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ग्रामीण क्षेत्र में हाईटेंशन लाइनों पर ओवरलोडिंग से बढ़ी बिजली कटौती
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खेड़ा बझेड़ा में रखे फुके ट्रांसफार्म
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। भीषण गर्मी के दौर में बिजली की मांग बढ़ने से हाईटेंशन लाइनों पर ओवरलोडिंग हो रही है। इससे कहीं हाईटेंशन लाइनों के तार गर्म होकर जल रहे हैं तो कहीं खंभों पर लगे जंपर और ट्रांसफार्मरों के फ्यूज जल रहे हैं। लाइनों पर ट्रिपिंग से बार-बार बत्ती गुल होना आम बात हो गई इै। इसका ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। दो से तीन घंटे कटौती के बाद आपूर्ति के समय लाइन फाल्ट से हो रहे बिजली संकट के कारण लोग गर्मी में बिलबिला रहे हैं।
कुर्रिया कलां क्षेत्र के लगभग दो दर्जन से भी अधिक गांवों को चौहनापुर विद्युत उपकेंद्र से बिजली मिलती है। दिन भर कटौती के बाद शाम को बिजली आधा घंटा आती है, फिर एक घंटे के लिए गुल हो जाती है। रात 11-12 बजे के बाद ही बिजली आपूर्ति शुरू होती है, लेकिन उसके बाद ट्रिपिंग होने लगती है। जानकारी मांगने पर फाल्ट बता दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना आंधी के रोज फाल्ट कैसे संभव है। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को इसका संज्ञान लेना चाहिए, अन्यथा उन्हें धरना प्रदर्शन के लिये बाध्य होना पड़ेगा।
खुदागंज में बिजली आपूर्ति के नाम पर खिलवाड़
खुदागंज। दिन में दर्जनों बार बत्ती गुल हो रही है। रात में भी बार-बार बिजली जाने से लोगों को देर तक घरों के बाहर बैठना पड़ता है। व्यापार मंडल के इकाई अध्यक्ष कृपाशंकर रस्तोगी का कहना है कि जल्द विद्युत व्यवस्था नहीं सुधरी तो वह जनप्रतिनिधियों और विद्युत निगम के अभियंताओं से भेंटवार्ता करेंगे।
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परौर में कीलापुर फीडर बना मुसीबत
परौर। क्षेत्र में बिजली कटौती से आम जनता बेहद परेशान है। दिन भर गायब रहने के बाद रात आठ बजे से बिजली मिलती है, लेकिन उसमें भी कई बाधाएं खड़ी हो जाती हैं। बिजली कीलापुर फीडर से मिलती है, लेकिन उसकी लाइन लंबी होने के कारण आए दिन तकनीकी खराबी बनी रहती है। राजीव सिंह, धनपाल सिंह, मदन पाल सिंह, अर्पित कुशवाहा, अवधेश कुमार, ओमकार मिश्रा आदि ने बिजली कटौती रोकने की मांग की है।
बिजली संकट से बच्चे और बुजुर्ग परेशान
जैतीपुर। ग्रामीण क्षेत्र में इस समय गेहूं की फसल की कटाई चल रही है। इस कारण क्षेत्र में सुबह नौ बजे के बाद विद्युत आपूर्ति बंद कर दी जाती है। गन्ना की फसल में पानी लगाने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नवीन मिश्रा, सुधांशु, अमरजीत, अमरपाल, सुखविंदर, सुनील, लालू प्रसाद, गयाराम, डोरीलाल, उदयवीर, उमेश सिंह, ब्रजेंद्र मौर्य आदि के अनुसार रात मेें बिजली नहीं होने पर गर्मी के साथ मच्छर भी परेशान करते हैं।
तीसरे दिन भी नहीं बदला जला हुआ ट्रांसफार्मर
जैतीपुर। क्षेत्र के गांव खेड़ा बझेड़ा में तीन दिन पूर्व जले ट्रांसफार्मर को बदले नहीं जाने से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। गांव के सतवीर सिंह, राजीव गुप्ता, राशिद, शिवम, वीरपाल, सुखपाल, नरोत्तम, शिवनंदन, अमरपाल, सुखबीर, लखन प्रताप सिंह, आदित्य सिंह आदि ने कि गांव का ट्रांसफॉर्मर तीन दिन पहले जल गया था। उसे बदलवाने के लिए अभियंताओं को अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया।
गांवों को बेहद कम मिल रही बिजली
पुवायां। पुवायां नगर क्षेत्र में बिजली दिन में साढ़े 11 बजे जाने के बाद लगभग डेढ़ बजे आती है। दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से भी एक से डेढ़ घंटे की बिजली कटौती की जाती है। दो दिन से रात में भी एक से डेढ़ घंटे बिजली कटौती की जा रही है। कुल मिलाकर 14 से 15 घंटे बिजली नगर क्षेत्र को मिल रही है। पुवायां बिजली उप केंद्र के बसंतापुर और नभीची फीडर पर रात में मुश्किल से दो से तीन घंटे तक ही बिजली दी जाती है। शाम को पांच से छह बजे तक लाइट आ जाती है। लेकिन कुछ ही देर बाद कटौती शुरू हो जाती है। रात में तो कई घंटों तक कटौती रहती हैं।
बंडा के देहात क्षेत्र में बिजली बेहद कम मिल रही है। बिजली निगम के जेई का कहना है कि गेहूं की फसल की कटाई हो रही है। तेज हवा के कारण आग लगने का खतरा रहने के कारण दिन में बिजली सप्लाई बंद की जाती है।
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कुर्रिया कलां क्षेत्र के लगभग दो दर्जन से भी अधिक गांवों को चौहनापुर विद्युत उपकेंद्र से बिजली मिलती है। दिन भर कटौती के बाद शाम को बिजली आधा घंटा आती है, फिर एक घंटे के लिए गुल हो जाती है। रात 11-12 बजे के बाद ही बिजली आपूर्ति शुरू होती है, लेकिन उसके बाद ट्रिपिंग होने लगती है। जानकारी मांगने पर फाल्ट बता दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना आंधी के रोज फाल्ट कैसे संभव है। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को इसका संज्ञान लेना चाहिए, अन्यथा उन्हें धरना प्रदर्शन के लिये बाध्य होना पड़ेगा।
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खुदागंज में बिजली आपूर्ति के नाम पर खिलवाड़
खुदागंज। दिन में दर्जनों बार बत्ती गुल हो रही है। रात में भी बार-बार बिजली जाने से लोगों को देर तक घरों के बाहर बैठना पड़ता है। व्यापार मंडल के इकाई अध्यक्ष कृपाशंकर रस्तोगी का कहना है कि जल्द विद्युत व्यवस्था नहीं सुधरी तो वह जनप्रतिनिधियों और विद्युत निगम के अभियंताओं से भेंटवार्ता करेंगे।
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परौर में कीलापुर फीडर बना मुसीबत
परौर। क्षेत्र में बिजली कटौती से आम जनता बेहद परेशान है। दिन भर गायब रहने के बाद रात आठ बजे से बिजली मिलती है, लेकिन उसमें भी कई बाधाएं खड़ी हो जाती हैं। बिजली कीलापुर फीडर से मिलती है, लेकिन उसकी लाइन लंबी होने के कारण आए दिन तकनीकी खराबी बनी रहती है। राजीव सिंह, धनपाल सिंह, मदन पाल सिंह, अर्पित कुशवाहा, अवधेश कुमार, ओमकार मिश्रा आदि ने बिजली कटौती रोकने की मांग की है।
बिजली संकट से बच्चे और बुजुर्ग परेशान
जैतीपुर। ग्रामीण क्षेत्र में इस समय गेहूं की फसल की कटाई चल रही है। इस कारण क्षेत्र में सुबह नौ बजे के बाद विद्युत आपूर्ति बंद कर दी जाती है। गन्ना की फसल में पानी लगाने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नवीन मिश्रा, सुधांशु, अमरजीत, अमरपाल, सुखविंदर, सुनील, लालू प्रसाद, गयाराम, डोरीलाल, उदयवीर, उमेश सिंह, ब्रजेंद्र मौर्य आदि के अनुसार रात मेें बिजली नहीं होने पर गर्मी के साथ मच्छर भी परेशान करते हैं।
तीसरे दिन भी नहीं बदला जला हुआ ट्रांसफार्मर
जैतीपुर। क्षेत्र के गांव खेड़ा बझेड़ा में तीन दिन पूर्व जले ट्रांसफार्मर को बदले नहीं जाने से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। गांव के सतवीर सिंह, राजीव गुप्ता, राशिद, शिवम, वीरपाल, सुखपाल, नरोत्तम, शिवनंदन, अमरपाल, सुखबीर, लखन प्रताप सिंह, आदित्य सिंह आदि ने कि गांव का ट्रांसफॉर्मर तीन दिन पहले जल गया था। उसे बदलवाने के लिए अभियंताओं को अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया।
गांवों को बेहद कम मिल रही बिजली
पुवायां। पुवायां नगर क्षेत्र में बिजली दिन में साढ़े 11 बजे जाने के बाद लगभग डेढ़ बजे आती है। दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से भी एक से डेढ़ घंटे की बिजली कटौती की जाती है। दो दिन से रात में भी एक से डेढ़ घंटे बिजली कटौती की जा रही है। कुल मिलाकर 14 से 15 घंटे बिजली नगर क्षेत्र को मिल रही है। पुवायां बिजली उप केंद्र के बसंतापुर और नभीची फीडर पर रात में मुश्किल से दो से तीन घंटे तक ही बिजली दी जाती है। शाम को पांच से छह बजे तक लाइट आ जाती है। लेकिन कुछ ही देर बाद कटौती शुरू हो जाती है। रात में तो कई घंटों तक कटौती रहती हैं।
बंडा के देहात क्षेत्र में बिजली बेहद कम मिल रही है। बिजली निगम के जेई का कहना है कि गेहूं की फसल की कटाई हो रही है। तेज हवा के कारण आग लगने का खतरा रहने के कारण दिन में बिजली सप्लाई बंद की जाती है।