UP: शाहजहांपुर में वीडियो कॉल कर दरोगा ने फंदा लगाकर दी जान, महिला सिपाही से प्रेम प्रसंग की चर्चा
Shahjahanpur News: शाहजहांपुर के परौर थाने में तैनात उपनिरीक्षक वरुण कुमार ने बृहस्पतिवार की रात कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी। शुक्रवार सुबह इसकी जानकारी पुलिसकर्मियों को हुई। उन्होंने आत्महत्या क्यों की है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
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शाहजहांपुर के परौर थाना परिसर में बने सरकारी आवास में दरोगा वरुण सिंह (35) ने रस्सी के फंदे के सहारे पंखे से लटककर जान दे दी। सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर साथी पुलिसकर्मी ने अंदर झांका तो शव लटका देखा। दरोगा के कानों में ईयरबड लगे मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने किसी से वीडियो कॉल पर बात करते हुए जान दी है।
शामली जिले के थाना झिंझाना के गांव चौदह हाड़ी निवासी पुष्पेंद्र चौहान उपनिरीक्षक थे। ड्यूटी के दौरान उनकी मृत्यु होने पर बेटे वरुण कुमार को मृतक आश्रित के तौर पर नौकरी मिली थी। 29 सितंबर 2022 को परौर थाने में नियुक्ति हुई थी। बृहस्पतिवार की रात ड्यूटी खत्म होने के बाद थाना परिसर में बने अपने कमरे में चले गए थे। रात में किसी समय पंखे में रस्सी डालने के बाद फंदे से लटककर जान दे दी।
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शुक्रवार सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिसकर्मी ने कमरे में जाकर दरवाजा खटकाया। देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर झरोखे से अंदर झांककर देखा तो वरुण का शव फंदे से लटका मिला। दरोगा के आत्महत्या करने की सूचना पर आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस ने दरवाजे को तोड़कर कमरे के अंदर प्रवेश किया।
बनियान पहने वरुण के कानों में ईयरबड लगे हुए थे। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली। उनका फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। सूचना पर तहसील कलान के नायब तहसीलदार पंकज कुमार मौके पर पहुंचे और शव को फंदे से उतरवाकर पंचनामा भरवाया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वरुण अविवाहित थे। पुलिस आत्महत्या करने की वजह की जांच कर रही है।
पूरे कमरे का सामान व्यवस्थित
पुलिस ने वरुण की मौत के बाद पूरे कमरे की तलाशी ली। पुलिस को सब कुछ ठीक मिला है। उनका फोन भी मिला है, जिस पर पैटर्न लॉक लगा है। इसके चलते पुलिस उसे खोल नहीं सकी। उनके फोन की सीडीआर भी निकलवाने की तैयारी है। अंतिम बार किससे बात हुई, इसके आधार पर पुलिस को उम्मीद है कि आत्महत्या की वजह पता चल सकेगी। फोन का पैटर्न लॉक खुलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रेम-प्रसंग के एंगल पर जांच कर रही पुलिस
पिता की मृत्यु के बाद उपनिरीक्षक की नौकरी पाने वाले वरुण सिंह ने पहली तैनाती सेहरामऊ दक्षिणी थाने में पाई थी। वहां करीब एक साल तक रहे थे। उसके बाद उनका तबादला परौर थाने में कर दिया गया। वरुण के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। भाई-बहन भी नहीं थे।
अविवाहित वरुण के आत्महत्या करने का कोई कारण प्रथमदृष्टया न मिलने पर पुलिस प्रेम प्रसंग के एंगल पर भी जांच कर रही है। थाने में चर्चा है कि उनका किसी महिला सिपाही से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। उससे अनबन के चलते ही उन्होंने यह कदम उठाया है। हालांकि, पुलिस अभी वजह स्पष्ट नहीं कर रही है।
एसपी देहात संजीव वाजपेयी ने बताया कि उपनिरीक्षक के परिवार में कोई नहीं है। उसकी मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मोबाइल की सीडीआर निकाली जाएगी।