{"_id":"6ac2802ff31a8946640a2eb5","slug":"illegal-arms-factory-operating-in-a-dilapidated-house-busted-two-arrested-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1036-186516-2026-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: खंडहर मकान में चल रही शस्त्र फैक्टरी पकड़ी, दो गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: खंडहर मकान में चल रही शस्त्र फैक्टरी पकड़ी, दो गिरफ्तार
विज्ञापन
निगोही पुलिस की गिरफ्त में अवैध असलाह बनाने के आरोपी। स्रोत: पुलिस
निगोही। थाना पुलिस ने गांव मिलकिया के पूरब स्थित खंडहर मकान में चल रही अवैध शस्त्र फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से अवैध असलहा बनाते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से तमंचे, कारतूस, ड्रिल मशीन समेत शस्त्र बनाने का सामान बरामद किया गया।
एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार रात पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से खंडहर मकान में शस्त्र फैक्टरी संचालित होने की सूचना मिली। पुलिस ने गांव मिलकिया के पूरब में स्थित मकान में दबिश दी। पुलिस को देखते ही अंदर असलहा बना रहे युवक भागने लगे। घेराबंदी कर पुलिस ने भटपुरा मिश्र निवासी संतोष कुमार और घनश्यामपुर निवासी अनिल सिंह को पकड़ लिया।
तलाशी में चार तमंचे, कारतूस, ड्रिल मशीन और असलहा बनाने के अन्य उपकरण बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे कबाड़ी की दुकानों और आरा मशीनों से सामान जुटाकर तमंचों के पुर्जे तैयार करते थे। सुनसान स्थानों पर असलहा तैयार करने के बाद उन्हें होटल-ढाबों पर रुकने वाले ट्रक चालकों के जरिये तीन से पांच हजार रुपये में बेचते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार रात पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से खंडहर मकान में शस्त्र फैक्टरी संचालित होने की सूचना मिली। पुलिस ने गांव मिलकिया के पूरब में स्थित मकान में दबिश दी। पुलिस को देखते ही अंदर असलहा बना रहे युवक भागने लगे। घेराबंदी कर पुलिस ने भटपुरा मिश्र निवासी संतोष कुमार और घनश्यामपुर निवासी अनिल सिंह को पकड़ लिया।
विज्ञापन
तलाशी में चार तमंचे, कारतूस, ड्रिल मशीन और असलहा बनाने के अन्य उपकरण बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे कबाड़ी की दुकानों और आरा मशीनों से सामान जुटाकर तमंचों के पुर्जे तैयार करते थे। सुनसान स्थानों पर असलहा तैयार करने के बाद उन्हें होटल-ढाबों पर रुकने वाले ट्रक चालकों के जरिये तीन से पांच हजार रुपये में बेचते थे।
विज्ञापन