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Shahjahanpur News: ग्रामीणों के धरना देने पर मरघट की जमीन से हटाए अवैध कब्जे
Wed, 04 Dec 2024 01:21 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 04 Dec 2024 01:21 PM IST
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जलालाबाद तहसील प्रांगण में धरने पर बैठे भारतीय बजरंग दल के कार्यकर्ता व ग्रामीण। संवाद
जलालाबाद। गांव रौली बौरी में मरघट की जमीन से अवैध कब्जे हटवाने के लिए कई बार शिकायत हुई। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने पर भारतीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील प्रांगण में ग्रामीणों के साथ धरना दिया। बाद में तहसीलदार पैगाम हैदर ने जेसीबी के साथ राजस्व टीम गांव भेजकर अवैध कब्जे हटवा दिए।
रौली बौरी में मरघट के नाम से करीब 14 बीघा जमीन है। बताते हैं कि करीब दो दशक पहले कुछ लोगों ने हेराफेरी से राजस्व अभिलेखों में यह जमीन आबादी भूमि के तौर पर दर्ज कराकर ग्रामीणों को पट्टे कर दिए गए। बाद में गांव के अन्य लोगों ने भी इसी जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। अवैध कब्जों को लेकर ग्राम प्रधान सहित अन्य ग्रामीण प्रशासन से लगातार शिक़ायतें करते रहे। कोई सुनवाई नहीं होने पर भारतीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने डीएम की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में ज्ञापन दिया, लेकिन कार्रवाई लंबित रही।
भारतीय बजरंग दल कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने पर उन्होंने मंगलवार को धरना शुरू कर दिया। जानकारी पाकर धरना स्थल पर वार्ता को पहुंचे तहसीलदार पैगाम हैदर व सीओ अजय राय की आंदोलनकारियों से तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन ग्रामीण अवैध कब्जे नहीं हटने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े रहे। उनके तेवर देख तहसीलदार ने आनन-फानन राजस्व कर्मियों की टीम गठित कर मौके पर भेजा। सीओ ने अपने सामने जमीन की नापजोख कराने के बाद जेसीबी से अवैध कब्जे हटवाने शुरू करवाए। हालांकि, मौके पर मौजूद स्थाई कब्जों को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका।
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रौली बौरी में मरघट के नाम से करीब 14 बीघा जमीन है। बताते हैं कि करीब दो दशक पहले कुछ लोगों ने हेराफेरी से राजस्व अभिलेखों में यह जमीन आबादी भूमि के तौर पर दर्ज कराकर ग्रामीणों को पट्टे कर दिए गए। बाद में गांव के अन्य लोगों ने भी इसी जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। अवैध कब्जों को लेकर ग्राम प्रधान सहित अन्य ग्रामीण प्रशासन से लगातार शिक़ायतें करते रहे। कोई सुनवाई नहीं होने पर भारतीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने डीएम की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में ज्ञापन दिया, लेकिन कार्रवाई लंबित रही।
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भारतीय बजरंग दल कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने पर उन्होंने मंगलवार को धरना शुरू कर दिया। जानकारी पाकर धरना स्थल पर वार्ता को पहुंचे तहसीलदार पैगाम हैदर व सीओ अजय राय की आंदोलनकारियों से तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन ग्रामीण अवैध कब्जे नहीं हटने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े रहे। उनके तेवर देख तहसीलदार ने आनन-फानन राजस्व कर्मियों की टीम गठित कर मौके पर भेजा। सीओ ने अपने सामने जमीन की नापजोख कराने के बाद जेसीबी से अवैध कब्जे हटवाने शुरू करवाए। हालांकि, मौके पर मौजूद स्थाई कब्जों को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका।
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