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Shahjahanpur News: पिता ने ही छात्रा को बेहोशी की हालत में बोरे में बंद करके फेंका था तालाब में
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शाहजहांपुर (सिंधौली)। थाना क्षेत्र के गांव शिवनगर की इंटरमीडिएट की छात्रा अर्चना हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अर्चना देवी की हत्या उसके पिता सुखलाल ने की थी। खेत में प्रेमी के साथ देखने के बाद पिता ने उसकी पिटाई करने के बाद कमरे में बंद कर दिया। समझाने के बाद भी नहीं मानने पर 21 जनवी को सिर पर ईंट मार दी। रात में बेहोशी की हालत में उसे बोरे में भरकर तालाब में फेंक दिया। मृतका के प्रेमी के आने के बाद परतें उधड़ना शुरू हुईं। कड़ाई से पूछताछ के बाद पिता ने सारा राज खोल दिया।
इंटरमीडिएट की छात्रा अर्चना देवी कोरोकुइयां स्थित ईडन पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी। 24 जनवरी की सुबह उसका शव दियूरिया-कल्यानपुर गांव के पास तालाब किनारे बोरी में मिला था। तालाब के किनारे स्कूल बैग, साइकिल आदि पड़ा मिला था। मृतका के पिता सुखलाल ने 10 जनवरी से स्कूल जाने के बाद वापस न आने और पुलिस पर गुमशुदगी दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया। पुलिस ने अर्चना के मोबाइल की सीडीआर निकलवाकर जांच शुरू की। उसमें सबसे अधिक बार गांव के मटरू नाम के युवक से बात होना सामने आई।
पुलिस ने उससे संपर्क साधा तो उसने खुद को इंदौर में बताया। पुलिस पहले यही मान रही थी कि छात्रा की हत्या उसके प्रेमी ने ही की है। उसके गांव आने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की तो सारी कहानी ही बदल गई। पुलिस ने अर्चना के पिता सुखलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद सुखलाल ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
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छुट्टी होने पर भी बैग लेकर घर से निकली थी छात्रा
पुलिस के अनुसार, 10 जनवरी को कड़ाके की सर्दी होने के साथ घना कोहरा पड़ रहा था। स्कूल की छुट्टियां चल रहीं थीं फिर भी अर्चना बैग लेकर स्कूल जाने की बात कहकर साइकिल से निकली। पिता को शक हुआ तो उसने पीछा किया। इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि गांव से कुछ दूरी पर सुनसान इलाके में स्थित गन्ने के खेत में छात्रा को एक युवक के साथ उसके पिता ने देख लिया। सुखलाल ने बेटी के थप्पड़ मारने के बाद घर लाकर कमरे में बंद कर दिया।
युवक को फंसाने को बनाई योजना
10 जनवरी की घटना के बाद सुखलाल ने बेटी के प्रेमी को उसके अपहरण में फंसाने की योजना तैयार की। वह 15 जनवरी को सिंधौली थाने गया। वहां बेटी की गुमशुदगी की तहरीर दी। पुलिस के मुताबिक, सुखलाल बेटी की उम्र 17 साल बता रहा था जबकि पुलिस ज्यादा उम्र मान रही थी। पुलिस ने उसे टरका दिया। इस बीच 18 जनवरी को छात्रा का प्रेमी मटरू इंदौर चला गया।
कमरे में बंद कर बेटी को समझाया, न मानने पर मार दी ईंट
इंस्पेक्टर के अनुसार, अर्चना की शादी सुखलाल ने तय कर दी थी। उसने 21 जनवरी को उसे समझाया। शादी के लिए राजी करना चाहा, लेकिन अर्चना ने इन्कार कर दिया। वह बोली कि शादी मटरू से ही करेगी। गुस्से में आकर सुखलाल ने उसके सिर पर ईंट मार दी। इससे वह अचेत हो गई। आंख के पास से खून बह निकला। 21 जनवरी की रात करीब साढ़े 11 बजे जब गांव के लोग सो गए तो सुखलाल ने बेटी के हाथ और पैर दुपट्टे से बांधकर उसे बोरे में बंद कर लिया। इसके बाद साइकिल से ले जाकर छात्रा को तालाब में फेंक दिया। डूबने से उसकी मौत हो गई। छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई थी।
वर्जन
विवेचना के दौरान पिता की भूमिका संदिग्ध मिली थी। इसके बाद उससे पूछताछ की गई तो सारी हकीकत सामने आ गई। पिता ने ही बेटी की हत्या की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। - एस. आनंद, एसपी
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इंटरमीडिएट की छात्रा अर्चना देवी कोरोकुइयां स्थित ईडन पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी। 24 जनवरी की सुबह उसका शव दियूरिया-कल्यानपुर गांव के पास तालाब किनारे बोरी में मिला था। तालाब के किनारे स्कूल बैग, साइकिल आदि पड़ा मिला था। मृतका के पिता सुखलाल ने 10 जनवरी से स्कूल जाने के बाद वापस न आने और पुलिस पर गुमशुदगी दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया। पुलिस ने अर्चना के मोबाइल की सीडीआर निकलवाकर जांच शुरू की। उसमें सबसे अधिक बार गांव के मटरू नाम के युवक से बात होना सामने आई।
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पुलिस ने उससे संपर्क साधा तो उसने खुद को इंदौर में बताया। पुलिस पहले यही मान रही थी कि छात्रा की हत्या उसके प्रेमी ने ही की है। उसके गांव आने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की तो सारी कहानी ही बदल गई। पुलिस ने अर्चना के पिता सुखलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद सुखलाल ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
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छुट्टी होने पर भी बैग लेकर घर से निकली थी छात्रा
पुलिस के अनुसार, 10 जनवरी को कड़ाके की सर्दी होने के साथ घना कोहरा पड़ रहा था। स्कूल की छुट्टियां चल रहीं थीं फिर भी अर्चना बैग लेकर स्कूल जाने की बात कहकर साइकिल से निकली। पिता को शक हुआ तो उसने पीछा किया। इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि गांव से कुछ दूरी पर सुनसान इलाके में स्थित गन्ने के खेत में छात्रा को एक युवक के साथ उसके पिता ने देख लिया। सुखलाल ने बेटी के थप्पड़ मारने के बाद घर लाकर कमरे में बंद कर दिया।
युवक को फंसाने को बनाई योजना
10 जनवरी की घटना के बाद सुखलाल ने बेटी के प्रेमी को उसके अपहरण में फंसाने की योजना तैयार की। वह 15 जनवरी को सिंधौली थाने गया। वहां बेटी की गुमशुदगी की तहरीर दी। पुलिस के मुताबिक, सुखलाल बेटी की उम्र 17 साल बता रहा था जबकि पुलिस ज्यादा उम्र मान रही थी। पुलिस ने उसे टरका दिया। इस बीच 18 जनवरी को छात्रा का प्रेमी मटरू इंदौर चला गया।
कमरे में बंद कर बेटी को समझाया, न मानने पर मार दी ईंट
इंस्पेक्टर के अनुसार, अर्चना की शादी सुखलाल ने तय कर दी थी। उसने 21 जनवरी को उसे समझाया। शादी के लिए राजी करना चाहा, लेकिन अर्चना ने इन्कार कर दिया। वह बोली कि शादी मटरू से ही करेगी। गुस्से में आकर सुखलाल ने उसके सिर पर ईंट मार दी। इससे वह अचेत हो गई। आंख के पास से खून बह निकला। 21 जनवरी की रात करीब साढ़े 11 बजे जब गांव के लोग सो गए तो सुखलाल ने बेटी के हाथ और पैर दुपट्टे से बांधकर उसे बोरे में बंद कर लिया। इसके बाद साइकिल से ले जाकर छात्रा को तालाब में फेंक दिया। डूबने से उसकी मौत हो गई। छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई थी।
वर्जन
विवेचना के दौरान पिता की भूमिका संदिग्ध मिली थी। इसके बाद उससे पूछताछ की गई तो सारी हकीकत सामने आ गई। पिता ने ही बेटी की हत्या की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। - एस. आनंद, एसपी