{"_id":"65f1ace6333b0467380c86fb","slug":"intuc-leader-son-dies-in-road-accident-in-shahjahanpur-2024-03-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur: सड़क हादसे में इंटक नेता के इकलौते बेटे की मौत, रोजा इफ्तार के लिए फल खरीदते समय डंपर ने रौंदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur: सड़क हादसे में इंटक नेता के इकलौते बेटे की मौत, रोजा इफ्तार के लिए फल खरीदते समय डंपर ने रौंदा
Wed, 13 Mar 2024 07:13 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 13 Mar 2024 07:13 PM IST
सार
शाहजहांपुर के बरेली मोड़ पर रोजा इफ्तार के लिए फल खरीद रहे युवक को डंपर ने रौंद दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
विज्ञापन
मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शाहजहांपुर में काम से लौटते वक्त रोजा इफ्तार के लिए फल खरीदते समय बरेली मोड़ पर मोहम्मद सागिल (25) की बाइक को बरेली मोड़ पर डंपर से टक्कर लग गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत से परिवार में मातम छाया है।
विज्ञापन
चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सिंजई निवासी राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के कार्यकारिणी सदस्य हबीब अहमद के इकलौते पुत्र सागिल बिजली की फिटिंग का काम करते थे। मंगलवार को बरेली मोड़ स्थित कॉलोनी में काम करने गए थे। शाम में लौटते समय रोजा इफ्तार के लिए फल खरीद रहे थे। तभी तेज रफ्तार डंपर से उनकी बाइक में टक्कर लग गई।
विज्ञापन
हादसे के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस बीच चालक मौका पाकर भाग गया। पुलिस ने घायल को तुरंत ही राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। रात करीब 11 बजे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष पवन सिंह ने परिजन को सांत्वना दी।
विज्ञापन
रातभर मौत की परिजन को नहीं दी सूचना
हबीब अहमद राजमिस्त्री का काम करते हैं। इस समय बीमार चल रहे हैं। बेटे के घायल होने की सूचना उन्हें दी गई थी। रात में मौत होने पर शव को मोर्चरी में रखवा दिया। बीमारी को देखते हुए उन्हें मौत की जानकार नहीं दी गई। सुबह छह बजे बेटे की मौत की सूचना पर बिलख पड़े। दो बहनों के आंसू भी नहीं थम रहे हैं।
हबीब अहमद राजमिस्त्री का काम करते हैं। इस समय बीमार चल रहे हैं। बेटे के घायल होने की सूचना उन्हें दी गई थी। रात में मौत होने पर शव को मोर्चरी में रखवा दिया। बीमारी को देखते हुए उन्हें मौत की जानकार नहीं दी गई। सुबह छह बजे बेटे की मौत की सूचना पर बिलख पड़े। दो बहनों के आंसू भी नहीं थम रहे हैं।