एक विवाह ऐसा भी: जेंडर बदल लड़की से लड़का बने शरद सिंह चढ़े घोड़ी, मूंछों पर ताव देकर... धूमधाम से निकाली बरात
सहायक अध्यापक सरिता सिंह ने अपना जेंडर बदल लिया था। थेरेपी आदि कराने से उनके चेहरे पर दाढ़ी-मूंछें आ गईं थीं। प्रशासन ने उन्हें पुरुष होने का प्रमाण पत्र भी दे दिया था। दोनों पैरों से दिव्यांग शरद सिंह की बरात दोस्त सविता चौहान से तय हुई थी।
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शाहजहांपुर में काकोरी एक्शन के अमर नायक ठाकुर रोशन सिंह की प्रपौत्री सरिता सिंह जेंडर बदलकर शरद सिंह बनने के बाद गुरुवार की रात विवाह बंधन में बंध गए। उनकी बरात धूमधाम से निकली। बैंड-बाजे की धुन पर बराती जमकर नाचे।
ददरौल विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय सतवां में सहायक अध्यापक सरिता सिंह ने अपना जेंडर बदल लिया था। थेरेपी आदि कराने से उनके चेहरे पर दाढ़ी-मूंछें आ गईं थीं। प्रशासन ने उन्हें पुरुष होने का प्रमाण पत्र भी दे दिया था। दोनों पैरों से दिव्यांग शरद सिंह की बरात दोस्त सविता चौहान से तय हुई थी। बृहस्पतिवार को उनकी बरात धूमधाम से निकली।
बरेली रोड स्थित भव्य समारोह में शरद व सविता चौहान विवाह बंधन में बंध गए। उनकी बरात में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने नवदंपती को आशीर्वाद भी दिया। बुधवार को डीएम उमेश प्रताप सिंह ने भी शरद सिंह को विवाह की शुभकामनाएं दी थीं।
आसान नहीं था फैसला
शरद सिंह के लिए लड़की से लड़का बनने का फैसला आसान नहीं रहा। उन्होंने बताया कि बचपन से उनमें सारे गुण पुरुषों की तरह थे। शिक्षक पद पर नौकरी लगने के बाद उन्होंने अपना लिंग परिवर्तन (जेंडर चेंज) कराने का फैसला लिया था।
उन्होंने बताया कि जेंडर बदलवाने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। परिवार के बाकी सदस्य का साथ मिला, लेकिन शुरुआत में उनकी मां फैसले के विरोध में थीं। बाद में उन्होंने भी साथ दिया। जेंडर बदलवाने से पहले उन्होंने काउंसलिंग का सहारा लिया।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में काउंसलिंग के बाद लखनऊ में हार्मोनल थेरेपी से उनके शरीर में परिवर्तन आ गए। इस प्रक्रिया के बाद उन्होंने साल 2021 में विशेषज्ञ चिकित्सकों से सर्जरी करवाई। ऑपरेशन के बाद सरिता उर्फ शरद की दाढ़ी-मूंछ भी आ गईं हैं। उन्होंने अपना जेंडर बदलवाने के लिए बीएसए कार्यालय में पत्राचार किया। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद उनकी सर्विस बुक में जेंडर बदल दिया गया है।