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Shahjahanpur News: लिपुलेख-भिंड हाईवे के किनारे जेसीबी से हटाए गए अवैध कब्जे
सार
कांट नगर सीमा में लिपुलेख-भिंड हाईवे के किनारे अवैध कब्जे लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी से हटवा दिए। इस कार्रवाई से हाईवे चौड़ीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रशासन ने आगे भी सख्ती से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी है।
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कांट में हाईवे के किनारे से अतिक्रमण हटाती जेसीबी। संवाद
- फोटो : mathura
विस्तार
कांट। लिपुलेख-भिंड हाईवे पर नगर सीमा में सड़क के किनारे तक किए गए अवैध कब्जे बृहस्पतिवार को लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी से हटवा दिए। इसके साथ ही नगर सीमा में हाईवे के चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया। अब इसी हाईवे पर अन्य स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
बरेली मोड़ से लेकर जलालाबाद के याकूबपुर तिराहा तक हाईवे को फोरलेन बनाने की सरकार से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन तीन वर्ष पहले शुरू हुआ यह काम कई कारणों से अब तक पूरा नहीं हो सका है। हाईवे के किनारे खड़े पुराने वृक्ष काटने की वन विभाग से मंजूरी नहीं मिलने से एक वर्ष तक यह काम रुका रहा।
बाद में चौड़ीकरण का काम शुरू होने पर अवैध कब्जों से रुकावट पड़ने लगी। अतिक्रमण हटाने से पहले लोक निर्माण विभाग ने अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी कर हाईवे के दोनों ओर 60-60 फुट जगह खाली कर अपने कब्जे स्वत: हटाने के निर्देश दिए। नगर सीमा में कुछ लोगों ने अपने कब्जे हटा लिए, लेकिन अन्य तमाम लोगों ने अतिक्रमण किए रखे।
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प्रशासन ने सख्ती की तो व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने के लिए मोहलत मांगी, लेकिन कब्जे नहीं हटने पर करीब 200 लोगों को दोबारा नोटिस जारी हुए। इस बीच, लोक निर्माण विभाग ने पिपरौला के पास हाईवे के किनारे से अतिक्रमण हटा दिया। साथ ही अवैध कब्जों के चिह्नित ठिकानों पर तीसरा नोटिस चस्पा कर कब्जेदारों को चेतावनी दी कि अपने कब्जे 22 सितंबर तक हटा लें, अन्यथा उनके अतिक्रमण जेसीबी से ध्वस्त कराकर इस पर होने वाला व्यय भी वसूल किया जाएगा।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को लोनिवि, राजस्व विभाग और नगर पंचायत की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर हाईवे के किनारे पहुंची और पुलिस की मौजूदगी में अस्थायी कब्जे ध्वस्त कराकर हटा दिए।
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बरेली मोड़ से जलालाबाद के याकूबपुर तिराहा तक लिपुलेख-भिंड हाईवे का चौड़ीकरण होना है, लेकिन कई जगह अतिक्रमण के कारण इस काम में रुकावट पड़ रही थी। यह काम जल्द कराने के लिए अतिक्रमण हटाया गया। जनहित में जहां भी जरूरी होगा, वहां सख्ती से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
-जोगेंद्र गंगवार, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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बरेली मोड़ से लेकर जलालाबाद के याकूबपुर तिराहा तक हाईवे को फोरलेन बनाने की सरकार से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन तीन वर्ष पहले शुरू हुआ यह काम कई कारणों से अब तक पूरा नहीं हो सका है। हाईवे के किनारे खड़े पुराने वृक्ष काटने की वन विभाग से मंजूरी नहीं मिलने से एक वर्ष तक यह काम रुका रहा।
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बाद में चौड़ीकरण का काम शुरू होने पर अवैध कब्जों से रुकावट पड़ने लगी। अतिक्रमण हटाने से पहले लोक निर्माण विभाग ने अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी कर हाईवे के दोनों ओर 60-60 फुट जगह खाली कर अपने कब्जे स्वत: हटाने के निर्देश दिए। नगर सीमा में कुछ लोगों ने अपने कब्जे हटा लिए, लेकिन अन्य तमाम लोगों ने अतिक्रमण किए रखे।
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प्रशासन ने सख्ती की तो व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने के लिए मोहलत मांगी, लेकिन कब्जे नहीं हटने पर करीब 200 लोगों को दोबारा नोटिस जारी हुए। इस बीच, लोक निर्माण विभाग ने पिपरौला के पास हाईवे के किनारे से अतिक्रमण हटा दिया। साथ ही अवैध कब्जों के चिह्नित ठिकानों पर तीसरा नोटिस चस्पा कर कब्जेदारों को चेतावनी दी कि अपने कब्जे 22 सितंबर तक हटा लें, अन्यथा उनके अतिक्रमण जेसीबी से ध्वस्त कराकर इस पर होने वाला व्यय भी वसूल किया जाएगा।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को लोनिवि, राजस्व विभाग और नगर पंचायत की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर हाईवे के किनारे पहुंची और पुलिस की मौजूदगी में अस्थायी कब्जे ध्वस्त कराकर हटा दिए।
बरेली मोड़ से जलालाबाद के याकूबपुर तिराहा तक लिपुलेख-भिंड हाईवे का चौड़ीकरण होना है, लेकिन कई जगह अतिक्रमण के कारण इस काम में रुकावट पड़ रही थी। यह काम जल्द कराने के लिए अतिक्रमण हटाया गया। जनहित में जहां भी जरूरी होगा, वहां सख्ती से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
-जोगेंद्र गंगवार, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग