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Shahjahanpur News: सऊदी अरब में बहनोई की गिरफ्तारी का डर दिखाकर 1.75 लाख ठगे
Tue, 24 Dec 2024 12:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 24 Dec 2024 12:47 AM IST
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शाहजहांपुर। सऊदी अरब में नौकरी करने वाले बहनोई की गिरफ्तारी के बाद केस को रफा-दफा करने के नाम पर साइबर ठगों ने किसान से एक लाख 75 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित ने ऑनलाइन मुकदमा दर्ज कराने के साथ साइबर थाने में तहरीर दी है।
सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव चांदा निवासी प्रगतिशील किसान फैजान खां के बहनोई सऊदी अरब में कार्यरत हैं। रविवार की शाम करीब साढे़ सात बजे उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। उसने बताया कि उनके बहनोई को अपराध करने पर गिरफ्तार किया गया है। उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है। बातचीत के दौरान मारपीट की आवाजें भी आ रही थीं। यह सुनकर फैजान डर गए।
साइबर ठग ने फायदा उठाते हुए मुकदमा खत्म कराने के लिए तीन लाख रुपये की मांग की। उसने क्यूआर कोड भेजा। साथ ही एक नंबर भी उपलब्ध कराया। फैजान ने अपने व चाचा समीर के खाते से एक लाख 75 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 80 हजार रुपये भेजे। इस बीच उनके बहनोई की कॉल आ गई।
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उनसे बात करने पर माहौल सामान्य होने की जानकारी मिलने पर ठगी का अहसास हुआ। तब जैसे-तैसे संपर्क कर 80 हजार रुपये की धनराशि को होल्ड कराया गया। रविवार को मामले में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। साथ ही साइबर थाना प्रभारी रोहित सिंह को सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि मामला जानकारी में है। तहरीर आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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पूर्व में चाचा से भी हुआ था ठगी का प्रयास
-फैजान के चाचा आरिफ खां व्यापारी हैं और शहर के रंगीन चौपाल में रहते हैं। पूर्व में उनके साथ भी साइबर ठगों ने घटना का प्रयास किया था। उन्हें बेटे की गिरफ्तारी होने की जानकारी दी थी, जबकि उनका बेटा घर में पास में बैठा था। आरिफ ने बताया कि उनके पास आई कॉल के बाद भतीजे फैजान को साइबर ठगी से बचने को जागरुक किया था। लेकिन, साइबर ठगों ने ऐसा माहौल बनाया कि उनका भतीजा ठगी का शिकार हो गया।
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यह बरतें सावधानी
-किसी भी व्यक्ति की बातों में नहीं आए, एक बार स्वयं जांच लें।
-कोई भी जांच एजेंसी कॉल कर रुपये नहीं मांगती, कॉल आने पर थाने में नजदीकी थाने में शिकायत करें।
-अंजान व्यक्ति से वीडियो कॉल को रिसीव नहीं करें।
-अपनी निजी जानकारी को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर नहीं करें।
-कम से कम 45 दिन में अपना पासवर्ड को अवश्य बदल दें।
-अज्ञात ई-मेल में आए किसी भी अटैचमेंट को डाउनलोड करने से बचें
-कोई अफसर या थाना प्रभारी बनकर बात करें तो एक बार
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कोविड की तरह साइबर अपराध से किया जा रहा जागरूक
-कोविड-19 से बचाव की तरह एक बार फिर से कॉल करने पर रिंग में साइबर अपराध से बचने के लिए जागरुक किया जा रहा। संचार कंपनियों ने साइबर अपराध से बचाव को लेकर यह व्यवस्था लागू की गई। उसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं।
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सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव चांदा निवासी प्रगतिशील किसान फैजान खां के बहनोई सऊदी अरब में कार्यरत हैं। रविवार की शाम करीब साढे़ सात बजे उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। उसने बताया कि उनके बहनोई को अपराध करने पर गिरफ्तार किया गया है। उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है। बातचीत के दौरान मारपीट की आवाजें भी आ रही थीं। यह सुनकर फैजान डर गए।
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साइबर ठग ने फायदा उठाते हुए मुकदमा खत्म कराने के लिए तीन लाख रुपये की मांग की। उसने क्यूआर कोड भेजा। साथ ही एक नंबर भी उपलब्ध कराया। फैजान ने अपने व चाचा समीर के खाते से एक लाख 75 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 80 हजार रुपये भेजे। इस बीच उनके बहनोई की कॉल आ गई।
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उनसे बात करने पर माहौल सामान्य होने की जानकारी मिलने पर ठगी का अहसास हुआ। तब जैसे-तैसे संपर्क कर 80 हजार रुपये की धनराशि को होल्ड कराया गया। रविवार को मामले में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। साथ ही साइबर थाना प्रभारी रोहित सिंह को सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि मामला जानकारी में है। तहरीर आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व में चाचा से भी हुआ था ठगी का प्रयास
-फैजान के चाचा आरिफ खां व्यापारी हैं और शहर के रंगीन चौपाल में रहते हैं। पूर्व में उनके साथ भी साइबर ठगों ने घटना का प्रयास किया था। उन्हें बेटे की गिरफ्तारी होने की जानकारी दी थी, जबकि उनका बेटा घर में पास में बैठा था। आरिफ ने बताया कि उनके पास आई कॉल के बाद भतीजे फैजान को साइबर ठगी से बचने को जागरुक किया था। लेकिन, साइबर ठगों ने ऐसा माहौल बनाया कि उनका भतीजा ठगी का शिकार हो गया।
यह बरतें सावधानी
-किसी भी व्यक्ति की बातों में नहीं आए, एक बार स्वयं जांच लें।
-कोई भी जांच एजेंसी कॉल कर रुपये नहीं मांगती, कॉल आने पर थाने में नजदीकी थाने में शिकायत करें।
-अंजान व्यक्ति से वीडियो कॉल को रिसीव नहीं करें।
-अपनी निजी जानकारी को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर नहीं करें।
-कम से कम 45 दिन में अपना पासवर्ड को अवश्य बदल दें।
-अज्ञात ई-मेल में आए किसी भी अटैचमेंट को डाउनलोड करने से बचें
-कोई अफसर या थाना प्रभारी बनकर बात करें तो एक बार
कोविड की तरह साइबर अपराध से किया जा रहा जागरूक
-कोविड-19 से बचाव की तरह एक बार फिर से कॉल करने पर रिंग में साइबर अपराध से बचने के लिए जागरुक किया जा रहा। संचार कंपनियों ने साइबर अपराध से बचाव को लेकर यह व्यवस्था लागू की गई। उसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं।