत्पात मचाते रहे और बाद में जंगल की ओर चले गए। हाथियों के जाने से किसानों ने राहत की सांस ली।
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कुभियां, निहालपुर में पहुंचा चुके हैं काफी नुकसान
खुटार। नेपाली हाथी लगभग दो माह से खुटार रेंज की फत्तेपुर वीट में डेरा डाले हैं। हाथी कुभियां माफी, निहालपुर में कई बार जगल से बाहर आकर धान, गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा चुके हैं। किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। खास बात यह है कि हाथियों के खेतों में आने पर सूचना देने के बाद भी वनकर्मी मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझते हैं। बुधवार रात हाथियों ने बरवटपुर, रायपुर आदि में भी फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
झुंड में 20 से 25 हाथी
खुटार। किसानों का कहना है कि झुंड में 20 से 25 हाथी शामिल हैं। हाथी काफी उग्र हैं और लोगों को देखते ही चीख मारकर दौड़ा लेते हैं। कुभियां माफी से कुछ दूर जखीमपुर के गांव सैंजनियां के जंगल में हाथी एक युवक को मार भी चुके हैं। इस कारण किसान हाथियों के झुंड से काफी दूर रहकर शोर शराबा करते हैं। कई बार शोर मचाने पर हाथी जंगल में चले जाते हैं और कई बार खेत से हिलते तक नहीं हैं।
हाथियों के फसलों का नुकसान करने की सूचना मिली है। टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। सूचना मिलने पर वनकर्मी मौके पर जाते हैं। किसान सतर्क रहें। - डीएस यादव, रेंजर खुटार